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‘शशि थरूर नेता नहीं, वह गेस्ट आर्टिस्ट बनकर कॉन्ग्रेस में आए थे और आज भी गेस्ट आर्टिस्ट ही हैं’

"शशि थरूर नेता नहीं हैं। वे 2009 में कॉन्ग्रेस में गेस्ट आर्टिस्ट बनकर आए थे। आज भी वे गेस्ट आर्टिस्ट जैसे ही हैं। वे ग्लोबल सिटीजन हो सकते हैं। उनके पास काफी जानकारी है लेकिन उनका रवैया बताता है कि राजनीतिक रूप से वे अपरिपक्व हैं।"

सोनिया गॉंधी के एक बार फिर अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के बावजूद पार्टी का आंतरिक कलह थमता नहीं दिख रहा। पार्टी नेता एक-दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। लोकसभा में कॉन्ग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश ने तिरुवनंतपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर पर निशाना साधा है।

के सुरेश ने शुक्रवार (28 अगस्त, 2020) को कहा, “शशि थरूर नेता नहीं हैं। वे 2009 में कॉन्ग्रेस में गेस्ट आर्टिस्ट बनकर आए थे। आज भी वे गेस्ट आर्टिस्ट जैसे ही हैं। वे ग्लोबल सिटीजन हो सकते हैं। उनके पास काफी जानकारी है लेकिन उनका रवैया बताता है कि राजनीतिक रूप से वे अपरिपक्व हैं।”

इससे पहले थरूर ने ट्वीट कर कहा था, ‘‘मैं कॉन्ग्रेस में हाल की घटनाओं पर चार दिन से चुप था, क्योंकि जब एक बार कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने कह दिया कि यह अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है, तो हम सभी का कर्तव्य है कि हम साथ मिलकर पार्टी के हित में काम करें। मैं अपने सभी साथियों से इस सिद्धांत को बरकरार रखने और बहस को समाप्त करने का अनुरोध करता हूँ।’’

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस में तत्काल सांगठनिक बदलाव की माँग करते हुए 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गाँधी को पत्र लिखा था। बताया जाता है कि यह पत्र लिखने का फैसला एक डिनर में हुआ था जिसे थरूर ने पार्टी नेताओं के लिए आयोजित किया था। इस पत्र की टाइमिंग को लेकर राहुल गॉंधी ने भी सवाल उठाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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