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जिसे कॉन्ग्रेस ने बनाया था विधायक दल का नेता, वही BJP में शामिल: अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस की हालत खस्ता, पार्टी के साथ बस 1 MLA

अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की यूनिट ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया, "कॉन्ग्रेस को झटका देते हुए मेबो संसदीय क्षेत्र से लोम्बो तायेंग जी ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास जताया है।"

गुजरात के बाद अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका लगा है। खबर है कि नॉर्थ ईस्ट राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस ने जिसे अपने विधायक दल का नेता बनाया था, वही लोम्बो तायेंग पार्टी का हाथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए हैं। उनके इस फैसले के बाद कॉन्ग्रेस के पास अब केवल एक विधायक ही राज्य में बचा है वो भी प्रदेश के पूर्व सीएम नबाम तुकी हैं। इससे पहले दो और विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी।

अरुणाचल प्रदेश की भाजपा की यूनिट ने इस संबंध में जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, “कॉन्ग्रेस को झटका देते हुए मेबो संसदीय क्षेत्र से लोम्बो तायेंग ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास जताया है। उनके साथ चकत अबो जी भी पार्टी में जुड़ी हैं जो दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी से जुड़कर अपनी सेवा देना चाहती हैं। “

बता दें कि साल 2019 में 60 सदस्यीय विधानसभा सीट में कॉन्ग्रेस द्वारा 4 सीटें जीती गईं थीं। लेकिन अब साल 2024 के चुनाव से पूर्व इनमें से 3 विधायक पार्टी का हाथ छोड़ चुके हैं। लोम्बो के पार्टी छोड़ने से पहले पिछले ही हफ्ते कॉन्ग्रेस के दो विधायक निनॉन्ग एरिंग और वांगलिन लोवांगडोंग भाजपा में शामिल हुए थे। उनके साथ एनपीपी के 2 विधायकों ने भी बीजेपी की सदस्यता ली थी। अब ऐसी खबर लोम्बो तायेंग को लेकर है जिनके साथ निर्दलीय विधायक भी बीजेपी में जुड़ी हैं।

जानकारी के मुताबिक पूर्वी सियांग जिले के मेबो से तायेंग 6 बार कॉन्ग्रेस विधायक रहे थे। उनके साथ तिरम जिले के खोंसा पश्चिम से निर्दलीय विधायक चकत अबो भी बीजेपी में शामिल हुईं। भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष बियूराम की मौजूदगी में निर्दलीय विधायक और कॉन्ग्रेस विधायक का पार्टी में स्वागत किया।

दोनों विधायकों ने भाजपा के नेतृत्व और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में पूर्व विश्वास जताते हुए भाजपा में शामिल होने का काम किया। इनके पार्टी में आने से विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। वहीं एनपीपी के पास 2 विधायक हैं और कॉन्ग्रेस विधायक के अलावा 2 निर्दलीय विधायक जुड़ गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले यू भाजपा के पाले में दूसरी पार्टी के नेताओं का आना दिखाता है कि इस बार भी प्रदेश में बीजेपी की स्थिति मजबूत है। इससे पहले गुजरात में कॉन्ग्रेस के दो नेताओं ने एक ही दिन में पार्टी का हाथ छोड़ा था। इनमें अंबरीश डेर और अर्जुन मोढवाडिया जैसे दिग्गज नेता शामिल थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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