उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव ने पार्टी की सभी इकाइयों को किया भंग, सपा में मची खलबली

"पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी राज्य इकाईयों को भंग कर दिया है। सभी ज़िला, युवा और अन्य विंग ईकाइयों को को भी भंग कर दिया गया है।"

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से समाजवादी पार्टी के सभी युवा संगठनों, छात्र सभा, महिला संगठन एवं सभी प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी भंग कर दी है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई को बताया, “पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी राज्य कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। सभी ज़िला, युवा और अन्य इकाइयों को भी भंग कर दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के पद को छोड़कर अखिलेश ने सभी के पद ख़त्म कर दिए हैं। पार्टी अब नए सिरे से लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपने का काम करेगी। ऐसी संभावना जताई जा रही है जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। अब पार्टी नए सिरे से प्रदेश के ज़िलाध्यक्ष और प्रवक्ताओं समेत अन्य सदस्यों की नियुक्ति करेगी।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ग़ौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने के साथ ही अखिलेश यादव ने सबसे पहले अपने प्रवक्ता पैनल को भंग किया था। पार्टी की ओर से दिशा-निर्देश जारी किया गया था कि मीडिया में पार्टी के संदर्भ में कोई भी अधिकृत बयान जारी नहीं करेगा और हर किसी को मीडिया से दूर रहने की हिदायत दी गई थी।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल यादव के अनुसार, यह फ़ैसला रूटीन प्रक्रिया के तहत लिया गया है। हर बार चुनाव के बाद इन इकाइयों को भंग कर दिया जाता है। इससे पार्टी मेें नए लोगों को आने का मौक़ा मिलता है। उन्होंने बताया कि अब लोगों की मेहनत देखकर उन्हें पद दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी में होने वाले उप चुनाव के मद्देनज़र यह फ़ैसला लिया गया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

जाधवपुर यूनिवर्सिटी अक्सर वामपंथी छात्र संगठनों की करतूतों से चर्चा में रहता है। 2016 में जेएनयू की तरह यहॉं के भी छात्रों ने अफजल के समर्थन में नारे लगाए थे। 2014 में सरेआम एक-दूसरे को चुंबन लेकर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार किया था। अब विरोध के नाम पर न केवल केंद्रीय मंत्री के साथ बदतमीजी की गई है, बल्कि राज्यपाल को भी परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई ।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हिन्दू बाबा बनकर तमिल नाडु में क्या कर रहा था अब्दुल वहाब?

महाराष्ट्र निवासी अब्दुल वहाब तमिलनाडु में भगवा लिबास में पकड़ा गया, दरगाह पर सोने से हुआ शक

उस पर किसी को शक न होता अगर उसने एक गलती न की होती- उसने सोने की जगह गलत चुनी। वहाब सोने के लिए हिन्दू साधु के भेष में ही दरगाह पर जाता था।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।
फवाद हुसैन

आपके पैदा होने पर कंडोम बनाने वालों ने आपके अम्मी-अब्बू से माँगी होगी माफी, Pak मंत्री को ऐसे पड़ी लताड़

इस ट्वीट पर भारतीयों द्वारा भी उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई गई। उन्हें कहा गया कि उनके पास दिमाग बच्चों वाला है और पाकिस्तान ने उन्हें विज्ञान और तकनीक मंत्री बनाया हुआ है।
जशोदाबेन, ममता बनर्जी

PM मोदी से पहले जशोदाबेन से मिलने को दौड़ीं ममता बनर्जी, भेंट की साड़ी

जशोदाबेन को देखते ही ममता बनर्जी उनकी ओर दौड़ पड़ीं और बातचीत के बाद साड़ी भेंट की। लोकसभा चुनावों के दौरान अक्षय कुमार को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने जिक्र किया था ममता बनर्जी उन्हें हर साल कुर्ते और मिठाइयॉं भेजा करती हैं।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
बलवंत मेहता (बाएँ) और कैस हुसैन (दाहिने)

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसे Pak एयर फोर्स ने हवा में ही मार डाला था, आज ही के दिन, ठीक 54 साल पहले

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने हिंदुस्तानी वायुसीमा के भीतर घुसकर मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता के विमान पर हमला कर दिया। CM के पायलट ने डैने ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर नागरिक विमान होने का संकेत भी दिया लेकिन Pak के फाइटर पायलट ने पहले बायाँ और फिर दायाँ डैना पर...
राम-जानकी विवाह मंडप

तुलसी बाबा ने यूॅं ही नहीं लिखा- झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन को केवल इस बात का सबूत चाहिए कि अयोध्या के किस खास जगह पर राम का जन्म हुआ था। वरना इकबाल के इमाम-ए-हिंद को वे भी याद करते हैं। कृपानिधान तो वाजिद अली शाह के भी राम ही थे। लेकिन, किसी ने न लिखा, न गाया। राम किस प्लॉट में पैदा हुए थे?
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
अयोध्या विवाद

मंदिर के मलबे पर ही बनी थी बाबरी मस्जिद, 53 मुसलमानों ने पाताल से निकाले मंदिर के सबूत

पुरातात्विक अध्ययन के लिए 1976-77 प्रो. बीबी लाल की अगुवाई में अयोध्या में हुई खुदाई के दौरान ही इस बात के सबूत मिल गए थे कि मस्जिद कभी मंदिर था। हाई कोर्ट के आदेश पर 2003 में हुई खुदाई से सबूतों की झड़ी लगी। वे सबूत जिनसे बाबरी मस्जिद का दावा कमजोर हुआ और जो हाई कोर्ट के फैसले का आधार बने।
नितिन गडकरी

जानिए क्या हुआ जब बिना जाँचे ही नितिन गडकरी की कार का बना दिया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट

डेक्कन पुलिस स्टेशन में PUC सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह काम किसी एक व्यक्ति ने किया है। हालाँकि उसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,456फैंसलाइक करें
15,324फॉलोवर्सफॉलो करें
97,800सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: