Homeराजनीति'हम अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं, तुम्हारी हुकूमत से नहीं डरेंगे': ओवैसी ने...

‘हम अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं, तुम्हारी हुकूमत से नहीं डरेंगे’: ओवैसी ने मुस्लिमों को भड़काया – मैदान मत छोड़ो

उन्होंने वीडियो में आगे कहा, "खरगोन में मुसलमानों के घर तोड़ दिए, जहाँगीरपुरी में उनके साथ हिंसा हुई। मैं कह रहा हूँ कि हिम्मत मत खोना। मुझे मौत से डर नहीं है। हम तुम्हारी हुकूमत से डरने वाले नहीं है।"

एआईएमआईएम (AIMIM) के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियों में भाषण देते हुए उनकी आँखों से आँसू आ गए। वायरल वीडियो को एआईएमआईएम (AIMIM) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया गया है। करीब 1 घंटा 40 मिनट के इस वीडियो में असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिमों को मैदान नहीं छोड़ने की सलाह देते हुए नजर आ रहे हैं।

उन्होंने 38 सेकंड के दौरान रोते हुए कहा, “हम तुम्हारे जुल्म से नहीं डरेंगे, तुम्हारी ताकत से नहीं डरेंगे, सब्र से मुकाबला करेंगे, मैदान नहीं छोड़ेंगे।” इस दौरान वीडियो में ‘इंशाअल्लाह’ और ‘अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे भी लगाए गए।

उन्होंने वीडियो में आगे कहा, “खरगोन में मुसलमानों के घर तोड़ दिए, जहाँगीरपुरी में उनके साथ हिंसा हुई। मैं कह रहा हूँ कि हिम्मत मत खोना। मुझे मौत से डर नहीं है। हम तुम्हारी हुकूमत से डरने वाले नहीं है।” ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी नजरों में कई ऐसी घटनाएँ हुई हैं, जहाँ पर सीधे तौर पर एक धर्म के खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने यह भी कहा, “हम अल्लाह के रास्ते पर चलने वाले हैं, हिम्मत रखने वाले हैं। मुस्लिम समाज के पास सिर्फ ईमान वाली दौलत है, ऐसे में अल्लाह ही उनके लिए रास्ते खोलेगा। किसी को भी मायूस होने की जररूत नहीं है, उतार चढ़ाव आएँगे, लेकिन हर चुनौती का डटकर सामना किया जाएगा।”

बता दें कि इससे पहले भी कई मौकों पर ओवैसी ऐसे भाषण दे चुके हैं, जिसमें उनका एक समुदाय के प्रति खास झुकाव देखने को मिला है। रामनवमी पर हुईं हिंसा को लेकर भी उन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर यह मुद्दा उठाया था कि उनकी नजरों में केवल एक विशेष समुदाय के खिलाफ ही पुलिस का एक्शन हो रहा है और बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे बीजेपी की बाँटने वाली रणनीति बताया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -