Tuesday, August 11, 2020
Home बड़ी ख़बर गुरदासपुर: BJP द्वारा सनी देओल पर भरोसा जताने के पीछे हैं ये 5 कारण,...

गुरदासपुर: BJP द्वारा सनी देओल पर भरोसा जताने के पीछे हैं ये 5 कारण, कॉन्ग्रेस खेमे में खलबली

विनोद खन्ना की मृत्यु, प्रदेश में भाजपा-अकाली गठबंधन की बुरी हार और फिर उपचुनाव में मिली मात के बाद यहाँ भाजपा कार्यकर्ता घरों में बैठ गए थे। सनी देओल की एंट्री की ख़बर सुनते ही गुरदासपुर के कार्यकर्ताओं ने...

जैसा कि सर्वविदित है, अस्सी और नब्बे के दशक में सुपरस्टार का रुतबा रखने वाले सनी देओल को भाजपा ने गुरदासपुर से टिकट दिया है। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद ही यह तय हो गया था कि विनोद खन्ना की विरासत संभालने की ज़िम्मेदारी उन्हें दी जा सकती है। सनी देओल ने भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के साथ अपने पिता और गुज़रे ज़माने के सुपरस्टार धर्मेंद्र के संबंधों का ज़िक्र किया। विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए सनी ने अगले पाँच साल के लिए पीएम मोदी की ज़रूरत पर प्रकाश डाला। सनी देओल ने सुलझे हुए अंदाज़ में अपनी बातें रखीं। भले ही परदे पर वो चिल्लाने के लिए मशहूर हैं लेकिन असल ज़िंदगी या मीडिया में शायद ही हमने उन्हें किसी पर चिल्लाते देखा हो। वो शांति से बोलते हैं, मुस्कराहट के साथ अपनी बात रखते हैं और फ़िल्मी दर्शकों के एक बड़े वर्ग में अभी भी उतने ही लोकप्रिय हैं।

सनी देओल के सिनेमाई सफर के बारे में सभी को पता है और उनकी फ़िल्मों के डायलॉग्स अभी भी ख़ासे प्रसिद्ध हैं। उनकी स्क्रीन प्रजेंस सबसे ज्यादा दमदार होती आई है, यही कारण है कि दामिनी में उनके गेस्ट रोल को भी बढ़ाना पड़ा और उन्होंने फ़िल्म में जान डाल दी। भाजपा सनी देओल की इमेज को अब पंजाब में भुनाएगी। यहाँ सनी देओल के मैदान में उतरने से न सिर्फ़ गुरदासपुर बल्कि पूरे पंजाब में पार्टी उनके चेहरे का प्रयोग करेगी। सनी देओल की सबसे हिट फ़िल्म ग़दर में उन्होंने एक पंजाबी का ही किरदार अदा किया था। फ़िल्म पंजाब में इतनी लोकप्रिय हुई थी कि सिनेमाघरों को सुबह से ही इसे चलाना पड़ता था। अब ग़दर के 19 वर्षों बाद सनी देओल फिर से लोगों के बीच उसी अंदाज़ में लौटे हैं लेकिन माध्यम अब सिनेमा नहीं है, राजनीति है।

कॉन्ग्रेस गुरदासपुर में सनी देओल का काट ढूँढने में लग गई है। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ख़ुद घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए हैं। पार्टी की पंजाब में माँग है कि गुरदासपुर में प्रियंका चोपड़ा या प्रीति ज़िंटा को चुनाव प्रचार के लिए बुलाया जाए। प्रियंका ने सनी की फ़िल्म से ही बॉलीवुड में क़दम रखा था और प्रीति के साथ भी उनके अच्छे सम्बन्ध हैं, ऐसे में असमंजस में पड़ी कॉन्ग्रेस शायद ही ऐसा कोई सेलिब्रिटी ढूँढ पाए जो उनके लिए सनी के ख़िलाफ़ प्रचार करे। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे सुनील कुमार जाखड़ ने इस सीट को उपचुनाव में जीत तो लिया था लेकिन स्थानीय स्तर पर बड़ा क़द होने के बावजूद सनी देओल की उम्मीदवारी से उनके कैडर में बेचैनी है। आइए सबसे पहले देखते हैं भाजपा द्वारा सनी देओल को इस क्षेत्र से उतारने के पीछे रहे 5 कारण।

