जिन्हें गुमान था कि वो लाइन खुद बनाते हैं, चुनाव आते ही लाइन में खड़े हो गए!

शत्रुघ्न सिन्हा बीते कुछ समय से लगातार बीजेपी के ख़िलाफ़ जाकर बयान भी दे रहे हैं और कदम भी उठा रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही वे केजरीवाल को छोटा भाई, ममता को दीदी और चंद्रबाबू को साउथ का हीरो बता चुके हैं।

पिछले दिनों अपने बागी रवैये के कारण पार्टी के भीतर का माहौल बिगाड़ने वाले एक्टर-कम-नेता शत्रुघ्न सिन्हा सुर्खियों में रहने लगे हैं। कभी लोकतंत्र को बचाने के नाते उन्होंने पार्टी के ख़िलाफ़ जाकर ममता का हाथ थामा तो कभी ‘इंदिरा जिंदा होतीं तो आज मैं कॉन्ग्रेस में होता‘ जैसे बयान दिए। लेकिन लोकसभा चुनावों के नज़दीक आते ही उनके सुर बदलने लगे। पार्टी के ख़िलाफ़ बगावत पर उतरे शत्रुघ्न सिन्हा अब पार्टी के समर्थन में बात करते हुए फैसलों की तारीफ़ कर रहे हैं। ऐसे में उनके पिछले बयानों को और वर्तमान स्थिति को मद्देनज़र रखते हुए इस बयान पर सवाल उठना बेहद लाजमी है।

बरौनी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पटना मेट्रो की आधारशिला रखने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट किया कि बिहार को विकास की राह पर ले जाने के लिए यह एक बड़ा कदम है। शत्रुघ्न ने अपने ट्वीट में लिखा कि मेट्रो परियोजनाओं के साथ 35 करोड़ की विकास परियोजनाओं का ऐलान एक बेहद सराहनीय कदम है। इस फ़ैसले की प्रशंसा होनी चाहिए।

हालाँकि उनके द्वारा की गई तारीफ को सार्वजनिक रूप से सराहा जाना चाहिए लेकिन फिर भी इस बयान पर सवाल उठने की ज़मीन खुद शत्रुघ्न सिन्हा ने तैयार की है। बीते समय में वह लगातार बीजेपी के हर कार्य पर सवाल उठाते आए हैं। फिर ऐसा क्या हुआ कि वह बीजेपी के कार्य की प्रशंसा करने लगे?

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

शत्रुघ्न सिन्हा का लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते पलट जाना बताता है कि उनके भीतर का एक्टर और राजनेता दोनों एक साथ जाग गया जो यह जानता है कि मौकापरस्ती क्या है। लेकिन वो भूल रहे हैं कि जिस तरह कमान से निकला तीर वापस नहीं आता है उसी तरह से एक बार मुँह से निकला बयान जनता के मन में घर कर जाता है। शायद इसलिए इस बयान के बाद बिहार के भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि वो सच कहने के लिए शत्रुघ्न के आभारी हैं लेकिन पार्टी में बने रहना और इस तरह यू-टर्न लेना सिन्हा को टिकट की गारंटी नहीं देता है।

जाहिर है, भाजपा के कार्यकाल में लगातार अपने बयानों से पार्टी की छवि खराब करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा अगर लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते ही इस तरह प्रशंसा करते नज़र आएँगे तो हर किसी के मन में सवाल आएगा। आइए आपको हाल ही में कुछ ऐसे मौक़ों के बारे में बताएँ जब शत्रुघ्न बीजेपी के ख़िलाफ़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खड़े नजर आए।

ममता की रैली में शामिल

शत्रुघ्न सिन्हा बीते कुछ समय से लगातार बीजेपी के ख़िलाफ़ जाकर बयान भी दे रहे हैं और कदम भी उठा रहे हैं। इसका सबसे हालिया उदाहरण तब का है जब ममता की रैली में शामिल होकर उन्होंने कहा, “यह रैली लोकतंत्र को बचाने के लिए आयोजित हुई है और वो इस रैली में ‘राष्ट्र मंच’ संस्था के प्रतिनिधि बनकर शामिल होंगे।” बता दें कि राष्ट्र मंच की शुरूआत भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने की है। अपनी इस हरकत पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता भी तो राष्ट्रीय स्वयंसंवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। इसलिए रैली में शामिल होने से उनकी वफादारी पर सवाल न उठाए जाएँ।

लालू यादव से मुलाकातें और तेजस्वी की तारीफ़

इसके अलावा भाजपा के कट्टर विरोधी और राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ भी वो मुलाकातें करते रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा लालू के बेटे तेजस्वी के बारे में कह चुके हैं कि उन्हें तेजस्वी में भविष्य का नेता दिखाई देता है। इतना ही नहीं शत्रुघ्न सिन्हा नीतीश कुमार से भी उस दौरान लगातार मेल-जोल करते रहे थे जब वो भाजपा के विरोध में महागठबंधन में थे।

मंत्री न बनने पर बेबुनियादी इल्ज़ाम

आज पार्टी द्वारा उठाए कदम की सराहना करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा समय-समय पर प्रधानमंत्री समेत कई भाजपा नेताओं की आलोचना लगातार करते रहे हैं। उनका कहना है कि लालकृष्ण आडवाणी के साथ रहने के कारण उन्हें सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया। हालाँकि उनका यह भी कहना है कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।

‘राहुल गांधी में जबरदस्त सुधार’- शत्रुघ्न सिन्हा

मोदी पर लगातार तंज कसने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने विपक्ष में बैठे राहुल गांधी की तारीफों के पुल बाँधते हुए भी नजर आ चुके हैं। उन्होंने राहुल की तारीफ़ करते हुए कहा था कि बहुत कम समय में राहुल गांधी ने स्वयं में बहुत जबरदस्त सुधार किया है।

कॉन्ग्रेस का समर्थन और भाजपा पर निशाना

पाँच राज्यों में हुई बीजेपी की हार के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पार्टी यानी बीजेपी के ख़िलाफ़ जाकर कटाक्ष करते हुए अपनी पार्टी को अहंकारी बताकर दूसरे दलों की जीत को कठोर परिश्रम का परिणाम बताया था।

केजरीवाल को बताया छोटा भाई

आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से आयोजित ‘तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ में बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी विपक्ष की रैली में शामिल हुए थे। यहाँ जनता को संबोधित करने के दौरान शत्रुघ्न ने केजरीवाल को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि वह बहुत दमदार हैं। उन्होंने कहा था कि साउथ के हीरो चन्द्रबाबू नायडू और ममता दीदी के इस महागठबंधन को पूरा समर्थन वह पूरा समर्थन देते हैं। रैली में उन्होंने देश और संविधान बचाने की भी बात की थी।

अपने ही बयानों से विरोधाभास की स्थिति खड़ा करने वाले शत्रुघ्न लगातार भाजपा में तानाशाही का आरोप मढ़ते रहते हैं साथ ही यह भी कहते हैं कि जो कुछ भी हो जाए पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेंगे। बीते दिनों शत्रुघ्न के ऐसे रवैये से नाराज़ होकर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने उन्हें पार्टी छोड़ने की नसीहत तक दे दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि शत्रुघ्न सिन्हा एक बार कॉन्ग्रेस या राजद से टिकट लेकर चुनाव लड़ें, फिर उन्हें अपनी लोकप्रियता का भ्रम दूर हो जाएगा।

सुशील मोदी की बात पर शत्रुघ्न ने उन्हें पहचानने से साफ़ मना करते हुए कहा था कि वो सिर्फ़ एक मोदी को जानते हैं जो देश के प्रधानमंत्री हैं। इन सब बातों के अलावा भी शत्रुघ्न सिन्हा मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद अनेकों बार भाजपा के ख़िलाफ़ बोलते नज़र आए हैं और रैलियों में शामिल होकर मंच पर चढ़कर विरोधियों के साथ खड़े नज़र आए हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

शरद पवार

पाकिस्तान जैसा प्यार कहीं नहीं मिला, 370 हटाने से बढ़ेगा आतंकवाद: शरद पवार

"मैं पाकिस्तान गया हूँ। वहाँ के लोगों में मेहमाननवाजी कूट-कूट कर भरी है।पाकिस्तान के बारे में गलत चित्र पेश किया जा रहा है कि वहाँ लोग खुश नहीं हैं। यहाँ (भारत) सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए पाकिस्तान के बारे में झूठी खबरें फैला रही है।”
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
सुब्रमण्यम स्वामी: राजनीति के लिए free market/हिंदुत्व, या free market/हिंदुत्व के लिए राजनीति?

सियासत का स्वामी: जिसके कारण गॉंधी कठघरे में आए, वाजपेयी गए और रामसेतु बचा

स्वामी की ‘legacy’ के आकलन में पार्टी, विचारधारा और निष्ठा को एक ही चीज़ मानकर देखने पर वे शायद ‘मौकापरस्त’, नज़र आएँगे। लेकिन किसी नेता को आंकने के पैमाने के तौर पर उसके कर्म उसके शब्दों से अधिक सटीक होते हैं और स्वामी को इसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
अखिलेश यादव-मुलायम सिंह यादव

लोहिया ट्रस्ट की बिल्डिंग यादव परिवार के कब्जे से मुक्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर योगी सरकार ने की कार्रवाई

लोहिया ट्रस्ट के मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं। यह बिल्डिंग शिवपाल यादव की पार्टी के कब्जे में थी और पिछले कुछ महीने से इसका बाजार दर पर किराया वसूला जा रहा था।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
सरदार पटेल, ऑपरेशन पोलो हैदराबाद

जब सरदार पटेल ने हैदराबाद को कश्मीर बनने से रोका: कहानी निज़ाम को झुकाने वाले Operation Polo की

108 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान 18 सितम्बर को भारतीय सेना हैदराबाद में घुसी। हैदराबाद की सरकार ने 17 सितम्बर को ही इस्तीफा दे दिया था। हाउस अरेस्ट में किए जाने का बाद निज़ाम अब ये कह कर भुलावा दे रहा था कि वह नई सरकार का गठन करेगा।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,064फैंसलाइक करें
15,046फॉलोवर्सफॉलो करें
97,457सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: