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राजदीप सरदेसाई ने ‘बेनामी’ संपत्ति पर वाड्रा को ‘बेगुनाह’ साबित करने की कोशिश

ईडी ने अदालत में दावा किया था कि 12, लंदन में ब्रायनस्टोन स्क्वायर (Brayanstone Square) को वाड्रा के क़रीबी मनोज अरोड़ा के के ज़रिए से ख़रीदा गया था।

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर सवाल उठा रही है। ईडी ने आरोप लगाया था कि वाड्रा एक बेनामी संपत्ति के जरिए लंदन में 1.9 मिलियन पाउंड की संपत्ति का मालिक है।

ईडी ने अदालत में दावा किया था कि 12, लंदन में ब्रायनस्टोन स्क्वायर (Brayanstone Square) को वाड्रा के क़रीबी मनोज अरोड़ा के के ज़रिए से ख़रीदा गया था। जाँच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि संपत्ति दुबई के माध्यम से और काले धन अधिनियम के उल्लंघन में मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से ख़रीदी गई थी।

ख़बरों के अनुसार, लंदन में हथियार के डीलर भंडारी और बेनामी सम्पत्तियों के साथ वाड्रा के संबंधों का खुलासा ईडी की जाँच में किया गया था, जब भंडारी पर 2016 में आयकर अधिकारियों द्वारा छापा मारा गया था। इस छापे के दौरान लंदन हाउस के नवीकरण के भुगतान संबंधी वाड्रा के ई-मेल का खुलासा हुआ था।

बता दें कि मनोज अरोड़ा भी ईडी की जाँच के दायरे में हैं और उनसे एजेंसी द्वारा वाड्रा के कई अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ की गई है।

2016 में, लंदन की संपत्ति का संबंध पहली बार ख़बरों की सुर्ख़ियों में आया था। उस समय वाड्रा पर यह आरोप लगाया गया था कि 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर में संपत्ति एक शारजाह-आधारित फ़र्म के माध्यम से ख़रीदी गई थी।

जहाँ एक तरफ तो वाड्रा से ईडी पिछले दो दिनों से पूछताछ कर रही है वहीं दूसरी तरफ राजदीप सरदेसाई ने इंडिया टुडे टीवी में अपने एक शो के दौरान उन्होंने वाड्रा को बेगुनाह साबित करने पर तुले नज़र आए। उन्होंने अपने कार्यक्रम में यह दावा किया कि लंदन में संबंधित संपत्तियाँ रॉबर्ट वाड्रा के नाम से पंजीकृत नहीं हैं।

लंदन की संपत्ति, वास्तविक मालिक के नाम पर पंजीकृत नहीं होने के तथ्य को पूरी तरह से अनदेखा किया गया। आधारभूत जानकारियों का अभाव और इस बात की पुष्टि कि वाड्रा के नाम का उल्लेख संपत्ति के दस्तावेजों में नहीं है, इसलिए ईडी के द्वारा इस मामले को ग़लत तरीके से लक्षित किया रहा है, इसे सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा अनदेखा नहीं किया गया।

राजदीप सरदेसाई ने समाचार वीडियो में बार-बार चिल्लाते हुए कहा कि सम्पत्ति लंदन की सम्पत्ति के विवरण में रॉबर्ट वाड्रा का नाम नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भंडारी ने 2016 में वाड्रा और मनोज अरोड़ा के साथ अपने संबंधों को स्वीकार किया था। इसमें उसने लंदन की सम्पत्ति को लेकर हुए ई-मेल के माध्यम से जानकारी साझा करने संबंधी आपसी बातचीत को भी स्वीकार किया था।

पिछले कुछ दिनों से मुख्यधारा की मीडिया वाड्रा की पत्नी यानी प्रियंका वाड्रा पर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान है। मीडिया उनकी हर गतिविधि जिसमें अपने पति वाड्रा को ईडी कार्यालय तक ड्रॉप करने और फिर पिक करने संबंधी ख़बरों को तरजीह देना शामिल है। इससे एक बात और निकलकर सामने आती है कि तथ्यों और महत्वपूर्ण विवरणों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है जिसमें सोशल मीडिया एक अहम भूमिका में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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