आतंक से पीड़ित रहे बॉर्डर इलाके में सनी की राष्ट्रवादी छवि

गुरदासपुर क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है। यहाँ अक्सर आतंकी हमले होते रहे हैं। भले ही नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद भारत के अंदरूनी शहरों में कोई आतंकी वारदात न हुई हो लकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात अभी भी बहुत अच्छे नहीं हैं। 2015 में दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ था। इस हमले में 4 पुलिस के जवान व 3 नागरिकों की जान चली गई थी। 3 आतंकियों को भी मार गिराया गया था। इसी तरह 2016 में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला हुआ। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में गुरदासपुर के 1 जवान के वीरगति को प्राप्त हो जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में आतंकियों व पाकिस्तान के प्रति ख़ासा रोष है। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पीएम मोदी के नाम खुला पत्र लिखकर आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी।

- विज्ञापन -

भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी कैम्पों पर एयर स्ट्राइक के बाद आमजनों के मन में रोष कम हुआ और वर्तमान सरकार में भरोसा भी जगा। इसके बाद लोगों में एक उम्मीद बँधी कि अगर कुछ ऐसा-वैसा होता है तो सरकार के पास जवाब देने के लिए इच्छाशक्ति है। गुरदासपुर के लोगों के बीच सनी देओल देओल को अपनी राष्ट्रवादी इमेज का फ़ायदा मिलेगा। ग़दर, इंडियन और द हीरो जैसी फ़िल्मों के कारण सनी की छवि एक राष्ट्रवादी की है जो भाजपा की विचारधारा से भी मेल खाती है। पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र में सनी की मौजूदगी से वहाँ की जनता ख़ुश होगी। भारत-पाकिस्तान (पाकिस्तान की हरकतों के कारण) तनाव के माहौल में गुरदासपुर में सनी की उपस्थिति से भाजपा को भी फ़ायदा होगा।

विनोद खन्ना की अच्छी छवि और उनकी विरासत

विनोद खन्ना ने 1998, 1999 और 2004 में जीत दर्ज कर इस सीट पर हैट्रिक बनाई थी। विनोद खन्ना गुरदासपुर के राजनीतिक पटल पर 20 वर्षों तक सक्रिय रहे। पहली बार 1998 में 1 लाख से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले खन्ना ने 2014 में वही करिश्मा दुहराया। बीच में वो केवल 2009 में हारे लेकिन उनकी जीत का अंतर हमेशा कम ही रहा। लेकिन, यहाँ एक बात जानने लायक है कि विनोद खन्ना की गुरदासपुर में अच्छी छवि 2009 में उनके हारने के बाद बनी। हार के बावजूद उन्होंने क्षेत्र को नहीं छोड़ा, जैसा कि अन्य सेलिब्रिटी करते हैं। पटना में शत्रुघ्न सिन्हा से इसी चीज को लेकर लोगों की नाराज़गी है। ऐसा कई क्षेत्रों में हुआ है जब जीतने या हारने के बाद सेलेब्रिटीज इलाके में कभी गए ही नहीं। इससे वहाँ की जनता के बीच सेलेब्रिटीज को लेकर नेगेटिव छवि बनी। लेकिन, गुरदासपुर में मामला अलग है।

2009 में हारने के बावजूद विनोद खन्ना ने क्षेत्र के लिए कई बड़े कार्य किए और पुलों का निर्माण करवाया। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखा। यही कारण था कि जिस प्रताप सिंह बाजवा ने उन्हें 2009 में मात दी थी, उसी बाजवा को 2014 में उन्होंने परास्त किया। इसमें कोई शक नहीं कि बीमारी के कारण अगर उनकी असमय मृत्यु नहीं होती तो अभी गुरदासपुर से वे ही भाजपा उम्मीदवार होते। एक सेलिब्रिटी के प्रति गुरदासपुर की जनता के बीच बनी इस छवि का सनी देओल को फ़ायदा मिल सकता है। विनोद खन्ना वाला कनेक्शन यहाँ काम कर सकता है। लोगों को ये उम्मीद होगी कि सनी देओल जीतने के बाद विनोद खन्ना की तरह ही यहाँ बने रहेंगे, बाकी मुम्बइया सेलेब्रिटीज की तरह नहीं करेंगे।

