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इमरान, राम रहीम और आसाराम बापू को दिखाया BJP का सदस्य, ग़ुलाम फ़रीद शेख गिरफ़्तार

फ़रीद शेख ने भाजपा के सदस्यता अभियान को बदनाम करने के उद्देश्य से जालसाज़ी कर सोशल मीडिया पर कथित रूप से इनके फ़र्ज़ी ई-सदस्यता कार्ड भी अपलोड किए।

गुजरात के अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने शनिवार (27 जुलाई 2019) को ग़ुलाम फ़रीद शेख (40 वर्षीय) को गिरफ़्तार किया। उस पर फर्जीवाड़े से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य बताने का आरोप है।

ख़बर के अनुसार, फ़रीद शेख ने जालसाज़ी से न केवल इमरान खान को भाजपा का पंजीकृत सदस्य दिखाया, बल्कि बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह और आसाराम बापू को भी भाजपा का सदस्य बताया। ऐसा उसने भाजपा के सदस्यता अभियान को बदनाम करने के उद्देश्य से किया। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया पर कथित रूप से इनके फ़र्ज़ी ई-सदस्यता कार्ड भी अपलोड किए।

भाजपा के अहमदाबाद शहर के महासचिव कमलेश पटेल ने कहा कि आरोपित ने भगवा पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए इमरान खान, आसाराम बापू और गुरमीत राम रहीम के जाली ई-सदस्यता कार्ड प्रसारित किए।

पटेल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, भाजपा ने 6 जुलाई से सदस्यता अभियान शुरू किया था, जिसके लिए पार्टी ने नए सदस्यों को पार्टी में पंजीकृत करने के लिए एक सेलफोन नंबर जारी किया। यदि कोई व्यक्ति पार्टी के नंबर पर कॉल करके बताए गए स्टेप्स को फॉलो करते हुए, दिए गए वेब लिंक पर अपना व्यक्तिगत विवरण, फोटोग्राफ और सेलफोन नंबर अपलोड करता है, तो उसे पार्टी के लोगो (Logo) के साथ सदस्यता कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड को ई-कार्ड कहा जाता है, जिसमें एक यूनिक नंबर सदस्य को दी जाती है।

भाजपा सदस्यों को ग़ुलाम फ़रीद शेख की इस जालसाज़ी के बारे में 24 जुलाई को पता चला, जब उसने इमरान खान, आसाराम बापू और राम रहीम की तस्वीरों वाले कार्ड को भाजपा का प्राइमरी सदस्य बताते हुए सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

तस्वीर सौजन्य: इंडिया टूडे

साइबर सेल ने फ़रीद शेख के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-465 (जालसाजी), आईपीसी की धारा-469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए जालसाज़ी) और आईपीसी की धारा-471 (वास्तविक दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के रूप में इस्तेमाल करना) और सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम (पहचान की चोरी के लिए सजा) धारा-66-C के तहत मामला दर्ज किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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