Homeराजनीतिभामाशाह पर राजनीति: वसुंधरा राजे के काम को CM गहलोत ने बताया - क्रांति,...

भामाशाह पर राजनीति: वसुंधरा राजे के काम को CM गहलोत ने बताया – क्रांति, किया राजीव गाँधी को याद

अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गाँधी ने जो सपना देखा था, उसे यह सेंटर पूरा कर रहा है। वो इसे आईटी की क्रांंति के रूप में देखते हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में वसुंधरा राजे सरकार के दौरान लागू किए गए भामाशाह स्वास्थ्य योजना को बंद कराने के बाद अब उसी भामाशाह के नाम पर उसी सरकार द्वारा शुरू किए गए भामाशाह टेक्नो हब की जमकर तारीफ की है। बता दें कि सीएम गहलोत ने भामाशाह स्वास्थ्य योजना को बंद करने के पीछे तर्क दिया था कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी। मगर, गहलोत सरकार ने राजस्थान में लागू होने वाली केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का नाम बदल कर आयुष्मान भारत महात्मा गाँधी स्वास्थ्य योजना कर दिया था।

शनिवार (अगस्त 31, 2019) को उन्होंने भामाशाह के नाम पर ही चल रहे टेक्नोहब और स्टेट डेटा सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक टेक्नोलॉजी, थ्री-डी प्रिंटर तकनीक एवं एक्स आर-वी आर तकनीक पर हो रहे काम की काफी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि वो इसे आईटी की क्रांंति के रूप में देखते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को देखकर उन्हें राजीव गाँधी की याद आती है और इस प्रोजेक्ट के जरिए उनके उस समय के सपने अभी भी पूरे होने की संभावना बनी हुई है। अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गाँधी ने जो सपना देखा था, उसे यह सेंटर पूरा कर रहा है। उन्होंने इस काम और भी आगे बढ़ाने की बात कही। सीएम गहलोत के ट्वीट को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने री-ट्वीट करते हुए उनका आभार जताया।

गौरतलब है कि साल 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए जयपुर में भामाशाह टेक्नो हब (BTH) का उद्घाटन किया था। वसुंधरा राजे ने कहा था कि इसमें 700 उद्यमियों को एक छत के नीचे काम करने की सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत 1,000 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत करने के साथ ही स्टार्टअप को सभी तरह की सुविधाएँ देने के लिए कई ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों जैसे सिस्को नेटवर्किंग एकेडमी, आईबीएम आईएक्स एकेडमी, एचपी एकेडमी, इंफोसिस कैंपस कनेक्ट व ओरेकल वर्कफोर्स के साथ साझेदारी की गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब कोई भी खुद को रिपोर्टर बताता है’: जिन पत्रकारों को मुस्लिम भीड़ ने पीटा, उन्हें ही दिल्ली HC देने लगा नसीहत; आबिद अली...

दिल्ली हाई कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को पिछले साल सीमापुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले के मामले में आरोपित आबिद अली और फुरकान को जमानत दे दी।

भारत की पहली नाइट सफारी बनेगा UP का कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी: जानिए क्या होंगी इसकी विशेषताएँ

कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यहाँ मगरमच्छ और घड़ियाल रहते हैं। इसके अंदर बहुत सुंदर हिरण पार्क भी बनाया गया है।
- विज्ञापन -