Wednesday, October 21, 2020
Home बड़ी ख़बर गुरदासपुर: BJP द्वारा सनी देओल पर भरोसा जताने के पीछे हैं ये 5 कारण,...

गुरदासपुर: BJP द्वारा सनी देओल पर भरोसा जताने के पीछे हैं ये 5 कारण, कॉन्ग्रेस खेमे में खलबली

विनोद खन्ना की मृत्यु, प्रदेश में भाजपा-अकाली गठबंधन की बुरी हार और फिर उपचुनाव में मिली मात के बाद यहाँ भाजपा कार्यकर्ता घरों में बैठ गए थे। सनी देओल की एंट्री की ख़बर सुनते ही गुरदासपुर के कार्यकर्ताओं ने...

जैसा कि सर्वविदित है, अस्सी और नब्बे के दशक में सुपरस्टार का रुतबा रखने वाले सनी देओल को भाजपा ने गुरदासपुर से टिकट दिया है। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद ही यह तय हो गया था कि विनोद खन्ना की विरासत संभालने की ज़िम्मेदारी उन्हें दी जा सकती है। सनी देओल ने भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के साथ अपने पिता और गुज़रे ज़माने के सुपरस्टार धर्मेंद्र के संबंधों का ज़िक्र किया। विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए सनी ने अगले पाँच साल के लिए पीएम मोदी की ज़रूरत पर प्रकाश डाला। सनी देओल ने सुलझे हुए अंदाज़ में अपनी बातें रखीं। भले ही परदे पर वो चिल्लाने के लिए मशहूर हैं लेकिन असल ज़िंदगी या मीडिया में शायद ही हमने उन्हें किसी पर चिल्लाते देखा हो। वो शांति से बोलते हैं, मुस्कराहट के साथ अपनी बात रखते हैं और फ़िल्मी दर्शकों के एक बड़े वर्ग में अभी भी उतने ही लोकप्रिय हैं।

सनी देओल के सिनेमाई सफर के बारे में सभी को पता है और उनकी फ़िल्मों के डायलॉग्स अभी भी ख़ासे प्रसिद्ध हैं। उनकी स्क्रीन प्रजेंस सबसे ज्यादा दमदार होती आई है, यही कारण है कि दामिनी में उनके गेस्ट रोल को भी बढ़ाना पड़ा और उन्होंने फ़िल्म में जान डाल दी। भाजपा सनी देओल की इमेज को अब पंजाब में भुनाएगी। यहाँ सनी देओल के मैदान में उतरने से न सिर्फ़ गुरदासपुर बल्कि पूरे पंजाब में पार्टी उनके चेहरे का प्रयोग करेगी। सनी देओल की सबसे हिट फ़िल्म ग़दर में उन्होंने एक पंजाबी का ही किरदार अदा किया था। फ़िल्म पंजाब में इतनी लोकप्रिय हुई थी कि सिनेमाघरों को सुबह से ही इसे चलाना पड़ता था। अब ग़दर के 19 वर्षों बाद सनी देओल फिर से लोगों के बीच उसी अंदाज़ में लौटे हैं लेकिन माध्यम अब सिनेमा नहीं है, राजनीति है।

कॉन्ग्रेस गुरदासपुर में सनी देओल का काट ढूँढने में लग गई है। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ख़ुद घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए हैं। पार्टी की पंजाब में माँग है कि गुरदासपुर में प्रियंका चोपड़ा या प्रीति ज़िंटा को चुनाव प्रचार के लिए बुलाया जाए। प्रियंका ने सनी की फ़िल्म से ही बॉलीवुड में क़दम रखा था और प्रीति के साथ भी उनके अच्छे सम्बन्ध हैं, ऐसे में असमंजस में पड़ी कॉन्ग्रेस शायद ही ऐसा कोई सेलिब्रिटी ढूँढ पाए जो उनके लिए सनी के ख़िलाफ़ प्रचार करे। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे सुनील कुमार जाखड़ ने इस सीट को उपचुनाव में जीत तो लिया था लेकिन स्थानीय स्तर पर बड़ा क़द होने के बावजूद सनी देओल की उम्मीदवारी से उनके कैडर में बेचैनी है। आइए सबसे पहले देखते हैं भाजपा द्वारा सनी देओल को इस क्षेत्र से उतारने के पीछे रहे 5 कारण।

