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‘…और विपक्ष इन्हें बनाना चाहता है VP’: मार्गरेट अल्वा ने फोन बंद होने का सारा ठीकरा BJP पर फोड़ा, नेटीजन्स ने कहा- ‘पूरी लेडी यशवंत’

बीजेपी ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए कॉन्ग्रेस नेता पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “कोई उनका फोन क्यों टैप करे? वह किसी को भी बुला लें, हमें पता है उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम क्या होगा। हम ऐसा क्यों करेंगे?"

विपक्ष की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और कॉन्ग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा (Margaret Alva) ने सोमवार (25 जुलाई 2022) को ट्विटर पर दावा किया कि बीजेपी के कुछ नेताओं से बात करने के बाद उनके सभी कॉल डायवर्ट किए जा रहे हैं। वे न तो कॉल कर पा रही हैं और ना ही कॉल रिसीव कर पा रही हैं।

मार्गरेट अल्वा ने अपने ट्वीट में बीजेपी पर तंज कसते हुए सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL और MTNL को लिखा, “बीजेपी के कुछ दोस्तों के साथ बातचीत के बाद मेरे मोबाइल फोन की सभी कॉल्स डायवर्ट कर दी गई हैं। मैं कोई कॉल नहीं कर पा रही हूँ और ना ही रिसीव कर पा रही हूँ।” उन्होंने आगे कहा, “यदि आप मेरा फोन रिस्टोर कर देते हैं तो मैं आपसे वादा करती हूँ कि बीजेपी, टीएमसी या बीजेडी के किसी भी सांसद को आज की रात से कॉल नहीं करूँगी।” अल्वा ने ट्विटर पर बताया कि उनके MTNL के नो योर कस्टमर (KYC) को सस्पेंड कर दिया गया है और उनका सिम कार्ड 24 घंटों के लिए ब्लॉक रहेगा। उन्होंने कंपनी से पूछा कि क्या आपको मेरे KYC की अब जरूरत है?

यह दिलचस्प है कि कॉन्ग्रेस नेता ने दिल्ली पुलिस और पीआईबी द्वारा केवाईसी धोखाधड़ी के बारे में बार-बार चेताने के बावजूद मूर्खतापूर्ण बहाना बनाया है। कॉन्ग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा यशवंत सिन्हा के एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से बड़े अंतर से राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से संपर्क कर रही हैं।

कॉन्ग्रेस नेता के फर्जी दावों के बाद एमटीएनएल ने जवाब दिया कि वे कभी भी व्हाट्सएप/एसएमएस/कॉल आदि पर ई-केवाईसी नहीं माँगते हैं। बल्कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सभी जीएसएम ग्राहकों को संदेश भेजकर और कॉल करके अलर्ट करते हैं। इसलिए आपसे अनुरोध है कि ऐसे ई-केवाईसी संदेशों को नजरअंदाज करें।

बीजेपी ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए कॉन्ग्रेस नेता पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “कोई उनका फोन क्यों टैप करे? वह किसी को भी बुला लें, हमें पता है उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम क्या होगा। हम ऐसा क्यों करेंगे? ये बचकाने आरोप हैं। वह एक वरिष्ठ महिला हैं और उन्हें इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए।”

मालूम हो कि दिल्ली पुलिस भी इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर कई बार यूजर्स को सचेत कर चुकी है। करीब एक सप्ताह पहले भी ऐसी ख़बरें आई थी कि जालसाज ग्राहकों को जानिए केवाईसी के बारे में संदेश भेजकर उन्हें उनके नंबरों को सत्यापित करने के लिए कहकर ठग रहे हैं।

19 जुलाई को, दिल्ली पुलिस ने एमटीएनएल के नाम और लोगो का दुरुपयोग करने वाले व्हाट्सएप मैसेज को लेकर लोगों को चेतावनी भी दी थी। दिल्ली पुलिस ने फर्जी मैसेज का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए ट्वीट किया था, “सावधान! धोखाधड़ी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसमें @MTNLOfficial के नाम और लोगो का उपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है। गोपनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए जालसाज ग्राहकों को केवाईसी अपडेशन के बहाने व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहे हैं।”

एमटीएनएल ने भी दिल्ली पुलिस के ट्वीट को री-ट्वीट किया था।

बता दें कि 21 मई को दिल्ली पुलिस साइबर-क्राइम सेल ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने यूजर्स को चेतावनी दी थी कि कैसे जालसाज नकली संदेश भेज रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि संदेश में दिए गए फोन नंबरों पर कॉल नहीं करने पर उनके सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएँगे।

न केवल दिल्ली पुलिस, बल्कि प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने भी 29 मई, 2022 को एक ट्वीट पोस्ट किया था, जिसमें यूजर्स को एमटीएनएल केवाईसी धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी दी गई थी।

ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या सच में कॉन्ग्रेस नेता एमटीएनएल द्वारा यूजर्स को भेजे गए इन सभी अलर्ट से बेखबर थीं। क्या उन्होंने बिना सोचे समझे सोशल मीडिया पर यह ट्वीट लिखा था। जबकि दिल्ली पुलिस और पीआईबी पिछले दो वर्षों से साइबर धोखाधड़ी के बारे में अलर्ट जारी कर रही है।

अल्वा के इन ट्वीट के बाद यूजर्स उनकी ऐसी समझी देख उनपर सवाल उठा रहे हैं। ध्यान दिलाया जा रहा है कि कैसे जो लोग सच बता रहे हैं उनके संदेश अल्वा ने हाइड कर दिए हैं। लोग हैरान होकर पूछ रहे हैं कि क्या विपक्ष इन्हें उप राष्ट्रपति बनाना चाहता है जिन्हें ये तक नहीं पता कि आधिकारिक संदेश और फ्रॉड में क्या फर्क है। कुछ यूजर्स उन्हें लेडी यशवंत सिन्हा भी बोल रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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