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आरिफ मसूद पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज: कॉन्ग्रेस MLA के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

इस मामले में स्थानीय पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 7 के खिलाफ बुधवार रात को धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया। वहीं, अब प्रशासन ने बड़े तालाब के करीब खानूगाँव क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाई गई इमारत के हिस्से को ढहा दिया है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले कॉन्ग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने शिकंजा कस दिया है। आरिफ मसूद के खिलाफ जहाँ मामला दर्ज किया गया है, वहीं स्‍थानीय प्रशासन ने गुरुवार को सुबह मसूद के कॉलेज के करीब अतिक्रमण कर बनाए अवैध निर्माण को ढहा दिया है। प्रशासन द्वारा करीब तीन घंटे चले इस अतिक्रमण में बुलडोजर से अलग-अलग जगह स्थित सीढ़ी, बाथरूम आदि तोड़े गए हैं।

पिछले दिनों राजधानी के इकबाल मैदान में कॉन्ग्रेस विधायक की अगुवाई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 7 के खिलाफ बुधवार रात को धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया। वहीं, अब प्रशासन ने बड़े तालाब के करीब खानूगाँव क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाई गई इमारत के हिस्से को ढहा दिया है। यह विधायक मसूद के महाविद्यालय के परिसर में है।

कथिततौर पर भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ इकट्‌ठा कर भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस का झंडा और वहाँ के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। मसूद ने केंद्र और राज्य सरकारों पर कथित तौर पर ‘हिंदूवादी’ कहते हुए हमला किया था और उन पर फ्रांसीसी सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाया था।

मसूद ने आक्रामक तरीके से अपने भाषण में कहा कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस की हरकत का समर्थन कर रहे हैं। हम फ्रांस के साथ हिंदुस्तान की सरकार को भी चेतावनी देते हैं कि यदि सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिर्फ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। फिर बाद में अन्य मामलों ओर FIR की गई।

भोपाल आईजी उपेंद्र जैन ने एएनआई को बताया, “कॉन्ग्रेस विधायक मसूद और छह अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए के तहत गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।” बता दें कि पिछले महीने एक कट्टरपंथी द्वारा फ्रांस में एक शिक्षक की हत्या के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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