आतंक से पीड़ित रहे बॉर्डर इलाके में सनी की राष्ट्रवादी छवि

गुरदासपुर क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है। यहाँ अक्सर आतंकी हमले होते रहे हैं। भले ही नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद भारत के अंदरूनी शहरों में कोई आतंकी वारदात न हुई हो लकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात अभी भी बहुत अच्छे नहीं हैं। 2015 में दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ था। इस हमले में 4 पुलिस के जवान व 3 नागरिकों की जान चली गई थी। 3 आतंकियों को भी मार गिराया गया था। इसी तरह 2016 में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला हुआ। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में गुरदासपुर के 1 जवान के वीरगति को प्राप्त हो जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में आतंकियों व पाकिस्तान के प्रति ख़ासा रोष है। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पीएम मोदी के नाम खुला पत्र लिखकर आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी।

भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी कैम्पों पर एयर स्ट्राइक के बाद आमजनों के मन में रोष कम हुआ और वर्तमान सरकार में भरोसा भी जगा। इसके बाद लोगों में एक उम्मीद बँधी कि अगर कुछ ऐसा-वैसा होता है तो सरकार के पास जवाब देने के लिए इच्छाशक्ति है। गुरदासपुर के लोगों के बीच सनी देओल देओल को अपनी राष्ट्रवादी इमेज का फ़ायदा मिलेगा। ग़दर, इंडियन और द हीरो जैसी फ़िल्मों के कारण सनी की छवि एक राष्ट्रवादी की है जो भाजपा की विचारधारा से भी मेल खाती है। पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र में सनी की मौजूदगी से वहाँ की जनता ख़ुश होगी। भारत-पाकिस्तान (पाकिस्तान की हरकतों के कारण) तनाव के माहौल में गुरदासपुर में सनी की उपस्थिति से भाजपा को भी फ़ायदा होगा।

विनोद खन्ना की अच्छी छवि और उनकी विरासत

विनोद खन्ना ने 1998, 1999 और 2004 में जीत दर्ज कर इस सीट पर हैट्रिक बनाई थी। विनोद खन्ना गुरदासपुर के राजनीतिक पटल पर 20 वर्षों तक सक्रिय रहे। पहली बार 1998 में 1 लाख से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले खन्ना ने 2014 में वही करिश्मा दुहराया। बीच में वो केवल 2009 में हारे लेकिन उनकी जीत का अंतर हमेशा कम ही रहा। लेकिन, यहाँ एक बात जानने लायक है कि विनोद खन्ना की गुरदासपुर में अच्छी छवि 2009 में उनके हारने के बाद बनी। हार के बावजूद उन्होंने क्षेत्र को नहीं छोड़ा, जैसा कि अन्य सेलिब्रिटी करते हैं। पटना में शत्रुघ्न सिन्हा से इसी चीज को लेकर लोगों की नाराज़गी है। ऐसा कई क्षेत्रों में हुआ है जब जीतने या हारने के बाद सेलेब्रिटीज इलाके में कभी गए ही नहीं। इससे वहाँ की जनता के बीच सेलेब्रिटीज को लेकर नेगेटिव छवि बनी। लेकिन, गुरदासपुर में मामला अलग है।

2009 में हारने के बावजूद विनोद खन्ना ने क्षेत्र के लिए कई बड़े कार्य किए और पुलों का निर्माण करवाया। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखा। यही कारण था कि जिस प्रताप सिंह बाजवा ने उन्हें 2009 में मात दी थी, उसी बाजवा को 2014 में उन्होंने परास्त किया। इसमें कोई शक नहीं कि बीमारी के कारण अगर उनकी असमय मृत्यु नहीं होती तो अभी गुरदासपुर से वे ही भाजपा उम्मीदवार होते। एक सेलिब्रिटी के प्रति गुरदासपुर की जनता के बीच बनी इस छवि का सनी देओल को फ़ायदा मिल सकता है। विनोद खन्ना वाला कनेक्शन यहाँ काम कर सकता है। लोगों को ये उम्मीद होगी कि सनी देओल जीतने के बाद विनोद खन्ना की तरह ही यहाँ बने रहेंगे, बाकी मुम्बइया सेलेब्रिटीज की तरह नहीं करेंगे।

