किन्नर अखाड़े की भवानी माँ को AAP ने बनाया प्रत्याशी, प्रयागराज से लड़ेंगी चुनाव

2010 में भवानी नाथ वाल्मिकी ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था। 2012 में वह हज यात्रा भी गईं। इसके बाद 2015 में हिंदू धर्म में वापसी की। भवानी नाथ 2016 में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के किन्नर अखाड़े में धर्मगुरु बनीं।

दो साल पहले तक शबनम बेगम के नाम से मशहूर किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माँ वाल्मिकी अब चुनावी राजनीति का हिस्सा बन चुकी है। दरअसल, आम आदमी पार्टी ने उन्हें प्रयागराज से लोकसभा का टिकट दिया है। यूपी में ‘आप’ की ओर से भवानी माँ के अलावा 3 और प्रत्याशियों को उतारा गया है।

संजय सिंह ने आज (मार्च 29, 2019) इस बात का ऐलान करते हुए बताया कि ‘आप’ पार्टी संभल, लालगंज और कानपुर देहात सीटों से भी चुनाव लड़ेगी।

भवानी माँ को लेकर खबरें हैं कि वह बीजेपी और अन्य दलों के नेताओं से भी टिकट की माँग कर रही थी। लेकिन उन्हें कहीं से भी मौक़ा नहीं मिला। जिसके बाद वह आप पार्टी से जुड़ीं और उन्हें लोकसभा का टिकट मिला।

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार 2010 में भवानी नाथ वाल्मिकी ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था। 2012 में वह हज यात्रा भी गईं। इसके बाद 2015 में हिंदू धर्म में वापसी की। भवानी नाथ 2016 में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के किन्नर अखाड़े में धर्मगुरु बनीं। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने पिछले साल 2017 में उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी।

भवानी माँ वाल्मिकी के अलावा ‘आप’ ने लालगंज से इंजीनियर अजीत सोनकर, कानपुर देहात से आशुतोष ब्रह्मचारी और संभल से अंजु सैनी को उम्मीदवार बनाया है। बता दें इससे पहले भी आम आदमी पार्टी ने अपने तीन उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से एक का नामांकन रद्द कर दिया गया था।

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