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खाना खाते-खाते नरोत्तम मिश्रा ने दिए ऐसे-ऐसे जवाब, देखने लायक था बरखा दत्त का चेहरा: बुलडोजर को कोस रही थीं, MP के गृह मंत्री ने ऐसे धोया

नरोत्तम मिश्रा ने याद दिलाया कि कैसे दंगाइयों ने गरीबों के घर जलाए, बच्चों को निर्ममता से मारा और कई लोग ICU में भर्ती हो गए, कई पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं।

पत्रकार बरखा दत्त को इंटरव्यू देने के दौरान मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के ‘स्वैग’ के लोग कायल हो गए हैं। जहाँ एक तरफ नरोत्तम मिश्रा अपने ही अंदाज़ में भोजन करते-करते सवालों के जवाब देते रहे वहीं दूसरी तरफ बरखा दत्त का चेहरा देखने लायक था। बरखा दत्त इस बात से नाराज़ थीं कि मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर इस्लामी भीड़ की हिंसा के बाद सरकार ने दंगाइयों के घरों पर आखिर बुलडोजर क्यों चलाया?

बरखा दत्त ने नरोत्तम मिश्रा से पूछा कि आपने ये बयान क्यों दिया कि जिन्होंने पत्थरबाजी की और घर जलाए, उनके खुद के घर भी खंडहर बन जाएँगे। उन्होंने पूछा कि ये किस तरह का कानून है? इस पर भोजन करते-करते नरोत्तम मिश्रा ने ‘जैसे को तैसा’ कहावत की याद दिलाते हुए कहा कि उनका मानना है कि दंगाइयों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को समाज का द्रोही बताते हुए कहा कि ये भले लोगों का जीना मुश्किल कर देते हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने याद दिलाया कि कैसे दंगाइयों ने गरीबों के घर जलाए, बच्चों को निर्ममता से मारा और कई लोग ICU में भर्ती हो गए, कई पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। नरोत्तम मिश्रा ने बरखा दत्त से सवाल पूछा कि ऐसे लोगों के साथ क्या करना चाहिए? इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि इसका फैसला पुलिस और कोर्ट करे, बुलडोजर का इसमें क्या रोल है? इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सधा हुआ जवाब दिया कि दंगाइयों पर तात्कालिक कार्रवाई भी तो होनी चाहिए, सरकार नाम की कोई चीज भी तो दिखनी चाहिए।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। हमारी जवाबदारी है, लेकिन हमारे एसपी को गोली लगी और पुलिस अधिकारी का सिर फटा – मतलब वो वहाँ थे। अब मध्य प्रदेश में भी तूतू-मैंमैं नहीं होगी।” बरखा दत्त इस दौरान ‘गुनहगार’ और ‘आरोपित’ का फर्क बताने लगीं, लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सारी प्रक्रियाएँ कानूनी ढंग से पूरी की गई है। नरोत्तम मिश्रा ने दंगाइयों के घरों को पत्थर में तब्दील किए जाने वाले बयान पर कहा कि उनका बयान ऐसा था, आगे भी रहेगा।

नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें उनके बयान के लिए कोई दुःख नहीं है और वो इससे संतुष्ट हैं, क्योंकि सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है। इस पर बरखा दत्त कहने लगीं कि CAA विरोधी प्रदर्शनों में यूपी में हुई कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अक्षरशः पालन की बात कही। बरखा दत्त ने दावा किया कि सिर्फ मुस्लिमों के घर तोड़े जा रहे हैं, जिस पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘मुस्लिम’ समझ कर कुछ नहीं किया, ‘दंगाइयों’ पर कार्रवाई की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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