Wednesday, August 4, 2021
Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल में सरकारी कम्युनिटी हॉल से मिले 200 क्रूड बम, TMC के जिला...

पश्चिम बंगाल में सरकारी कम्युनिटी हॉल से मिले 200 क्रूड बम, TMC के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मण्डल के घर के पास की घटना

टीएमसी के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मण्डल के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित सरकारी कम्युनिटी हॉल में बम स्टॉक होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर नानूर पुलिस ने संदिग्ध जगह पर छापेमारी की जहाँ से 200 क्रूड बम बरामद हुए। इसके साथ ही बम बनाने का मसाला और सुतली भी बरामद की गई।

जहाँ एक ओर पश्चिम बंगाल में आज (10, अप्रैल) चौथे चरण के चुनाव में वोट डाले जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर बंगाल के ही बीरभूम जिले के नानूर में एक सरकारी कम्युनिटी हॉल से 200 क्रूड बम बरामद हुए हैं। नानूर में तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के अनुब्रत मण्डल के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित कम्युनिटी हॉल से ये बम बरामद हुए हैं। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बम स्क्वाड ने पुलिस द्वारा बरामद किए बमों को डिफ्यूज कर दिया है।

ETV भारत की खबर के अनुसार नानूर विधानसभा का हत्सेरंडी गाँव टीएमसी के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मण्डल का गाँव है। मण्डल के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित सरकारी कम्युनिटी हॉल में बम स्टॉक होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर नानूर पुलिस ने संदिग्ध जगह पर छापेमारी की जहाँ से 200 क्रूड बम बरामद हुए। इसके साथ ही बम बनाने का मसाला और सुतली भी बरामद की गई। पुलिस ने मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है जो ताल लगाकर हॉल की रखवाली कर रहे थे।

सीआईडी बम स्क्वाड द्वारा सभी बमों को गाँव के बाहर नष्ट किया गया। 200 बमों के एक साथ मिलने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री रहते हुए बंगाल में एक ही उद्योग फला-फूला है और वह है बम बनाने का उद्योग।

इससे पहले भी बंगाल में कई जगह बम बरामद हो चुके हैं। सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने भी कहा था कि पेट्रोल बम, सुतली बम जैसे अलग-अलग तरह के बम बंगाल में चुनाव के समय बनाए जाते हैं, जिनका उद्देश्य होता है लोगों को डराना। भाजपा नेताओं ने भी कई बार यह आरोप लगाया कि उनके ऊपर हमलों में क्रूड बमों का इस्तेमाल हुआ है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली में कमाल: फ्लाईओवर बनने से पहले ही बन गई थी उसपर मजार? विरोध कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी, देखें वीडियो

दिल्ली के इस फ्लाईओवर का संचालन 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन मजार की देखरेख करने वाला सिकंदर कहता है कि मजार वहाँ 1982 में बनी थी।

राणा अयूब बनीं ट्रोलिंग टूल, कश्मीर पर प्रोपेगेंडा चलाने के लिए आ रहीं पाकिस्तान के काम: जानें क्या है मामला

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय से जुड़े लोग ऑन टीवी राणा अयूब की तारीफ करते हैं। वह उन्हें मोदी सरकार का पर्दाफाश करने वाली ;मुस्लिम पत्रकार' के तौर पर जानते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,975FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe