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‘1,000 से ज्यादा फ़ास्ट ट्रैक अदालतें, 1 साल में होगा 1,66,882 बलात्कार-पॉक्सो मामलों का निपटारा’

उन्नाव मामले में भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मामले को फ़ास्ट ट्रैक अदालत के हवाले करने की घोषणा कर दी है।

देश में बलात्कार के मामलों की बढ़ती संख्या और इनमें न्याय की धीमी प्रक्रिया को देखते हुए मोदी सरकार ने देश भर में 1023 फ़ास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का निर्णय लिया है। इनमें केवल पॉक्सो और बलात्कार के मामलों की सुनवाई होगी। इसके ज़रिए सरकार एक साल में लंबित 1,66,882 रेप और पॉक्सो मामलों का निपटारा कर देना चाहती है

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने हर एक राज्य और हाई कोर्ट से इनके गठन और संचालन के लिए हाँ या न इसी साल 31 दिसंबर तक कर देने के लिए कहा है। इनके लिए सुझाव अगले वित्त आयोग (2020-25) की रिपोर्ट में भी होने की उम्मीद है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्य सभा में बताया कि 16 राज्यों ने केंद्र सरकार को इसके लिए हाँ कर दिया है। इसके अलावा 704 फ़ास्ट -ट्रैक अदालतों का गठन हो चुका है और उनमें न्यायिक काम चल रहा है।

भाजपा सांसद राजकुमारी दीया कुमारी ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

उन्नाव मामले में भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मामले को फ़ास्ट ट्रैक अदालत के हवाले करने की घोषणा कर दी है

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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