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संविधान से मोदी सरकार ने हटाए सेकुलर और सोशलिस्ट? कॉन्ग्रेस के अधीर रंजन चौधरी का दावा- नए संसद में एंट्री के समय मिली कॉपी में नहीं थे ये शब्द

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के आरोपों पर जवाब देते हुए कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा, "जब संविधान अस्तित्व में आया, तब समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं थे। ये शब्द संविधान के 42वें संशोधन में जोड़े गए।"

कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने संविधान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 19 सितंबर 2023 को सांसदों को संविधान की जो प्रति दी गई उसमें से ‘सेकुलर’ और ‘सोशलिस्ट’ शब्द गायब हैं।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता चौधरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “आज हमें जो नया संविधान दिया गया, जिस संविधान को हाथ में लेकर प्रवेश (नए संसद भवन) किए, उसकी प्रस्तावना में ‘सोशलिस्ट, सेकुलर’ शब्द नहीं हैं। हम जानते हैं कि ये शब्द 1976 में एक संशोधन के बाद जोड़े गए थे, लेकिन अगर आज कोई हमें संविधान देता है और उसमें ये शब्द नहीं हैं, तो यह चिंता का विषय है।”

अधीर रंजन चौधरी ने इसको लेकर सत्ताधारी बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ बहुत सोच-समझकर किया गया है। बड़ी चतुराई से किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले बार-बार मौक़ा खोज रहे थे, लेकिन पहले ऐसा नहीं कर पाए थे। अब सरकार में बैठे लोग कहेंगे कि जब दिया था तो यही था, अब इसे मुद्दा क्यों बना रहे हो।

कॉन्ग्रेस सांसद चौधरी का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की। लेकिन उनको मौका नहीं दिया गया। उनके अनुसार उन्होंने इससे राहुल गाँधी को भी अवगत करवा दिया है।

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के आरोपों पर जवाब देते हुए कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा, “जब संविधान अस्तित्व में आया, तब समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं थे। ये शब्द संविधान के 42वें संशोधन में जोड़े गए।”

गौरतलब है कि अभी संसद का विशेष सत्र चल रहा है। 19 सितंबर से सदन की कार्यवाही नए संसद में शुरू हो गई है। पुराने से नए संसद भवन में प्रवेश करने से पहले सांसदों ने संविधान के साथ मार्च किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद का नाम ‘संविधान सदन’ रखने का प्रस्ताव दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेष सत्र के दौरान तीसरे दिन 20 सितंबर को महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा होने की संभावना है। मंगलवार को सरकार ने लोकसभा में यह बिल पेश किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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