Friday, January 22, 2021
Home विचार मीडिया हलचल फ़ेक न्यूज़ का भस्मासुर अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है

फ़ेक न्यूज़ का भस्मासुर अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है

जिस फ़ेक न्यूज़ को मीडिया ने ही शुरू किया हो उसका इल्ज़ाम किसी और पर थोपना कौन सी बड़ी बात है? हाँ ये जरूर कहा जा सकता है कि जिस भस्मासुर को उन्होंने पैदा किया वो अब उनके नियंत्रण से बाहर हो गया है।

सर्फ़ कहते ही आपको “दाग अच्छे हैं” याद आ जायेगा, या इसका उल्टा “जस्ट डू इट” कहते ही आपको Nike की याद आ जाती है। इस चीज़ को टैगलाइन कहते हैं। कंपनी अपने प्रचार के लिए बड़ी मेहनत से टैगलाइन बनवाती है, प्रचार की कंपनी में ऐसे टैगलाइन लिखने वालों को कॉपी राइटर कहते हैं।

इस टैगलाइन नाम की प्रचार की विधा पर 1980 के आस पास अख़बार वालों का ध्यान चला गया तो उन्होंने इसकी सस्ती नक़ल कर ली। जिसे काफी पढ़ाई कर के, लिखने की काफी प्रैक्टिस कर के सीखा जाता है उसे मीडिया हाउस में बिना सोचे टीआरपी के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा।

सन 1980 के ज़माने में ऐसा नहीं होता था। अप्रैल 15, 1983 को न्यूयॉर्क टाइम्स में एक बार मालिक की हत्या की खबर छपी तो हेडलाइन थी: “Owner of a Bar Shot to Death; Suspect is Held”, और इसी दिन एक दूसरे अख़बार न्यूयॉर्क पोस्ट में यही खबर आई तो उसमें हेडलाइन थी “Headless body in Topless Bar”।

ख़बर कुछ यूँ थी की कुईन्स नाम की जगह पर एक हथियारबंद व्यक्ति ने बार मालिक की हत्या कर दी थी और बार के ही एक बंधक से जबरन उसका सर कटवा लिया था। दूसरे अख़बारों ने जहाँ टॉपलेस बार और सर काटने कि बातों का फायदा नहीं उठाया वहीँ इस एक हैडलाइन ने न्यूयॉर्क पोस्ट को चमका दिया। नैतिकता और ज़िम्मेदारी जैसी उबाऊ बातें फिर किसे याद रहती? इस तरह से हैडलाइन को “क्रांतिकारी” बनाने की विधा शुरू हुई।

आगे जब न्यूयॉर्क के मेयर ने पार्कों और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीने पर पाबन्दी लगाने की मुहिम शुरू की तो लिखा गया: “कोच किक्स बट” (Koch kicks Butt)। “बट” का एक मतलब सिगरेट पीने के बाद बची हुई टोंटी भी होती है। गद्दाफी की पत्नी ने उस पायलट को मार देने की कसम खाई थी जिसने उनके बंगले पर बम गिराया था। कैमरे पर बोलते वक्त उस लड़की ने केप पहना था तो अख़बार में आया “कर्स ऑफ़ द केपवुमन” (Curse of the Capewoman)!

जब 1984 में वेल्मा बारफील्ड (Margie Velma Barfield) को मौत की सजा हुई तो वो अपने सोने जाने वाले कपड़ों में मौत का इंजेक्शन लेने गई। अखबार ने लिखा “ग्रेन्नी एग्जीक्यूटेड इन हर पिंक पजामाज़” (Granny Executed in Her Pink Pajamas)। प्रदूषित तीतरों के लिए हैडलाइन थी “बिग फ्लैप ओवर फ़ाउल टर्कीज़” (Big Flap over Foul Turkeys)। अपने समय में विन्सेंट ने ऐसी ही जाने कितनी भड़काऊ हैडलाइन लिखी। उनकी नकल में उतरे भारतीय सरस्वती चंदरों ने टीआरपी के लिए ऐसी हेडलाइन लिखनी शुरू की जिनका मुख्य खबर से कोई लेना देना ही नहीं होता।