जाट और दलितों को एक साथ साधने की कोशिश

सनी देओल पंजाबी जाट परिवार से आते हैं और क्षेत्र में जाट और गुज्जर, ये दोनों ही समुदायों के लोग विभिन्न धर्मों में बँटे हुए हैं। ये हिन्दू भी हैं, मुस्लिम भी हैं और सिख भी हैं। कॉन्ग्रेस ने जाखड़ से पहले 27 वर्षों तक यहाँ से सिख उम्मीदवार ही उतारा था। सनी देओल के पंजाबी या सिख जाट परिवार से होने के कारण ग्रामीण इलाकों में उन्हें फायदा मिल सकता है। ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि पंजाब में अकाली दल के साथ रहने वाला जाट-सिख वोट अब बिखर रहा है और इसे साधने की भाजपा लगातार कोशिश कर रही है। विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में मिली हार ने भाजपा की आँखें खोल दी हैं और उसने ऐसा चेहरा लाकर रख दिया है जिसके सामने जाति और समुदाय की बातें शायद गौण हो जाएँगी।

गुरदासपुर में दलितों की अच्छी-ख़ासी जनसंख्या है। उपचुनाव में भाजपा को इनका साथ नहीं मिला था। कैप्टेन के धुआँधार प्रचार के कारण जाखड़ 1.99 लाख वोटों से जीतने में सफल रहे। लेकिन सनी देओल की फ़िल्मों की लोकप्रियता ग्रामीण इलाकों व निचले मध्यम वर्ग और ग़रीबों में अधिक रही है। इसी को देखते हुए भाजपा ने उन्हें उतारा है। उनके एक्शन स्टार की छवि यहाँ स्थानीय उम्मीदवारों पर भारी पड़ सकती है।

फेल हो गया भाजपा का स्थानीय उम्मीदवार वाला दाँव

ऐसा नहीं है कि भाजपा ने यहाँ से स्थानीय उम्मीदवार उतारने पर विचार नहीं किया। विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में उसने स्वर्ण सलारिया पर भरोसा जताया था जो स्थानीय उद्योगपति और नेता हैं। भाजपा ने उन पर भरोसा जताया लेकिन उन्हें इतनी बुरी हार मिली कि पार्टी सन्न रह गई। स्वर्ण सलारिया स्थानीय स्तर पर सक्रिय होने के कारण भी जाखड़ को टक्कर नहीं दे पाए। पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष जाखड़ के सामने इस बार भाजपा ने स्थानीय उम्मीदवार के बदले क़द पर ध्यान दिया है और फलस्वरूप सनी देओल मैदान में हैं। वैसे सनी देओल के लिए यह क्षेत्र नया होगा और उन्हें यहाँ आकर सब कुछ नए सिरे से समझना पड़ेगा लेकिन जनता के बीच लोकप्रिय होने के कारण भाजपा को उम्मीद है कि सब कुछ युद्ध स्तर पर हो जाएगा।

दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना भी टिकट की दावेदार थी लेकिन भाजपा को यहाँ चेहरा चाहिए था क्योंकि केवल सहानुभूति लहर के सहारे प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष को टक्कर देना शायद संभव नहीं हो पाता। जाखड़ अनुभवी हैं और अनुभव के समाने सिर्फ़ सहानुभूति लहर के बलबूते लड़ने से शायद ही पार्टी के कैडर में नए सिरे से सक्रियता आती।

अब निकले कार्यकर्ता अपने घरों से

अंतिम और सबसे अहम कारण जो सनी देओल को गुरदासपुर से लड़ाने के पीछे है, वो है कार्यकर्ताओं की सक्रियता को फिर से जीवित करना। विनोद खन्ना की मृत्यु, प्रदेश में भाजपा-अकाली गठबंधन की बुरी हार और फिर उपचुनाव में मिली मात के बाद यहाँ भाजपा कार्यकर्ता घरों में बैठ गए थे। उन्हें लामबंद करना इतना आसान भी नहीं था। भाजपा ने एक तीर से दो निशाने साधे और इसका असर भी दिखने लगा। सनी देओल की एंट्री की ख़बर सुनते ही गुरदासपुर के कार्यकर्तागण अपने-अपने घरों से निकले और उन्होंने आपस में मिठाई बाँट कर खुशियाँ मनाईं। कॉन्ग्रेस को यह चिंता खाए जा रही है कि सनी देओल जब चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र में उतरेंगे तो आसपास की सीटों पर भी इसका पार्टी पर बुरा असर पड़ेगा।

