उत्तर प्रदेश के पिलिभीत जिला के शिक्षा विभाग में तैनात एक चपरासी इल्हाम-उर-रहमान शम्सी ने सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि शम्सी ने फर्जी तरीके से बैंक खातों के जरिए करीब 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी की।
53 बैंक खाते से करोड़ों की हेराफेरी
जानकारी के मुताबिक, शम्सी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात था। उस पर आरोप है कि उसने 53 बैंक खातों का इस्तेमाल कर सरकारी वेतन फंड से करीब 98 फर्जी ट्रांजैक्शन किए। इन ट्रांजैक्शनों के लिए उसने नकली लाभार्थी तैयार किए और सरकारी पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया।
जाँच में यह भी सामने आया कि उसने अपनी बेगम को फर्जी तरीके से शिक्षक के पद पर नियुक्त कराया। इसके बाद करीब 1 करोड़ से ज्यादा की रकम अपनी बेगम के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया और बाकी रकम अन्य कई खातों में भेजी गई।
इस मामले का खुलासा फरवरी में हुआ, जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने DM को संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन ने जाँच शुरू की और DIOS कार्यालय से शिकायत दर्ज कराई गई। इसी आधार पर पीलीभीत कोतवाली पुलिस ने शम्सी और उसकी पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज की।
पुलिस ने उसकी पत्नी अरशी खातून को भी गिरफ्तार कर लिया है। सभी संदिग्ध बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और पैसों के पूरे लेन-देन की जाँच की जा रही है। पूछताछ में शम्सी ने दो क्लर्कों पर भी आरोप लगाए हैं, हालाँकि दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