जाट और दलितों को एक साथ साधने की कोशिश

सनी देओल पंजाबी जाट परिवार से आते हैं और क्षेत्र में जाट और गुज्जर, ये दोनों ही समुदायों के लोग विभिन्न धर्मों में बँटे हुए हैं। ये हिन्दू भी हैं, मुस्लिम भी हैं और सिख भी हैं। कॉन्ग्रेस ने जाखड़ से पहले 27 वर्षों तक यहाँ से सिख उम्मीदवार ही उतारा था। सनी देओल के पंजाबी या सिख जाट परिवार से होने के कारण ग्रामीण इलाकों में उन्हें फायदा मिल सकता है। ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि पंजाब में अकाली दल के साथ रहने वाला जाट-सिख वोट अब बिखर रहा है और इसे साधने की भाजपा लगातार कोशिश कर रही है। विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में मिली हार ने भाजपा की आँखें खोल दी हैं और उसने ऐसा चेहरा लाकर रख दिया है जिसके सामने जाति और समुदाय की बातें शायद गौण हो जाएँगी।

गुरदासपुर में दलितों की अच्छी-ख़ासी जनसंख्या है। उपचुनाव में भाजपा को इनका साथ नहीं मिला था। कैप्टेन के धुआँधार प्रचार के कारण जाखड़ 1.99 लाख वोटों से जीतने में सफल रहे। लेकिन सनी देओल की फ़िल्मों की लोकप्रियता ग्रामीण इलाकों व निचले मध्यम वर्ग और ग़रीबों में अधिक रही है। इसी को देखते हुए भाजपा ने उन्हें उतारा है। उनके एक्शन स्टार की छवि यहाँ स्थानीय उम्मीदवारों पर भारी पड़ सकती है।

फेल हो गया भाजपा का स्थानीय उम्मीदवार वाला दाँव

ऐसा नहीं है कि भाजपा ने यहाँ से स्थानीय उम्मीदवार उतारने पर विचार नहीं किया। विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में उसने स्वर्ण सलारिया पर भरोसा जताया था जो स्थानीय उद्योगपति और नेता हैं। भाजपा ने उन पर भरोसा जताया लेकिन उन्हें इतनी बुरी हार मिली कि पार्टी सन्न रह गई। स्वर्ण सलारिया स्थानीय स्तर पर सक्रिय होने के कारण भी जाखड़ को टक्कर नहीं दे पाए। पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष जाखड़ के सामने इस बार भाजपा ने स्थानीय उम्मीदवार के बदले क़द पर ध्यान दिया है और फलस्वरूप सनी देओल मैदान में हैं। वैसे सनी देओल के लिए यह क्षेत्र नया होगा और उन्हें यहाँ आकर सब कुछ नए सिरे से समझना पड़ेगा लेकिन जनता के बीच लोकप्रिय होने के कारण भाजपा को उम्मीद है कि सब कुछ युद्ध स्तर पर हो जाएगा।

दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना भी टिकट की दावेदार थी लेकिन भाजपा को यहाँ चेहरा चाहिए था क्योंकि केवल सहानुभूति लहर के सहारे प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष को टक्कर देना शायद संभव नहीं हो पाता। जाखड़ अनुभवी हैं और अनुभव के समाने सिर्फ़ सहानुभूति लहर के बलबूते लड़ने से शायद ही पार्टी के कैडर में नए सिरे से सक्रियता आती।

अब निकले कार्यकर्ता अपने घरों से

अंतिम और सबसे अहम कारण जो सनी देओल को गुरदासपुर से लड़ाने के पीछे है, वो है कार्यकर्ताओं की सक्रियता को फिर से जीवित करना। विनोद खन्ना की मृत्यु, प्रदेश में भाजपा-अकाली गठबंधन की बुरी हार और फिर उपचुनाव में मिली मात के बाद यहाँ भाजपा कार्यकर्ता घरों में बैठ गए थे। उन्हें लामबंद करना इतना आसान भी नहीं था। भाजपा ने एक तीर से दो निशाने साधे और इसका असर भी दिखने लगा। सनी देओल की एंट्री की ख़बर सुनते ही गुरदासपुर के कार्यकर्तागण अपने-अपने घरों से निकले और उन्होंने आपस में मिठाई बाँट कर खुशियाँ मनाईं। कॉन्ग्रेस को यह चिंता खाए जा रही है कि सनी देओल जब चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र में उतरेंगे तो आसपास की सीटों पर भी इसका पार्टी पर बुरा असर पड़ेगा।

गुरदासपुर के माहौल की बात करें तो भाजपा के स्थानीय दफ़्तर में फिर से जान लौट आई है, कार्यकर्ता उत्साह में हैं और पार्टी कैडर एक बार फिर से काम में लग गया है। कैप्टेन और जाखड़ के संयुक्त करिश्मा को भाजपा ने काटने की कोशिश की है और वो सफल होती भी दिख रही है। अब देखना यह है कि सनी देओल गुरदासपुर में कब लैंड करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जन्माष्टमी: सम्पूर्णता में जीने का सन्देश – श्री कृष्ण की 16 कलाएँ, उनके ग्वाले से द्वारकाधीश होने की सम्पूर्ण यात्रा

कृष्ण की सोलह कलाएँ उनके विशेष सोलह गुणों से सम्बंधित हैं। जो यदि किसी में हों तो जिस अनुपात में इन गुणों की व्याप्ति होगी उसी अनुपात में...

PM मोदी की दाढ़ी-मूँछ से नाराजगी: थरूर और बरखा दत्त की गंभीर चर्चा, बताया – ‘ऋषिराज योद्धा के लिए यह सब कुछ’

थरूर और बरखा की इस 'गंभीर चर्चा' के दौरान देश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कम हुई और पीएम मोदी की दाढ़ी कितनी बढ़ रही है, इस पर ज्यादा हुई।

8 जून को दिशा ने की सुसाइड, 14 को फंदे से लटके मिले सुशांत, इस बीच खूब हुई महेश भट्ट और रिया के बीच...

जिस दिन दिशा ने सुसाइड किया था, उसी दिन रिया ने सुशांत का घर छोड़ा। इसके बाद उसके और महेश भट्ट के बीच अचानक फोन कॉल बढ़ गए। सिलसिला सुशांत की मौत तक जारी रहा।

मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील पर फायरिंग, अतीक अहमद गैंग का हाथ होने का दावा

प्रयागराज में बदमाशों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील अभिषेक शुक्ला पर फायरिंग की। हमले में वे बाल-बाल बच गए।

सुप्रीम कोर्ट को प्रशांत भूषण की माफी कबूल नहीं, 11 साल पहले कहा था- पिछले 16 चीफ जस्टिस में आधे करप्ट

प्रशांत भूषण का माफीनामा खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक अवमानना के इस मामले को सुने जाने की जरूरत है।

बुर्के वाली औरतों की टीम तैयार की गई थी, DU के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने दंगों का दिया था मैसेज: गुलफिशा ने उगले राज

"प्रोफेसर ने हमे दंगों के लिए मैसेज दिया था। पत्थर, खाली बोतलें, एसिड, छुरियाँ इकठ्ठा करने के लिए कहा गया था। सभी महिलाओं को लाल मिर्च पाउडर रखने के लिए बोला था।"

प्रचलित ख़बरें

बुर्के वाली औरतों की टीम तैयार की गई थी, DU के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने दंगों का दिया था मैसेज: गुलफिशा ने उगले राज

"प्रोफेसर ने हमे दंगों के लिए मैसेज दिया था। पत्थर, खाली बोतलें, एसिड, छुरियाँ इकठ्ठा करने के लिए कहा गया था। सभी महिलाओं को लाल मिर्च पाउडर रखने के लिए बोला था।"

ऑटो में महिलाओं से रेप करने वाले नदीम और इमरान को मारी गोली: ‘जान बच गई पर विकलांग हो सकते हैं’

पूछताछ के दौरान नदीम और इमरान ने बताया कि वे महिला सवारी को ऑटो रिक्शा में बैठाते थे। बंधक बनाकर उन्हें सुनसान जगह पर ले जाते और बलात्कार करते थे।

मस्जिद में कुरान पढ़ती बच्ची से रेप का Video आया सामने, मौलवी फरार: पाकिस्तान के सिंध प्रांत की घटना

पाकिस्तान के सिंध प्रान्त स्थित कंदियारो की एक मस्जिद में बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोपित मौलवी अब्बास फरार बताया जा रहा है।

मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील पर फायरिंग, अतीक अहमद गैंग का हाथ होने का दावा

प्रयागराज में बदमाशों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील अभिषेक शुक्ला पर फायरिंग की। हमले में वे बाल-बाल बच गए।

लटका मिला था भाजपा MLA देबेन्द्र नाथ रॉय का शव: मुख्य आरोपी माबूद अली गिरफ्तार, नाव से भागने की थी योजना

भाजपा MLA देबेन्द्र नाथ रॉय के कथित आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपित माबूद अली को गिरफ्तार कर लिया गया है। नॉर्थ दिनाजपुर के हेमताबद में...

