उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हिंदू कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले की जाँच के बीच पुलिस ने आरोपित चाँदनी कुरैशी के फुफेरे भाई और समाजवादी पार्टी के नेता तौफीक कुरैशी उर्फ भोला को गिरफ्तार किया है। तौफीक के पास से पुलिस ने आयुष मलिक और चांदनी कुरैशी से जुड़ा एक निकाहनामा भी बरामद किया है।
आज दिनांक 13.06.2026 को पुलिस अधीक्षक शामली श्री एन0पी0 सिंह के निर्देशन में #ShamliPolice द्वारा :-
— Shamli police (@PoliceShamli) June 13, 2026
➡️ जबरन धर्मांतरण कराने में 01
➡️ अवैध हथियार 01
➡️ चोरी में 02
➡️ वाहन चोरी में 02
➡️ वारंटी 02
कुल 08 अभियुक्तगण गिरफ्तार किये गये है। #uppolice pic.twitter.com/RdrN01BiOJ
पुलिस अब उस निकाहनामे की वैधता और तैयार किए जाने की परिस्थितियों की अब कानूनी जाँच की जा रही है। तौफीक को सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और इकरा हसन के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी का नेता बताया जा रहा है। तौफीक पर धर्मांतरण की योजना में सहयोग करने और आयुष के परिवार को जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
बिग ब्रेकिंग ::- उत्तर प्रदेश के शामली में हिंदू जाट युवक आयुष मलिक के धर्मांतरण में समाजवादी पार्टी शामिल
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) June 13, 2026
समाजवादी पार्टी का नेता तौफीक कुरैशी मुख्य आरोपी निकला जिसे आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
यह तौफीक कुरैशी समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की राज्य कार्यकारिणी का… pic.twitter.com/BrS3mjzZzR
यह मामला 6 जून 2026 को दर्ज शिकायत के बाद सामने आया था, जिसमें मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक ने बताया था कि पिछले 5 साल से लगातार उनके बेटे आयुष से चाँदनी और उसका परिवार भी आयुष से मोटी रकम हड़प चुका है, इसी पैसों से वो अपना घर भी बनवा चुके हैं।
आयुष के पिता ने आरोप लगाया था कि साजिश के तहत कारोबारी के बेटे आयुष को फँसाया गया है, इसके पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया था। आयुष के पिता की शिकायत पर पुलिस ने एक मौलवी सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी के तहत मामला दर्ज किया था। अब तक चाँदनी कुरैशी, उसके अब्बा इस्लाम कुरैशी और अब तौफीक कुरैशी समेत 3 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बचे हुए आरोपितों की तलाश की जा रही है।
मामले का खुलासा बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज के वीडियो के बाद हुआ था।

