Sunday, July 25, 2021
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‘आसनसोल को केंद्र से मिलने थे ₹3500 करोड़, ममता सरकार की राजनीति के कारण अटके’: एक और TMC विधायक ने खोला मोर्चा

"केंद्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं को हमारे शहर आसनसोल तक नहीं पहुँचने दिया गया। AMC ने राज्य सरकार को कई कई प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स भेजे हैं, लेकिन एक पर भी अनुमति प्रदान नहीं की गई है। राजीगंज में राजकुमार द्वारकानाथ ठाकुर टाउन हॉल का निर्माण उनमें से एक है। जमुरिया में स्थित टाउन हॉल का पुनर्निर्माण होना है।"

पश्चिम बंगाल में लगातार बगावतों से जूझती तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को फिर से झटका लगा है। अबकी आसनसोल नगर निगम (AMC) के अध्यक्ष और पांडवेश्वर के TMC विधायक जितेंद्र तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर ‘दीदी’ के खिलाफ मोर्चा खोला है। पश्चिम बंगाल सरकार में शहरी विकास और नगर निगम मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम को एक पत्र लिख कर उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास को लेकर आवाज उठाई है।

पत्र में TMC विधायक जितेंद्र तिवारी ने लिखा है कि स्मार्ट सिटी मिशन प्रोजेक्ट के तहत उनके शहर आसनसोल को भी चुना गया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से राज्य सरकार ने शहर को केंद्र से आने वाली सुविधाओं को प्राप्त करने से रोक दिया। उन्होंने लिखा कि वे आसनसोल में ही जन्मे व पले-बढ़े हैं और शहरी निकाय के अध्यक्ष के रूप में भी पिछले कई वर्षों से अपनी जिम्मेदारियों का वहन कर रहे हैं, लेकिन इस मामले में उन्हें गहरा धक्का लगा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राज्य सरकार ने शहर को केंद्र की स्मार्ट सिटी मिशन प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की अनुमति दी होती तो उसे 2000 करोड़ रुपए के फंड्स मिलते, जो शहर के विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होते। उन्होंने कहा कि पार्षदों की मेहनत AMC के अच्छे कामों की वजह से आसनसोल को इस सुविधा के लिए चुना गया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से राज्य सरकार ने शहर को स्मार्ट सिटी नहीं बनने दिया।

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को याद दिलाया कि उसने वादा किया था कि इन फंड्स को शहर के विकास के लिए जल्द ही जारी किया जाएगा, लेकिन ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने लिखा कि सॉलिड वास्ते मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत भी केंद्र से 1500 करोड़ रुपए मिले थे, जैसा कि देश के कई शहरों को प्राप्त हुआ है। जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि इस फण्ड को भी राजनीतिक कारणों से नहीं प्राप्त होने दिया गया, जो आसनसोल के साथ अन्याय है। उन्होंने लिखा:

“केंद्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं को हमारे शहर आसनसोल तक नहीं पहुँचने दिया गया। AMC (आसनसोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) ने राज्य सरकार को कई कई प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स भेजे हैं, लेकिन एक पर भी अनुमति प्रदान नहीं की गई है। राजीगंज में राजकुमार द्वारकानाथ ठाकुर टाउन हॉल का निर्माण उनमें से एक है। जमुरिया में स्थित टाउन हॉल का पुनर्निर्माण होना है। आसनसोल, बर्नपुर, कुल्टी, जमुरिया और राजीगंज में कई सड़कों का निर्माण होना है। एक को भी हरी झंडी नहीं दिखाई गई।”

विधायक ने कहा कि वो काफी दर्द के साथ इस पत्र को लिख रहे हैं और TMC सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि आसनसोल को लेकर जो उन्होंने बुरा रवैया पाल रखा है, उसे त्याग कर इन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाए। तिवारी पश्चिम बर्धमान जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद पर भी हैं। वो कई बार विवादों में भी रहे हैं। चुनाव के दौरान रुपए का लालच देने के कारण चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा था।

इधर शुभेंदु अधिकारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिन्हें मनाने की सारी कोशिशें नाकाम रही हैं। मंत्री राजीव बनर्जी को मनाने के लिए पार्टी ने मशीनरी लगा दी है। विधायक मिहिर गोस्वामी तो पहले ही भाजपा में जा चुके हैं। राज्य में ‘मटुआ समुदाय’ के प्रति सरकार के सौतेले रवैये का आरोप लगा कर भाजपा पहले ही TMC को घेर रही है। ऐसे में सीएम ममता और पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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