Tuesday, June 25, 2024
Homeराजनीतिपंचायत चुनाव में जान गँवाने वाले शिक्षकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा, सरकारी नौकरी:...

पंचायत चुनाव में जान गँवाने वाले शिक्षकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा, सरकारी नौकरी: CM योगी का आदेश

प्राथमिक शिक्षक संघ की सूची के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1621 शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों व बेसिक शिक्षा विभाग कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी पर लगे जिन भी शिक्षकों की मौत हुई है, उनके परिजनों को योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुआवजा देने का निर्णय लिया है। राज्य की भाजपा सरकार ने इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए हैं और साथ ही चुनाव आयोग को भी लिखा है। मृत शिक्षकों के परिजनों को वित्तीय मदद के साथ-साथ एक सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। सीएम योगी ने ऐसी घटनाओं पर दुःख भी जताया है।

हालाँकि, इससे पहले चुनावी ड्यूटी के दौरान हुई शिक्षकों की मौत के सरकारी आँकड़ों पर सवाल भी उठे थे। प्राथमिक शिक्षक संघ की सूची के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1621 शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों व बेसिक शिक्षा विभाग कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर एक मौत दुःखद है और सरकार की संवेदना सभी पीड़ितों के साथ है।

विवाद को ख़त्म करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग से नियमों में संशोधन का आग्रह किया है। योगी सरकार ने गाइडलाइन में ड्यूटी अवधि में कोविड संक्रमित शिक्षक- कर्मचारियों की मौत को शामिल करने को कहा है। इस सम्बन्ध में पहले से जो गाइडलाइंस हैं, उन्हें भी बदला जाएगा। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों में संशोधन कर मुआवजे की राशि तय की जाएगी। मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव (पंचायती राज) इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग से बात करेंगे।

सीएम योगी ने ध्यान दिलाया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस जिस वक्त जारी हुई थीं उस समय कोरोना नहीं था, इसीलिए इसमें संशोधन ज़रूरी है। इससे पहले सरकारी आँकड़ों में मात्र 3 मौतें ही दिखाई जा रही थीं, जबकि शिक्षक संघ का दावा इससे कई गुना ज्यादा का है। संगठन ने ऐसे प्रत्येक मामले में पीड़ित परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपए बतौर मुआवजा की माँग की है। सीएम योगी के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने भी सरकार के फैसले की पुष्टि की है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इधर केरल का नाम बदलने की तैयारी में वामपंथी, उधर मुस्लिम संगठनों को चाहिए अलग राज्य: ‘मालाबार स्टेट’ की डिमांड को BJP ने बताया...

केरल राज्य को इन दिनों जहाँ 'केरलम' बनाने की माँग जोरों पर है तो वहीं इस बीच एक मुस्लिम नेता ने माँग की है कि मालाबार को एक अलग राज्य बनाया जाए।

ब्रिटानिया के लिए बंगाल की फैक्ट्री बनी बोझ, बंद करने का लिया फैसला: नैनो प्लांट पर विवाद के बाद टाटा ने भी छोड़ा था...

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित अपनी 77 वर्ष पुरानी फैक्ट्री को बंद करने का निर्णय लिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -