Thursday, July 7, 2022
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कृषि कानूनों में ‘काला’ क्या है? ‘खून से खेती’ सिर्फ कॉन्ग्रेस ही कर सकती है, BJP नहीं: राज्यसभा में जमकर बरसे कृषि मंत्री

"मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूँगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और कानूनों को जोर देकर काले कानून कहा। मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है?"

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। केंद्र द्वारा पारित कृषि कानूनों के मसले पर शुक्रवार (5 फरवरी, 2021) को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार लगातार किसानों से बात करने में लगी हुई है। दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। लेकिन सिर्फ कॉन्ग्रेस है जो खून से खेती कर सकती है।

किसान आंदोलन को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने वाले विपक्षी पार्टियों पर आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर राज्यसभा में जमकर बरसे। उन्होंने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा, “दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कॉन्ग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकती।”

केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “हमने किसान संगठनों के साथ 12 दौर की वार्ता की, उनके विरुद्ध कुछ नहीं कहा और बार-बार यही कहा है कि आप क्या बदलाव चाहते हैं वो हमें बता दीजिए। भारत सरकार कानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि कानूनों में कोई गलती है। पूरे एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं। किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया है कि ये कानून आपकी जमीन ले जाएँगे।”

वहीं मोदी सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानून को काला कानून बताने वाले विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूँगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और कानूनों को जोर देकर काले कानून कहा। मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है?”

कृषि मंत्री बोले कि नए एक्ट के तहत किसान अपने सामान को कहीं भी बेच सकेगा। यदि एपीएमसी के बाहर कोई ट्रेड होता है, तो किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा। केंद्र सरकार का एक्ट राज्य सरकार के टैक्स को समाप्त करता है, मगर राज्य सरकार का कानून टैक्स देने की बात करता है। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो टैक्स लेना चाह रहा है, आंदोलन उनके खिलाफ होना चाहिए मगर यहाँ उल्टी गंगा बह रही है।

कॉन्ग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “कुछ लोग मनरेगा को गड्ढों वाली योजना कहते थे। जब तक आपकी सरकार थी उसमें गड्ढे खोदने का ही काम होता था। लेकिन मुझे ये कहते हुए प्रसन्नता और गर्व है कि इस योजना की शुरुआत आपने की लेकिन इसे परिमार्जित हमने किया।”

उन्होंने कहा, “कई बार विपक्ष की तरफ से ये बात सामने आती है कि आप कहते हैं कि सब मोदी जी की सरकार ने किया है पिछली सरकारों ने तो कुछ भी नहीं किया। मैं इस मामले में ये कहना चाहता हूँ कि इस प्रकार का आरोप लगाना उचित नहीं है। मोदी जी ने सेंट्रल हॉल में अपने पहले भाषण में और 15 अगस्त को भी उन्होंने कहा था कि मेरे पूर्व जितनी भी सरकारे थी उन सबका योगदान देश के विकास में अपने-अपने समय पर रहा है।”

मोदी सरकार के कामों को लेकर राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गाँव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले कल में भी रहेगी। किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपए का योगदान दिया। आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपए डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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