Saturday, October 16, 2021
Homeदेश-समाजबिहार में अगवा हुए बजरंग दल के नेता का शव बरामद

बिहार में अगवा हुए बजरंग दल के नेता का शव बरामद

ये पहली बार नहीं है कि बजरंग दल, RSS पर या फिर BJP कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ हो। इससे पहले भी केरल राज्य में कई बार ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं।

रविवार (6 जनवरी 2019) को बिहार के भगवतपुर ज़िले से बजरंग दल के नेता रोहन कुमार को अगवा किया था, जिनका शव आज सुबह समस्तीपुर शहर से बरामद हुआ। अपहरण के बवाल से अभी पुलिस सम्हल भी नहीं पाई थी कि सोमवार को रोहन का शव मिला। पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

रविवार की देर शाम 8 संदिग्ध लोगों द्वारा बजरंग दल के नेता रोहन का अपहरण किया गया था। ये अनजान लोग बाइक पर सवार होकर आए थे और रोहन को उस समय उठाया, जब वो शौच के लिए खेत की ओर जा रहा था।

इस घटना के बाद रोहन के घरवालों ने और बजरंग दल के कई कार्यकर्ताओं ने मुसरीघरारी चौराहा को जाम कर आने जाने के रास्ते को जाम कर दिया था। इस हड़कंप की सूचना मिलने पर सरायरंजन थाना के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ पहुँचे और अपहरण करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करने का भरोसा दिलाकर लगे जाम को तुरंत हटवाया।

ये पहली बार नहीं है कि बजरंग दल, RSS पर या फिर BJP कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ हो। इससे पहले भी केरल राज्य में कई बार ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं। 2017 में CPM के कार्यकर्ताओं को RSS के एक कार्यकर्ता बीजू को मारने के आरोप में ग़िरफ़्तार किया गया था।

2016 में लेफ़्ट की सरकार आने के बाद केरल में RSS पर हमला ज़्यादा होने लगा है, और आज 2019 के आते-आते भी स्थिति सुधरने की जगह और भी ज़्यादा बिगड़ने लगी है। 2016 से तमाम ऐसे केस हैं जिनमें BJP के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। 2016 की खबरों की यदि बात करें तो अमित शाह ने ही विष्णु नाम के BJP कार्यकर्ता की मौत की सूचना दी थी। जिसके बाद एक खबर की हलचल अभी शांत ही नहीं हुई थी कि रामिथ नाम के दूसरे BJP कार्यकर्ता की मौत की खबर केरल में सामने आ गई।

इसके अलावा लखनऊ में रहने वाले पत्रकार राजीव चतुर्वेदी की संदिग्ध मौत की घटना भी 2015 में सामने आई थी। उनकी मौत पुलिस थाने में हुई थी, जिसके बाद उनकी मौत का कारण हॉर्ट अटैक बताया गया था। ग़ौरतलब है कि उनसे जुड़े सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी मौत के पीछे एक कारण उनका भाजपा के प्रति झुकाव भी बताया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बचाव में कूदा India Today, ‘सोर्स’ के नाम पर नया ‘भ्रमजाल’

SKM के नेता प्रदर्शन स्थल पर हुए दलित युवक की हत्या से खुद को अलग कर रहे हैं। इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप अब उनके बचाव में सामने आया है। .

कुंडली बॉर्डर पर लखबीर की हत्या के मामले में निहंग सरबजीत को हरियाणा पुलिस ने किया गिरफ्तार, लगे ‘जो बोले सो निहाल’ के नारे

निहंग सिख सरबजीत की गिरफ्तारी की वीडियो सामने आई है। इसमें आसपास मौजूद लोग तेज तेज 'जो बोले सो निहाल' के नारे बुलंद कर रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
128,835FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe