Homeराजनीतिघूस लेकर तबादले कर रहे हमारे मंत्री, नहीं सुधरे तो पद से हटाएँ सीएम:...

घूस लेकर तबादले कर रहे हमारे मंत्री, नहीं सुधरे तो पद से हटाएँ सीएम: कॉन्ग्रेस MLA

विधायक ने आरोप लगाया है कि शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए खुलेआम मंत्री के बंगले से पैसे की माँग की जा रही है। भाजपा के लोगों द्वारा बनाई गई सूची के आधार पर तबादले किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के कॉन्ग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने अपनी ही पार्टी के राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि राज्य का शिक्षा विभाग और मंत्री भाजपा के बंधुआ हैं और घूस ले रहे हैं।

सिंह छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज इलाके से विधायक हैं, जबकि डॉ. प्रेम साय सिंह बघेल सरकार में शिक्षा मंत्री हैं। विधायक के अनुसार साय तबादलों और पदों दिलाने के आश्वासन के बदले रिश्वत ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, “बीजेपी ने हमारे राज्य के शिक्षा विभाग को हाईजैक कर लिया है। उन्होंने हमारे मंत्री को भी हाईजैक कर लिया है। वे रिश्वत ले रहे हैं। हमने यह बात मुख्यमंत्री, वोरा जी और पुनिया जी को बताई है। हमने उनसे भाजपा के चंगुल से मुक्त करने का अनुरोध किया है… यदि वह नहीं सुधरे तो उन्हें उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।”

बृहस्पति सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के स्थानांतरण में कॉन्ग्रेस के मंत्री ने विधायकों की भी नहीं सुनी। भाजपा के लोगों के द्वारा लिस्ट बनाकर स्थानांतरण कराया गया। इसके कारण काफी विसंगतियाँ हुई हैं। स्थिति ऐसी आ गई है कि आदिवासी बाहुल्य कई गाँव में एकल स्कूलों के शिक्षक का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। विधायक ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मोती लाल वोरा, पीएल पुनिया और पार्टी आलाकमान से शिक्षा विभाग मंत्री को उनके पद से हटाने की माँग की है।

रामानुजगंज में पत्रकारों से बात करते हुए बृहस्पति सिंह ने कहा कि विधायकों के द्वारा स्थानांतरण के लिए शिक्षा मंत्री को सूची दी गई थी। उस सूची से स्थानांतरण न कर भाजपा के लोगों द्वारा बनाई गई सूची के आधार पर स्थानांतरण किया गया। यहाँ तक कि मंत्रियों के अनुशंसा पर भी तबादले नहीं हुए। कॉन्ग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की गई।

विधायक ने आरोप लगाया है कि शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए खुलेआम मंत्री के बंगले से पैसे की माँग की जा रही है। लोगों की पोस्टिंग भी रिश्वत के आधार पर हो रही है। बृहस्पति सिंह का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर काम नहीं किया जा रहा है और उनके विरोधी को अधिकारी बनाकर उनके खिलाफ काम कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि, पिछले दिनों बलरामपुर में राशनकार्ड वितरण कार्यक्रम प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुँचे बृहस्पति सिंह ने किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर बात करते हुए गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को जूता मारने का विवादित बयान भी दिया था। इससे पहले प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि अगर बड़ा नेता बनना है तो एसपी और कलेक्टर का कॉलर पकड़ो।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -