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मतदान के अगले दिन ही चल बसे मुरादाबाद के BJP प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह: वोटिंग वाले दिन ही आया था हार्ट अटैक, बीमार रहते ही लड़ा था चुनाव

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके समर्थन में जनसभाएँ की थी, लेकिन वो मंच पर रहने के बावजूद जनसभा को संबोधित नहीं कर सके थे, क्योंकि उनकी तबियत खराब थी।

लोकसभा चुनाव 2024 में मुरादाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया। मतदान वाले दिन ही उनकी तबियत खराब हो गई थी और वो मतदान के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती हो गए थे, जहाँ शनिवार (20 अप्रैल 2024) को उनकी मौत हो गई। मुरादाबाद में 19 अप्रैल को ही मतदान हुआ था। वो मुरादाबाद से साल 2014-2019 में सांसद रह चुके थे और इस बार फिर से वो चुनाव मैदान में थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च में उनके दाँत के ऑपरेशन के बाद से ही वो अस्वस्थ चल रहे थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके समर्थन में जनसभाएँ की थी, लेकिन वो मंच पर रहने के बावजूद जनसभा को संबोधित नहीं कर सके थे, क्योंकि उनकी तबियत खराब थी। बताया जा रहा है कि वो कैंसर से भी पीड़ित थे।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुँवर सर्वेश सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (20 अप्रैल 2024) को उनके पैतृक गाँव में होगा। उनकी मौत एम्स दिल्ली में हुई। शुक्रवार को मतदान के बाद वो दिल्ली चले आए थे और यहीं एम्स में उनका निधन हो गया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद, कुंवर सर्वेश सिंह जी के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे ज़मीन से जुड़े नेता थे और जनता के बीच वे काफ़ी लोकप्रिय थे। उन्होंने पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए भी काफ़ी परिश्रम किया। जनता से जुड़े मुद्दों के लिए वे संघर्ष करने में विश्वास रखते थे। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे। ओम शान्ति!”

मुरादाबाद में कुँवर सर्वेश सिंह जीते, तो उप-चुनाव

मुरादाबाद में उप-चुनाव की तलवार भी लटक रही है। मुरादाबाद में बीजेपी प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद 4 जून को यहाँ पर मतगणना होगी। अगर कुँवर सर्वेश सिंह जीत जाते हैं, तो यहाँ का चुनाव रद्द कर दिया जाएगा और उपचुनाव कराया जाएगा। अगर कोई अन्य उम्मीदवार जीतता है, तो उसे ही विजेता मान लिया जाएगा।

मुरादाबाद में बीजेपी का बड़ा चेहरा

बता दें कि सर्वेश सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा के एसटी हसन को हराकर जीत हासिल की थी। इसके बाद फिर से भाजपा ने भरोसा जताते हुए 2019 में टिकट दिया, लेकिन इस बार सर्वेश सिंह को सपा उम्मीदवार एसटी हसन के हाथों हार मिली थी। 2009 में सर्वेश सिंह कांग्रेस के अजहरुद्दीन के हाथों चुनाव हार गए थे। हालाँकि इससे पहले वो 1991 से ही ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से लगातार बीजेपी के विधायक रहे थे। वो पाँच बार विधायकी का चुनाव जीत चुके थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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