गुरदासपुर के माहौल की बात करें तो भाजपा के स्थानीय दफ़्तर में फिर से जान लौट आई है, कार्यकर्ता उत्साह में हैं और पार्टी कैडर एक बार फिर से काम में लग गया है। कैप्टेन और जाखड़ के संयुक्त करिश्मा को भाजपा ने काटने की कोशिश की है और वो सफल होती भी दिख रही है। अब देखना यह है कि सनी देओल गुरदासपुर में कब लैंड करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

‘परमबीर सिंह ने 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों का मुकाबला करने से इनकार किया था’: पढ़िए उनका ‘काला-चिट्ठा’

2009 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद हमले के दौरान कर्तव्य की लापरवाही के आरोप में परमबीर सिंह और तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस कमिश्नरों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

पूर्व PM मनमोहन के सलाहकार व NDTV पत्रकार ने फैलाया झूठ, कहा- चीन से भारत में होने वाला आयात 27% बढ़ा

NDTV के मैनेजिंग एडिटर रहे पंकज पचौरी को डॉक्टर मनमोहन सिंह ने जनवरी 2012 में अपना मीडिया सलाहकार नियुक्त किया था।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

‘कश्मीर टाइम्स’ अख़बार का श्रीनगर ऑफिस सील, सरकारी सम्पत्तियों पर कर रखा था कब्ज़ा

2 महीने पहले कश्मीर टाइम्स की एडिटर अनुराधा भसीन को भी उनका आधिकारिक निवास खाली करने को कहा गया था।

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बड़ी रणनीति तैयार, कोई नहीं रोक सकता बैन होने से: कॉन्ग्रेस नेता ने स्टिंग में किया खुलासा

"उद्धव ठाकरे ने रिपब्लिक टीवी के पीछे पूरी एक टीम लगाई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोई दूसरा काम नही करना है। उसे (अर्नब को) समझ आना चाहिए कि वो क्या बोलता है।"
- विज्ञापन -

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

हाथरस कांड में CBI जाँच तेज: अलीगढ़ JNMC के डॉ. मो अजीमुद्दीन और डॉ. उबेद इम्तियाज टर्मिनेट, रेप सैंपल पर दी थी राय

अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम कर रहे दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। हाथरस रेप पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किए जाने से पहले उसकी इसी अस्पताल में इलाज हुई थी।

‘माफिया ऑन बेड रेस्ट’: मुख्तार अंसारी को लेने गई UP पुलिस को पंजाब से आना पड़ा खाली हाथ, कहा- 3 महीने आराम की मिली...

इससे पहले भी कई बार यूपी पुलिस पंजाब जाकर मुख्तार अंसारी को प्रदेश लाने की कोशिश करती रही है। हालाँकि हर बार वह बहाने बना कर बच गया ।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

DDLJ से लेकर IPL तक: PM मोदी के आज शाम 6 बजे के राष्ट्र के नाम संबोधन पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि पीएम मोदी इस बार को IPL में चेन्नई सुपर किंग्स पर पैसा लगा कर हारने वालों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान करेंगे।

पेरिस: फ़्रांस ने की मृतक शिक्षक को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ला लिगियन डी ऑनर’ देने की घोषणा

पेरिस में आतंकी घटना में जान गँवाने वाले 47 वर्षीय इतिहास के शिक्षक सैमुअल पैटी को फ्रांस ने अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने का फैसला किया है।

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

बेंगलुरु दंगे के आरोपितों की रिहाई के लिए जज को भेजा विस्फोटक से भरा पार्सल, पत्र में की ‘बेगुनाह’ छोड़ने की माँग

ड्रग्स के एक मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश को बेंगलुरु में दो धमकी भरे पत्रों के साथ एक विस्फोटक सामग्री वाला पार्सल मिला।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,898FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe