कश्मीर में ‘रिलिजियस आइडेंटिटी’ पर नहीं, तुम्हारी राजनैतिक थेथरई पर खतरा है

अलगाववादी नेता कश्मीरी पंडितों का 5000 साल पुराना इतिहास भूल जाते हैं। इन्हें हिन्दुओं की रिलिजियस आइडेंटिटी याद नहीं आती जब हरि पर्वत का नाम बदल कर कोह-ए-मारान और शंकराचार्य पहाड़ी का नाम बदल कर तख़्त-ए-सुलेमान रख दिया जाता है।

जब से NIA ने अलगाववादी मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ पर शिकंजा कसा है तब से कश्मीर में मज़हबी तंज़ीमों ने हल्ला करना शुरू कर दिया है। खबर है कि शिया सुन्नी सलाफ़ी सूफ़ी सब अपनी दुश्मनी भुलाकर सरकार के विरोध में खड़े हो गए हैं। मीरवाइज़ की हिम्मत इतनी बढ़ी हुई है कि उसने जाँच एजेंसी के सम्मुख उपस्थित होने से ही मना कर दिया।

इस प्रकरण के बीच महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि NIA द्वारा मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ को समन जारी किया जाना कश्मीर की ‘रिलिजियस आइडेंटिटी’ पर हमला है। हालाँकि यह भी सच है कि मीरवाइज़ पर केस पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार के समय ही दर्ज़ हुआ था। इसलिए महबूबा के घड़ियाली ऑंसू मौकापरस्त राजनीति से अधिक कुछ भी नहीं हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि आज सभी कश्मीरी नेताओं को अपनी रिलिजियस आइडेंटिटी खोने का खतरा सता रहा है। यह सिद्ध करता है कि आज तक कश्मीर में नेताओं ने मज़हबी राजनीति ही की है। फिर चाहे वह 1963 में हज़रतबल दरगाह से बाल गायब होने के बाद तत्कालीन मीरवाइज़ मौलवी फ़ारूक़ और ख्वाजा शम्सुद्दीन द्वारा की गई राजनीति हो या सलमान रूश्दी की किताब के विरोध में की गई हिंसा। विक्टिम कार्ड हमेशा इस्लामी रिलिजियस आइडेंटिटी को लेकर ही खेला जाता है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अपनी रिलिजियस आइडेंटिटी और श्रीनगर की जामिया मस्जिद का तीन सौ साल पुराना इतिहास याद करने वाले अलगाववादी नेता कश्मीरी पंडितों का 5000 साल पुराना इतिहास भूल जाते हैं। इन्हें हिन्दुओं की रिलिजियस आइडेंटिटी याद नहीं आती जब हरि पर्वत का नाम बदल कर कोह-ए-मारान और शंकराचार्य पहाड़ी का नाम बदल कर तख़्त-ए-सुलेमान रख दिया जाता है। इसी प्रकार अनंतनाग को इस्लामाबाद कहने की प्रथा चल पड़ी है। कश्मीर में स्थानों के हिन्दू नाम बदल कर इस्लामी आइडेंटिटी थोपने का काम वहाँ की सरकारों ने सोची समझी साजिश के तहत किया है।

राहुल पंडिता अपनी पुस्तक Our Moon Has Blood Clots में पुराने जमाने में पंडितों को जलील करने के तरीकों के बारे में लिखते हैं। कश्मीरी पंडित के सर पर मल से भरा घड़ा रख दिया जाता था और लड़के उसपर पत्थर मारते थे। शायद महबूबा मुफ़्ती को इन सबका ज्ञान नहीं इसीलिए वे अपनी कौम की रिलिजियस आइडेंटिटी की चिंता करती हैं लेकिन हिन्दू आइडेंटिटी भूल जाती हैं।

कश्मीर में इस्लामी रिलिजियस आइडेंटिटी पर खतरे की रट लगाने वाले यह भूल जाते हैं कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर हिन्दू आइडेंटिटी का प्रतीक था जिसे इस्लामी शासक ने तोड़ा था। इसी प्रकार कश्मीर में स्वतंत्रता के बाद भी सैकड़ों मंदिर तोड़े गए जिनका कोई हिसाब नहीं। किसी स्थान की हिन्दू आइडेंटिटी को चरणबद्ध तरीके से मिटाना और उसके बाद अपनी आइडेंटिटी को लेकर दिनरात विक्टिम कार्ड खेलना थेथरई का अजब नमूना है।

कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर देश ने कभी किसी रिलिजियस आइडेंटिटी को ऊपर नहीं माना है। क्या महबूबा मुफ़्ती यह भूल गईं कि एक मर्डर केस में कांची के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती को आधी रात में पुलिस ने उठवा लिया था। उस समय यदि रिलिजियस आइडेंटिटी के नाम पर पूरे देश का हिन्दू समाज खड़ा हो जाता तो क्या होता इसकी कल्पना करना कठिन है।

किन्तु हिन्दू एक सहनशील कौम है इसलिए बार-बार उत्पीड़न होने पर भी शांत रहता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंदिरा गाँधी ने स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन करने की भी इजाज़त दे डाली थी। यदि उस समय सिख रिलिजियस आइडेंटिटी का ख्याल रखा जाता तो पंजाब में आतंकवाद और अलगाववाद कभी खत्म ही नहीं होता।    

कश्मीर में अलगाववादियों पर प्रतिबंध, गिरफ़्तारी और खाते सीज़ करने पर उठी बिलबिलाहट का ही नतीजा है कि आज महबूबा को रिलिजियस आइडेंटिटी याद आ रही है। उन्हें याद नहीं है कि पूरे जम्मू कश्मीर राज्य की रिलिजियस आइडेंटिटी मुस्लिम नहीं है, उसमें सिख, हिन्दू, बौद्ध, दरदी, बल्ती आदि भी सम्मिलित हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

हम 'हिन्दू होमलैंड' इज़राइल की तर्ज पर बना सकते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकार समान होंगे, लेकिन प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान 'होमलैंड' दे सकता है।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हरीश जाटव

दलित युवक की बाइक से मुस्लिम महिला को लगी टक्कर, उमर ने इतना मारा कि हो गई मौत

हरीश जाटव मंगलवार को अलवर जिले के चौपांकी थाना इलाके में फसला गाँव से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक से हकीमन नाम की महिला को टक्कर लग गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद भीड़ ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीटा।
मोहम्मद अंसारी

गाय से दुष्कर्म के आरोपित को पकड़वाने वाले कार्यकर्त्ता गिरफ्तार, ‘धार्मिक भावना आहत करने’ का आरोप

अभि, सुशांत और प्रज्वल के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को आहत' करने के साथ ही अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। इन तीनों ने ही गाँव के लोगों के साथ मिलकर अंसारी को गाय से दुष्कर्म करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
गाय, दुष्कर्म, मोहम्मद अंसारी, गिरफ्तार

गाय के पैर बाँध मो. अंसारी ने किया दुष्कर्म, नारियल तेल के साथ गाँव वालों ने रंगे हाथ पकड़ा: देखें Video

गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले उससे बोले, "ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई। उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।"
मोहसिन अब्बास हैदर

कई बार लात मारी, चेहरे पर मुक्के मारे: एक्टर मोहसिन अब्बास हैदर की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

“जब मैं अस्पताल में कराह रही थी तब मेरा मशहूर पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सो रहा था। 2 दिन बाद केवल दिखावे और प्रचार के लिए वो अस्पताल आया, बच्चे के साथ फोटो ली और फिर उसे पोस्ट कर दिया। उसे बच्चे की फिक्र नहीं थी। वह केवल प्रचार करना चाहता था।”
ये कैसा दमा?

प्रियंका चोपड़ा का अस्थमा सिगरेट से नहीं, केवल दिवाली से उभरता है?

पिछले साल दिवाली के पहले प्रियंका चोपड़ा का वीडियो आया था- जिसमें वह जानवरों, प्रदूषण, और अपने दमे का हवाला देकर लोगों से दिवाली नहीं मनाने की अपील की थी। लेकिन इस 'मार्मिक' अपील के एक महीने के भीतर उनकी शादी में पटाखों का इस्तेमाल जमकर हुआ।
प्रेम विवाह

मुस्लिम युवती से शादी करने वाले हिन्दू लड़के पर धर्म परिवर्तन का दबाव, जिंदा जलाने की धमकी

आरजू अपने पति अमित के साथ एसपी से मिलने पहुँची थी। उसने बताया कि उन दोनों ने पिछले दिनों भागकर शादी की थी। कुछ दिन बाद जब इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लड़के और उसके परिवार को मारपीट करके गाँव से निकाल दिया।
राजनीतिक अवसरवादिता

जिस हत्याकाण्ड का आज शोक मना रहीं ममता, उसी के ज़िम्मेदार को भेजा राज्य सभा!

हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।
अरुप हलधर

राष्ट्रगान के दौरान ‘अल्लाहु अकबर’ का विरोध करने पर रफीकुल और अशफुल ने 9वीं के छात्र अरुप को पीटा

इससे पहले 11 जुलाई 2019 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित श्री रामकृष्ण शिक्षालय नामक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाले छात्र आर्यन सिंह की शिक्षक ने क्लास में 'जय श्री राम' बोलने पर बेरहमी से पिटाई कर दी थी।
भाजपा नेता

गाजियाबाद में भाजपा नेता की हत्या, शाहरुख़ और तसनीम गिरफ्तार

तोमर जहाँ गोलियाँ मारी गई वहां से पुलिस स्टेशन से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है। एसएचओ प्रवीण शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर दंगा

मुजफ्फरनगर दंगा: अखिलेश ने किए थे हिंदुओं पर 40 केस, मुस्लिमों पर 1, सारे हिंदू बरी

हत्या से जुड़े 10, सामूहिक बलात्कार के 4 और दंगों के 26 मामलों के आरोपितों को अदालत ने बेगुनाह माना। सरकारी वकील के हवाले से बताया गया है कि अदालत में गवाहों के मुकरने के बाद अब राज्य सरकार रिहा आरोपितों के संबंध में कोई अपील नहीं करेगी।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

57,810फैंसलाइक करें
9,859फॉलोवर्सफॉलो करें
74,909सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: