Wednesday, January 27, 2021
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मध्य प्रदेश में CAA समर्थकों को DM ने जड़े थप्पड़, पीछे से किसी ने खींच दी चोटी: देखें Video

"आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा। आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चाँटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता। क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?"

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों के बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में इस कानून के समर्थन में भी शांतिपूर्ण रैलियॉं हो रही है। इसी कड़ी में रविवार को मध्यप्रदेश के राजगढ़ में रैली निकाली गई। इस दौरान रायगढ़ की डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा पहुँची और प्रदर्शनकारियों को पीटना शुरू कर दिया। प्रिया वर्मा ने प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटने के लिए कहा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर एक-दो थप्पड़ भी रसीद दिए, जिसके बाद वहाँ के हालात बदल गए। इसी दौरान किसी ने उनकी चोटी पकड़कर खींच दी।

वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रिया वर्मा प्रदर्शनकारियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर रही हैं। उन्होंने तिरंगा लिए एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर खींचने की कोशिश की तो वह जमीन पर बैठ गया। इसके बाद उन्होंने एक और प्रदर्शनकारी का कॉलर पकड़ा और उसपर थप्पड़ बरसाने लगीं। अपने साथी को इस कदर पिटता देख बाकी प्रदर्शनकारियों ने प्रिया वर्मा को घेर लिया और उसे छुड़ाने लगे। इसी का फायदा उठा किसी ने पीछे से उनकी चोटी खींच ली। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेरे में ले लिया। इस घटना के बाद प्रिया वर्मा महिला पुलिसकर्मी को डॉंटती हुई भी नजर आईं।

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, “आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा। आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चाँटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता। क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?”

उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में लिखा है कि, “प्रदेश में शासन-प्रशासन द्वारा कांग्रेस सरकार की चाटुकारिता के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं! सरकार के तुग़लकी फरमानों पर अमल में कौन रेस में पहले आता है, इसकी होड़ लगी है! कुछ अधिकारी भूल गए हैं कि वे किसी पार्टी के हुक्म बजाने के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा हेतु पद पर हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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