Tuesday, August 9, 2022
Homeराजनीतिअग्निपथ योजना के विरोध में ₹260 करोड़ खाक, बीते 4 साल में रेलवे को...

अग्निपथ योजना के विरोध में ₹260 करोड़ खाक, बीते 4 साल में रेलवे को ₹1376 करोड़ का नुकसान: मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दी जानकारी

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में जानकारी दी कि अग्निपथ विरोधों के दौरान देशभर में कुल 2132 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा था। वो भी केवल एक सप्ताह के अंदर। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 2 लोगों की जान गई थी और 35 अन्य घायल भी हुए थे।

केंद्र सरकार जब से अग्निपथ योजना (Aginipath Scheme) लाई है, तभी से विपक्ष ने ऐसा माहौल बनाया कि देशभर में इसके खिलाफ जमकर हिंसक प्रदर्शन हुए। इस योजना का सर्वाधिक विरोध बिहार में किया गया। कई ट्रेनों को जला दिया गया। लाखों-करोड़ों की संपत्तियों को जलाकर खाक कर दिया गया। इस बीच शुक्रवार (22 जुलाई 2022) को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने संसद में एक लिखित जबाव में बताया कि अग्निपथ के विरोध प्रदर्शनों के दौरान रेलवे (Indian Railway) को 259.44 करोड़ रुपए का भारी-भरकम नुकसान हुआ है।

रेल मंत्री के मुताबिक, केवल 14 से 22 जून तक रेलवे का संचालन ठप होने के कारण 102.96 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। जबकि, अग्निपथ स्कीम के विरोध के दौरान ही 260 करोड़ रुपए की सार्वजनिक संपत्तियों को खाक कर दिया गया। वहीं अगर बीते तीन साल यानि के साल 2019 से अब तक की बात की जाए तो रेलवे को कुल 1376 करोड़ का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें 2019-20 में 151 करोड़ और 2020-21 में 904 व 2021-22 में 62 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में जानकारी दी कि अग्निपथ विरोधों के दौरान देशभर में कुल 2132 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा था। वो भी केवल एक सप्ताह के अंदर। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 2 लोगों की जान गई थी और 35 अन्य घायल भी हुए थे। जबकि 2642 उपद्रवियों को अरेस्ट किया गया था।

मालगाड़ी ने रेलवे को डूबने से बचाया

सदन में एम आरिफ के सवाल के लिखित जबाव में अश्विनी वैश्णव ने कहा कि यात्री ट्रेनों से ही रेलवे को सबसे अधिक घाटा होता है। वो तो मालगाड़ियों ने रेलवे को बचाए रखा था। अन्यथा इसका भट्ठा बैठ जाता। उन्होंने ये स्पष्ट किया कि रेलवे यात्रियों से कुल यात्रा लागत का केवल आधा ही वसूल करता है। केंद्रीय मंत्री ने ये भी स्पष्ट किया कि कोरोना महामारी के कारण बीते दो साल से रेलवे की कमाई 2019-20 की तुलना में कम रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

डोनाल्ड ट्रंप के ‘खूबसूरत घर’ पर FBI की रेड: पूर्व राष्ट्रपति बोले- मेरी तिजोरी में भी सेंध मारी, दावा- व्हाइट हाउस से लेकर चले...

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति भवन छोड़ते समय कुछ दस्तावेज अपने पास रख लिए थे। एफबीआई रेड में उन्हें ही ढूँढ रही थी।

मंदिर से लौट रहे हिन्दू परिवार पर हमला, महिलाओं से छेड़छाड़: Pak में जहाँ हुई थी हिन्दू कारोबारी की हत्या, वहाँ अब भी नहीं...

पाकिस्तान के सिंध के संघर में एक हिंदू परिवार पर रविवार शाम को मीरपुर मथेलो पुलिस थाने के भीतर लगभग एक दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
212,424FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe