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‘CAA-NRC का भी होगा कृषि कानूनों जैसा हाल, दूसरा देश होता तो PM मोदी को दे दी जाती फाँसी’: मुनव्वर राना

"पीएम मोदी कहते हैं मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई होगी, जबकि इसकी बजाए ये जा सकता है कि हमसे कोई गुनाह हो गया था जिससे 700 किसान खत्म हो गए। दूसरे देश की बात होती तो वहाँ पर उनको फाँसी दे दी जाती।"

अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले उर्दू के शायर मुनव्वर राना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद एक बार फिर से CAA-NRC का राग अलापा है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार पर भड़कते हुए मुनव्वर राना ने कहा कि जो हाल कृषि कानूनों का हुआ, वही हाल CAA और NRC का भी होगा, क्योंकि ये कोई कानून नहीं हैं, बल्कि इन्हें तो मुस्लिमों से दुश्मनी निकालने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह द्वारा लाए गए CAA और NRC कानून में हमारे बहुत सारे लोग मारे गए और बहुत नुकसान हुआ।

कृषि कानूनों की वापसी के सवाल पर राना ने कहा, ”मैं इस फैसले से बहुत खुश हूँ और मैं पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ।” शायर ने अपनी बात को जारी रखते कहा कि पीएम कहते हैं मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई होगी, जबकि इसकी बजाए ये जा सकता है कि हमसे कोई गुनाह हो गया था जिससे 700 किसान खत्म हो गए। दूसरे देश की बात होती तो वहाँ पर उनको फाँसी दे दी जाती। अब उनकी जिम्मेदारी है कि पब्लिक केयर फंड से पैसा निकाल कर किसानों को एक-एक करोड़ दिया जाए। शायर ने ये भी कहा कि ये काम तो जिन्ना का था कि उसने देश के दो टुकड़े करवा दिए और आपका काम जोड़ना है न कि तोड़ना।

इसी क्रम में राना ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी हमले किए। उन्होंने कहा कि योगी कहते हैं कि हमारे यहाँ एक भी दंगा नहीं हुआ, हम भी यही कहते हैं। अब यहाँ दंगा नहीं होता, बल्कि सीधे कत्लेआम होता है।

बता दें कि इस साल अगस्त में विवादित शायर महर्षि वाल्मीकि से तालिबान की तुलना करके बुरा फँसे थे। मध्य प्रदेश के गुना में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राज्य सचिव सुनील मालवीय ने आरोप लगाया था कि राना ने महर्षि वाल्मीकि पर टिप्पणी कर न केवल उनका अपमान किया है, बल्कि वाल्मीकि समुदाय और हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का काम भी किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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