कॉल रिकॉर्ड से खुली रिया चकवर्ती की कुंडली: मुंबई के DCP के संपर्क में थी, महेश भट्ट का भी नाम

रिया चक्रवर्ती की कॉल डिटेल से पता चला है कि वह मुंबई पुलिस के एक टॉप अधिकारी के संपर्क में थी।

जन्माष्टमी: सम्पूर्णता में जीने का सन्देश – श्री कृष्ण की 16 कलाएँ, उनके ग्वाले से द्वारकाधीश होने की सम्पूर्ण यात्रा

कृष्ण की सोलह कलाएँ उनके विशेष सोलह गुणों से सम्बंधित हैं। जो यदि किसी में हों तो जिस अनुपात में इन गुणों की व्याप्ति होगी उसी अनुपात में...

PM मोदी की दाढ़ी-मूँछ से नाराजगी: थरूर और बरखा दत्त की गंभीर चर्चा, बताया – ‘ऋषिराज योद्धा के लिए यह सब कुछ’

थरूर और बरखा की इस 'गंभीर चर्चा' के दौरान देश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कम हुई और पीएम मोदी की दाढ़ी कितनी बढ़ रही है, इस पर ज्यादा हुई।

8 जून को दिशा ने की सुसाइड, 14 को फंदे से लटके मिले सुशांत, इस बीच खूब हुई महेश भट्ट और रिया के बीच...

जिस दिन दिशा ने सुसाइड किया था, उसी दिन रिया ने सुशांत का घर छोड़ा। इसके बाद उसके और महेश भट्ट के बीच अचानक फोन कॉल बढ़ गए। सिलसिला सुशांत की मौत तक जारी रहा।

मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील पर फायरिंग, अतीक अहमद गैंग का हाथ होने का दावा

प्रयागराज में बदमाशों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील अभिषेक शुक्ला पर फायरिंग की। हमले में वे बाल-बाल बच गए।

रायपुर: 9 साल की बच्ची से मदरसे के मौलवी ने किया बलात्कार, अरबी पढ़ाने आता था पीड़िता के घर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक मदरसे में पढ़ाने वाले 25 साल के मौलवी को 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने का आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

आत्मनिर्भरता की रीति में बनी नई शिक्षा नीति

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कहीं भी इस बात का बिल्कुल ही जिक्र नहीं है कि अंग्रेजी को एकदम हटाया जाए। इस नीति में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो भी विदेशी भाषा है, उसको विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।

‘हरामियों को देखो, मस्जिद सिंगर और एक्टर के जाने की जगह नहीं’: सबा कमर पर टूटे इस्लामी कट्टरपंथी

पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा कमर अपने एक डांस वीडियो की वजह से इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं। इस वीडियो का कुछ हिस्सा मस्जिद में शूट किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट को प्रशांत भूषण की माफी कबूल नहीं, 11 साल पहले कहा था- पिछले 16 चीफ जस्टिस में आधे करप्ट

प्रशांत भूषण का माफीनामा खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक अवमानना के इस मामले को सुने जाने की जरूरत है।

‘इसी महीने बीजेपी में शामिल हो सकते हैं शरद पवार के 12 MLA’: महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बताया अफवाह

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 12 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। वे इस महीने के अंत तक पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

बुर्के वाली औरतों की टीम तैयार की गई थी, DU के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने दंगों का दिया था मैसेज: गुलफिशा ने उगले राज

"प्रोफेसर ने हमे दंगों के लिए मैसेज दिया था। पत्थर, खाली बोतलें, एसिड, छुरियाँ इकठ्ठा करने के लिए कहा गया था। सभी महिलाओं को लाल मिर्च पाउडर रखने के लिए बोला था।"

हमसे जुड़ें

246,500FansLike
64,541FollowersFollow
295,000SubscribersSubscribe
Advertisements