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केजरीवाल के विधायक ने जल संकट का वीडियो पोस्ट करने पर AAP समर्थक को भेजा 1 करोड़ का मानहानि नोटिस

"मैं भी आप समर्थक था, लेकिन जब पिछले 4 सालों में हमारी परेशानी का समाधान नहीं हुआ तो मैंने समस्या को प्रकाश में लाने के लिए यूट्यूब पर वीडियो डाला। मैं यहाँ किराए पर रहता हूँ और मुश्किल से 9,000 रुपए कमाता हूँ। लेकिन मैं उनसे डरता नहीं हूँ।"

आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने अपने विधान सभा क्षेत्र के एक व्यक्ति को 1 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भेजा है। जिस व्यक्ति को नोटिस भेजा गया है उसने अपने इलाके में पानी की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया में एक वीडियो पोस्ट कर मोहनिया को भ्रष्टाचारी कहा था।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक संगम विहार निवासी प्रदीप मौर्या को दिनेश मोहनिया के वकील द्वारा 1 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा गया है। इसमें सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर मौर्या पर मोहनिया की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया है।

प्रदीप मौर्या का दावा है कि उन्हें संगम विहार में पानी संकट की वास्तविक स्थिति बयान करने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। प्रदीप बताते हैं, “मैं भी आप समर्थक था, लेकिन जब पिछले 4 सालों में हमारी परेशानी का समाधान नहीं हुआ तो मैंने समस्या को प्रकाश में लाने के लिए यूट्यूब पर वीडियो डाला। मैं यहाँ किराए पर रहता हूँ और मुश्किल से 9,000 रुपए कमाता हूँ। लेकिन मैं उनसे डरता नहीं हूँ। मैं कोर्ट में केस लड़ूँगा। उन्होंने मेरी वीडियो भी डिलीट कर दी है। हो सकता है प्रशासन की ताकत उनके साथ हो, लेकिन स्थानीय लोग मेरे साथ हैं।“

वहीं, मोहनिया के वकील ने साफ़ किया है कि आप नेता को इस बात से दिक्कत है कि प्रदीप ने अपनी वीडियो में उनके ख़िलाफ़ झूठे आरोप लगाए। आप नेता के वकील अनिल तोमर कहते हैं कि मोहनिया को वीडियो में भ्रष्टाचारी कहा गया है। साथ ही उनपर आरोप लगाया गया है कि वे माफिया के नेक्सस में काम कर रहे हैं।

इस मामले इंडिया टुडे से बातचीत में दिनेश मोहनिया ने कहा कि मौर्या ने अपनी वीडियो के जरिए उनके ख़िलाफ़ गलत जानकारी फैलाने का प्रयास किया है। वह कहते हैं, “मैंने कभी किसी को इलाके की तस्वीर उतारने से मना नहीं किया। मैं हमेशा लोगों को अपने संसदीय क्षेत्र की जमीनी हकीकत दिखाने के लिए आमंत्रित करता हूँ। ये लोगों पर है कि वो निर्णय ले कि इलाके में काम हुआ है या नहीं।“

गौरतलब है कि मोहनिया की इस मसले पर आप के एक अन्य विधायक प्रकाश जरवाल से ट्विटर पर झड़प भी हो चुकी है।

ऐसा लगता है कि विधानसभा चुनाव नजदीक देख आप विधायक सुर्ख़ियों में आने का नया-नया तरीका खोज रहे हैं। जनता की समस्या सुलझाने के बजाय 9000 की नौकरी करने वाले आम आदमी को 1 करोड़ की मानहानि नोटिस भेजना भी इसमें शामिल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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