Homeराजनीतिहैदराबाद आतंकवादियों के लिए बन चुका है सुरक्षित ठिकाना: BJP नेता बंडारू दत्तात्रेय

हैदराबाद आतंकवादियों के लिए बन चुका है सुरक्षित ठिकाना: BJP नेता बंडारू दत्तात्रेय

बंडारू ने यह आरोप लगाया है कि हैदराबाद इस्लामी आतंकवादी गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है। उनका कहना है कि पुलिस इसके खिलाफ ठोस कदम उठाते हुए कोई कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही है।

भाजपा नेता और सिकंदराबाद से सांसद बंडारू दत्तात्रेय ने रविवार (अप्रैल 21, 2019) को राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि राज्य में आतंकी गतिविधियों संबंधित संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए एक पुलिस महानिदेशक (आईजी) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाए। दरअसल, बंडारू ने यह आरोप लगाया है कि हैदराबाद इस्लामी आतंकवादी गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है। उनका कहना है कि पुलिस इसके खिलाफ ठोस कदम उठाते हुए कोई कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही है, क्योंकि चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) सरकार असदुद्दीन ओवैसी के एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कर रही है।

बंडारू ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी एनआईए (NIA) की हालिया जाँच से पता चलता है कि हैदराबाद इस्लामिक आतंकवादी गतिविधियों का एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है और शनिवार (अप्रैल 20, 2019) को एनआईए द्वारा तीन लोगों की गिरफ्तारी चौंकाने वाली थी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश भर में कई लोग आईएसआईएस की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बंडारू का कहना है कि हैदराबाद से अधिकतर लोग आतंकी संगठनों में भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को करीमनगर, निजामाबाद, नलगोंडा और अन्य पड़ोसी संदिग्धों स्थानों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ‘कार के चालक’ हो सकते हैं, लेकिन स्टीयरिंग वास्तव में एआईएमआईएम द्वारा नियंत्रित है। यानी कि टीआरएस सरकार जो भी फैसला लेती है, उसमें अप्रत्यक्ष रूप से एआईएमआईएम का भी हाथ होता है।

गौरतलब है कि साल 2016 में, एनआईए ने इस मामले में चार्जशीट दायर की थी और चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान एनआईए ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक आईपैड, दो लैपटॉप, एक बाहरी हार्ड डिस्क, 6 पेन ड्राइव आदि बरामद किए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -