Tuesday, May 21, 2024
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रामलला का दर्शन करने पर कॉन्ग्रेस में महिला प्रवक्ता से बदतमीजी, ‘गेट आउट’ कह निकाला था: इस्तीफा देकर बोलीं राधिका खेड़ा – जिस पार्टी को 22 साल दे दिया…

राधिका खेड़ा ने अपने त्यागपत्र में साफ तौर पर ये बात लिखा है कि रामलला के दर्शन की वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में अपमानित किया गया।

कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रवक्ता और मीडिया डिपार्टमेंट की कॉर्डिनेटर राधिका खेड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो चीखती-चिल्लाती और रोती नजर आई थी। वो पार्टी के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी से फोन पर बात भी कर रही थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के पवित्र जन्मस्थान पर जाकर रामलला के दर्शन किए थे, इसकी वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में काफी कुछ सहना पड़ा। उनके साथ बदतमीजी की गई और गेट आउट बोलकर बाहर निकाल दिया गया। अब कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।

राधिका खेड़ा ने अपने त्यागपत्र में साफ तौर पर ये बात लिखा है कि रामलला के दर्शन की वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में अपमानित किया गया। उन्होंने हर किसी से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात कहीं नहीं सुनी गई। इससे आहत होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है। राधिका खेड़ा ने अपने इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर भी साझा की है।

अपने पत्र में राधिका ने लिखा है, ”हमेशा से धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता रहा है। हिरण्यकश्यप, रावण और कंस इसके उदाहरण हैं। वर्तमान में प्रभु श्री राम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह से विरोध कर रहे हैं। हर हिंदू के लिए प्रभु श्री राम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है और रामलल्ला के दर्शन मात्र से जहाँ हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा दिए, जहाँ NSUI से लेकर AICC के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया, आज वहाँ ऐसे ही तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ा है, क्योंकि मैं अयोध्या में रामलल्ला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई। मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर तक पहुँच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझ्य न्याय देने से इंकार कर दिया गया। मैंने हमेशा ही दूसरों के न्याय के लिए हर मंच से लड़ाई लड़ी है, किंतु जब स्वयं के न्याय की बात आई तो पार्टी में मैंने स्वयं को हारा हुआ पाया।’

राधिका खेड़ा ने आगे लिखा, “प्रभु श्री राम की भक्त व एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूँ। बार-बार पार्टी के समस्त शीर्ष नेताओं को अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला, इससे आहत होकर मैंने आज यह कदम उठाया है। आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफा दे रही हूँ। हाँ, मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रही हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी। जय हिंद।”

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राधिका खेड़ा ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को साझा किया। उन्होंने कहा, “राम लला की जन्मस्थली श्री अयोध्या धाम जाने पर मुझे इतना विरोध झेलना पड़ा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया, मुझे वहाँ धकेल दिया गया और कमरे में बंद कर दिया गया, मैं छोटे से लेकर बड़े से बड़े नेतृत्व तक चीखती-चिल्लाती रही , लेकिन मुझे न्याय नहीं मिला… लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि रामलला मुझे न्याय जरूर देंगे।”

राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

बता दें कि कुछ दिन पहले राधिका खेड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो रोती नजर आ रही थी। वो वीडियो छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस दफ्तर का बताया गया था, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था। राधिका ने अब बताया है कि अयोध्या में दर्शन करने की वजह से कॉन्ग्रेस पार्टी में उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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