Saturday, May 18, 2024
Homeराजनीति'स्टार प्रचारक हूँ, चुनाव प्रचार करना है': तेलंगाना के पूर्व CM की बेटी को...

‘स्टार प्रचारक हूँ, चुनाव प्रचार करना है’: तेलंगाना के पूर्व CM की बेटी को कोर्ट ने नहीं दी जमानत, इससे पहले बेटे की परीक्षा के नाम पर माँगी थी बेल

ED ने कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध किया था। ED की तरफ से पेश वकील जोहेब हसन ने कहा था कि PMLA कानून में महिलाओं के लिए राहत का प्रावधान है, लेकिन कविता को सामान्य महिला नहीं माना जा सकता। ED ने कहा कि वह कोई सामान्य महिला नहीं बल्कि बड़ी राजनेता हैं।

दिल्ली के शराब घोटाले में गिरफ्तार के. कविता की याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार (15 अप्रैल 2024) को सुनवाई की। याचिका में कविता ने यह कहते हुए अंतरिम जमानत की माँगी थी कि उनके पिता की पार्टी भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 में अपना ‘स्टार प्रचारक’ घोषित किया है। उनके लिए 20 अप्रैल से 11 मई तक चुनाव ड्यूटी निर्धारित की है।

हालाँकि, कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2024 तय की है। इसके साथ ही राऊज एवेन्यू कोर्ट ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री BRS प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता द्वारा दायर जमानत याचिका पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है। कविता फिलहाल 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं।

इसके पहले कविता ने 8 अप्रैल 2024 को अपने बेटे की परीक्षाओं को आधार बना कर जमानत माँगी थी। हालाँकि, कोर्ट में ED ने उनकी जमानत का विरोध किया था और कहा था कि उन्होंने इस मामले में सबूत मिटाए हैं। इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

कविता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई की स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने यह निर्णय सुनाया था। कविता को 26 मार्च 2024 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उनकी न्यायिक हिरासत मंगलवार (9 मार्च 2024) को खत्म हो रही थी। कविता की तरफ से उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने यह याचिका लगाई थी।

कविता ने यह कहते हुए अदालत से राहत की माँग की थी कि उनके बेटे की अगले माह से परीक्षाएँ शुरू हो रही हैं और उनका इस दौरान उसके साथ रहना जरुरी है। उन्होंने जमानत के लिए PMLA कानून के कुछ नियमों का भी सहारा लिया था। कविता ने कोर्ट में कहा कि उनके बेटे की तैयारी में उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।

ED ने कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध किया था। ED की तरफ से पेश वकील जोहेब हसन ने कहा था कि PMLA कानून में महिलाओं के लिए राहत का प्रावधान है, लेकिन कविता को सामान्य महिला नहीं माना जा सकता। ED ने कहा कि वह कोई सामान्य महिला नहीं बल्कि बड़ी राजनेता हैं।

ED ने कहा था, ”इस मामले में आरोपित (के कविता) रिश्वत देने के मामले में सबसे प्रमुख किरदार है। उन्होंने सिर्फ रिश्वत ही नहीं दी है, बल्कि इंडोस्पिरिट्स के माध्यम से इस मामले में फायदा भी लिया है। मैं सिर्फ बयानों पर विश्वास नहीं कर रहा। हमारे पास इस मामले में सबूत, व्हाट्सएप डॉक्यूमेंट सब हैं। इस मामले में उन खातों से लेनदेन हुआ और यह उनकी लाभार्थी हैं।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्वाति मालीवाल बन गई INDI गठबंधन में गले की फाँस? राहुल गाँधी की रैली के लिए केजरीवाल को नहीं भेजा गया न्योता, प्रियंका कह...

दिल्ली में आयोजित होने वाली राहुल गाँधी की रैली में शामिल होने के लिए AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को न्योता नहीं दिया गया है।

‘अनुच्छेद 370 को हमने कब्रिस्तान में गाड़ दिया, इसे वापस नहीं लाया जा सकता’: PM मोदी बोले- अलगाववाद को खाद-पानी देने वाली कॉन्ग्रेस ने...

पीएम मोदी ने कहा, "आजादी के बाद गाँधी जी की सलाह पर अगर कॉन्ग्रेस को भंग कर दिया गया होता, तो आज भारत कम से कम पाँच दशक आगे होता।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -