पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में TMC दफ्तर से सफेद साड़ियों के भारी तादाद में बंडल बरामद हुए हैं। इस खुलासे के बाद बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। बीजेपी (BJP) ने आरोप लगाया है कि ये साड़ियाँ कोई उपहार नहीं, बल्कि विपक्षी कार्यकर्ताओं की पत्नियों को ‘विधवा’ करने और उन्हें मौत का खौफ दिखाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं।
सफेद साड़ी: आतंक और ‘विधवा’ बनाने की साजिश
बंगाल की संस्कृति में सफेद साड़ी को विधवा महिलाएँ पहनती हैं। आरोप है कि TMC ने इसे राजनीति में ‘मौत की धमकी’ का औजार बना लिया है। संदेशखाली की महिलाओं का दावा है कि चुनाव से पहले उन्हें सफेद साड़ी, अगरबत्ती और फूल भेजे जाते हैं। इसका सीधा और डरावना संदेश होता है कि ‘अपने पति की अंतिम यात्रा की तैयारी कर लो।’ यह महिलाओं को मानसिक रूप से तोड़ने और उनके सुहाग को छीनने की एक क्रूर धमकी है।
🚨 FEMALE BJP WORKER: “Before the results, I received a white saree along with a threatening letter.”
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) May 8, 2026
“They were saying that TMC would remain in power forever & they would see us after 4th May” 😳
“I am very thankful to God that TMC lost and BJP won.”
pic.twitter.com/hpQ3jgAff3 https://t.co/ICqJiHVu1J
अगरबत्ती और धमकी भरे पत्र का खेल
सिर्फ साड़ी ही नहीं, बल्कि पैकेट में अगरबत्ती और फूल भी भेजे जाते हैं, जो अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होते हैं। BJP कार्यकर्ताओं के अनुसार, TMC के गुंडे इन सामानों के साथ पत्र भी भेजते हैं जिसमें लिखा होता है, ‘4 मई के बाद देख लेंगे।’ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है, जहाँ विपक्षी महिलाओं को यह एहसास कराया जाता है कि अगर उन्होंने TMC का विरोध किया, तो उन्हें सफेद साड़ी पहननी पड़ेगी।
Feb 2026, BJP worker in Birbhum received White Saree, Sweets, Flower and Agarbatti.
— TarkKshatriya (@OpJakharBeyoung) May 7, 2026
(Hinting he will be killed and his wife will become widow) https://t.co/RTqmLBO6Rg pic.twitter.com/kKv11ESH1X
TMC के चरित्र पर गंभीर सवाल
कार्यालय से सफेद साड़ियों के बंडल मिलना TMC की उस रणनीति को उजागर करता है, जहाँ सत्ता बचाने के लिए ‘डर’ को सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है। पंचायत चुनावों के दौरान भी महिलाओं ने शिकायत की थी कि उन्हें वोट डालने से रोकने के लिए उनके घरों के बाहर ‘अंतिम संस्कार’ का सामान फेंक दिया गया था। यह TMC के उस चरित्र को दिखाता है जहाँ लोकतंत्र की जगह ‘सफेद साड़ी’ वाले आतंक का राज चलाने की कोशिश की जा रही है।
साजिश का खुलासा और बढ़ता विरोध
अब जब TMC दफ्तर से ही ये साड़ियाँ मिली हैं, तो विपक्ष इसे एक सुनियोजित ‘डेथ वारंट’ बता रहा है। संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं का कहना है कि TMC महिलाओं की सुरक्षा की बात तो करती है, लेकिन पर्दे के पीछे उन्हें ही विधवा बनाने और डराने की साजिश रचती है। इस घटना के बाद बंगाल के कोने-कोने में TMC के इस ‘सफेद एजेंडे’ के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

