Homeराजनीतिउद्घाटन करने पहुँचीं कॉन्ग्रेस की महिला MLA, कैंची नहीं मिली तो पर्स से निकाला...

उद्घाटन करने पहुँचीं कॉन्ग्रेस की महिला MLA, कैंची नहीं मिली तो पर्स से निकाला ब्लेड और काट दिया फीता

एक दिवसीय स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए इसका व्यापक प्रचार नहीं करने का आरोप लगाया।

बिहार के हाजीपुर में कॉन्ग्रेस की विधायक प्रतिमा सिंह आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े एक कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुँचीं। लेकिन फीता काटने के लिए उन्हें कैंची ही नहीं मिली। कुछ देर तक इंतजार के बाद जब कैंची की व्यवस्था नहीं हो सकी तो उन्होंने अपनी पर्स से ब्लेड निकाला और फीता काट दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें बुधवार (20 अप्रैल 2022) को सुबह 10 बजे का समय दिया गया था। लेकिन वे 12 बजे पहुँचीं, फिर भी तैयारियाँ पूरी नहीं हो पाई थी। एक दिवसीय स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने वहाँ का जायजा लिया और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की। इसके बाद प्रतिमा सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसका व्यापक प्रचार नहीं करने का आरोप लगाया।

कॉन्ग्रेस विधायक ने प्रशासनिक व्यवस्था को घटिया करार दिया और कहा कि यहाँ कुछ नहीं बदलने वाला। उन्होंने कहा, “हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि ये अमृत महोत्सव और कुछ नहीं, बल्कि लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा है। इस सरकार का ऑपरेशन भी इसी ब्लेड से करना पड़ेगा।”

इस मामले में सहदेई के पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील केसरी ने अपनी गलती मानी। पीएचसी प्रभारी ने कहा कि मेले की जिम्मेदारी जिसे दी गई थी वो हेल्थ मैनेजर हैं। अब उनसे मामले में स्पष्टीकरण माँगा जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -