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दिल्ली में ‘मुफ्त बिजली’ का सच: चुनाव बाद लगेंगे पैसे… खुद देखिए केजरीवाल सरकार का ऑर्डर

"दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने बिजली बिल में 31 मार्च तक ही छूट दी है। ऑर्डर की कॉपी में आप खुद ही देख लें। इलेक्शन के बाद दोबारा बिजली बिल शुरू हो जाएँगे। दिल्ली वालो... देख लो, फिर से फाँसने के लिए इसने..."

अपनी विवादित टिप्पणियों के चलते हमेशा चर्चा में रहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पूरी राजनीति मानो झूठे वादों और नौटंकी पर ही टिकी हुई है। झूठ की सियासत करने वाले केजरीवाल का एक और झूठ बिजली के बिल माफ़ करने को लेकर सामने आया है। दरअसल, केजरीवाल यह कहते नज़र आ रहे हैं कि उनकी सरकार ने दिल्ली की जनता को 200 यूनिट तक बिजली मुफ़्त में देने का फ़ैसला किया है और इससे काफ़ी लोगों को फ़ायदा मिल रहा है। जबकि उनके इस खोखले दावे की सच्चाई यह है कि केजरीवाल सरकार ने सिर्फ़ चुनाव के मद्देनज़र यह सियासी खेल खेला है।

दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर जो मुफ़्त बिजली बिल से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, उसके अनुसार, सिर्फ़ 31 मार्च 2020 तक ही 200 यूनिट मुफ़्त बिजली का प्रावधान किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी चुनावी राजनीति को अंजाम देते हुए जनता को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने दिल्ली वासियों के हित में कई अहम फ़ैसले लिए हैं, इनमें मुफ़्त बिजली भी शामिल है।

दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेज़

आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित दस्तावेज़ को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

केजरीवाल ने अपने झूठ को भले ही सामने न आने दिया हो, लेकिन सोशल मीडिया के इस युग में लोगों की नज़र से कुछ नहीं बच पाता। देर-सवेर लोग इन चुनावी दावों की तह तक पहुँच ही जाते हैं और खोज लाते हैं इसकी असल हक़ीकत। ऐसा ही मुफ़्त बिजली के खोखले दावों के साथ भी हुआ। यूज़र्स ने आधिकारिक वेबसाइट के दस्तावेज़ को संलग्न करते हुए केजरीवाल के झूठ का पर्दाफ़ाश किया।

इसके अलावा, भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली का बिल माफ़ करने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की घोषणा को चुनावी लॉलीपॉप बताया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जब भी चुनाव आते हैं, अरविंद केजरीवाल मुफ़्त वाली घोषणाएँ करने में जुट जाते हैं। उन्होंने दिल्ली सचिवालय से प्राप्त एक दस्तावेज़ (सर्कुलर) का हवाला देते हुए इस बात का भी ज़िक्र किया था कि 31 मार्च 2020 के बाद मुफ़्त बिजली का कोई उल्लेख ही नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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