इंडिया टुडे जैसे प्रकाशनों से शुरू हुई ये व्यवस्था प्रचलित अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में आई। अब तो इसमें द हिन्दू, जनसत्ता और इंडियन एक्सप्रेस जैसे तथाकथित विचारधारा वाले अखबार भी शामिल हैं। जून 2015 में, कैंसर की वजह से न्यूयॉर्क में 74 वर्षीय विन्सेंट मुसेट्टो की मौत हो गई। हमारे टीआरपी खोर मीडियाकर्मियों ने भड़काऊ हैडलाइन के जनक को श्रद्धांजलि दी या नहीं पता नहीं। हाँ ये जरूर है कि जहाँ ऊपर कुछ और लगे लेकिन असली मसला कुछ और उसे “फ़ेक न्यूज़” का नाम जरूर दे दिया गया है।

ऐसे मौकों पर रामधारी सिंह “दिनकर” की कर्ण के मुँह से कहलवाई कुछ पंक्तियाँ जरूर याद आती हैं –
“वृथा है पूछना, था दोष किसका?
खुला पहले गरल का कोष किसका?
जहर अब तो सभी का खुल रहा है,
हलाहल से हलाहल धुल रहा है।”

ये एक पुरानी गोएब्बेल्स पद्धति रही है कि अपराध खुद करो लेकिन उसका आरोप विपक्षी पर थोप दो। कई हिंसक विचारधाराओं ने ऐसे गोएब्बेल्स प्रचार का इस्तेमाल हमेशा से अपने पक्ष में किया है। ऐसे में जिस “फ़ेक न्यूज़” को उन्होंने खुद ही शुरू किया हो उसका इल्जाम किसी और पर थोपना उनके लिए कौन सी बड़ी बात होती? हाँ ये जरूर कहा जा सकता है कि जिस भस्मासुर को उन्होंने पैदा किया वो अब उनके नियंत्रण से बाहर हो गया है।

बाकी ऐसे में सवाल ये बनता है कि ज्यादा दिक्कत किस बात से है? न्यूज़ के फ़ेक हो जाने से या उस फ़ेक न्यूज़ के तुम्हारे नियंत्रण में न रह जाने से? बताओ न कॉमरेड, बताओ बताओ!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमने रिस्क लिया, आलोचना झेली तभी स्वदेशी वैक्सीन आज दुनिया को सुरक्षा कवच दे रही है: दीक्षांत समारोह में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के तेजपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया।

जब एयरपोर्ट, उद्योग, व्यापार आदि सरकार के हाथ में नहीं, तो फिर मंदिरों पर नियंत्रण कैसे: सद्गुरु

"हम चाहते हैं कि सरकार को एयरलाइंस, उद्योग, खनन, व्यापार का प्रबंधन नहीं करना चाहिए, लेकिन फिर यह कैसे है कि सरकार द्वारा पवित्र मंदिरों का प्रबंधन किया जा सकता है।"

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
- विज्ञापन -

 

हमने रिस्क लिया, आलोचना झेली तभी स्वदेशी वैक्सीन आज दुनिया को सुरक्षा कवच दे रही है: दीक्षांत समारोह में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के तेजपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया।

कॉन्ग्रेस के भूपेश बघेल सरकार द्वारा संचालित शेल्टर होम की 3 महिलाओं ने लगाया रेप का आरोप, संचालक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भूपेश बघेल सरकार द्वारा संचालित एक शेल्टर होम में 3 महिलाओं के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रबंधक को वहाँ की एक महिला से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जब एयरपोर्ट, उद्योग, व्यापार आदि सरकार के हाथ में नहीं, तो फिर मंदिरों पर नियंत्रण कैसे: सद्गुरु

"हम चाहते हैं कि सरकार को एयरलाइंस, उद्योग, खनन, व्यापार का प्रबंधन नहीं करना चाहिए, लेकिन फिर यह कैसे है कि सरकार द्वारा पवित्र मंदिरों का प्रबंधन किया जा सकता है।"

भारत की कोविड वैक्सीन के लिए दुनिया के करीब 92 देश बेताब: भेजी गई म्यांमार, सेशेल्स और मारीशस की डोज

वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के बाद से भारत में इसके बहुत ही कम साइड इफ़ेक्ट देखे गए है। वहीं दुनिया के करीब 92 देशों ने भारत की कोवैक्सीन और कोविशील्ड मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन की माँग की है।

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

कर्नाटक: शिवमोगा में विस्फोटक ले जा रही लॉरी में धमाका, 8 लोगों की मौत

कर्नाटक के शिवमोगा में बृहस्पतिवार रात एक रेलवे क्रशर साइट पर हुए डायनामाइट विस्फोट में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe