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चिदंबरम ने दिल्ली दंगों के लिए जनता को बताया जिम्मेदार, कहा- अदूरदर्शी लोगों को सत्ता देने की चुका रहे कीमत

‘‘अब भी देर नहीं हुई। सरकार को सीएए का विरोध कर रहे लोगों की बात चुनना चाहिए और घोषणा करना चाहिए कि कानून की वैधता के बारे में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने तक इस पर रोक रहेगी।’’

दिल्ली के दंगों पर भी कॉन्ग्रेस नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम ने इसके बहाने बीजेपी पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि जनता ‘असंवेदनशील तथा अदूरदर्शी’ नेताओं को सत्ता में पहुॅंचाने की कीमत चुका रही है। ऐसा कहते हुए उन्होंने न केवल देश के मतदाताओं की समझदारी पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी भूल गए कि इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ने वह सरकार चुनी थी जिसमें वे मंत्री रहे हैं।

चिदंबरम ने इस मसले पर कई ट्वीट किए हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून पर तत्काल प्रभाव से रोक लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक सीएए को रोक देना चाहिए। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए।

गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 150 घायल हुए हैं। घायलों में अर्द्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के कर्मी भी शामिल हैं। उपद्रवियों ने घरों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पंप को आग लगा दिया और पथराव किया। चिदंबरम ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में हुई हिंसा और उसमें लोगों की मौत बहुत स्तब्धकारी है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग असंवेदनशील और अदूरदर्शी लोगों को सत्ता में बैठाने की कीमत चुका रहे हैं। भारत में नागरिकता कानून 1955 लागू था और उसमें किसी संशोधन की जरूरत नहीं पड़ी थी। तो कानून में अब संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी? संशोधन (सीएए) को तुरंत रद्द कर देना चाहिए।’’

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अब भी देर नहीं हुई। सरकार को सीएए का विरोध कर रहे लोगों की बात चुनना चाहिए और घोषणा करना चाहिए कि कानून की वैधता के बारे में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने तक इस पर रोक रहेगी।’’

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने चेतावनी दी थी कि सीएए बहुत अधिक विभाजनकारी है और इसे रद्द कर देना या छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारी चेतावनी अनसुनी की गई।’’

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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