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‘गुपकार गैंग’ से कॉन्ग्रेस ने किया दूरियों का ऐलान, गृहमंत्री अमित शाह के वार के बाद लिया फैसला

गृहमंत्री अमित शाह ने 'गुपकार गैंग' के उद्देश्य सामने रखते हुए कॉन्ग्रेस से पूरे मामले पर अपना स्टैंड क्लियर करने को कहा था। इसके बाद से सोशल मीडिया पर भी देश की सबसे पुरानी पार्टी की देशभक्ति पर सवाल उठने लगे। कॉन्ग्रेस ने इसके बाद...

कॉन्ग्रेस ने लंबी फजीहत के बाद मंगलवार (नवंबर 17, 2020) को गुपकार गठबंधन से अपनी दूरियों का ऐलान आधिकारिक तौर पर कर दिया है। भाजपा नेता व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। गृहमंत्री ने गुपकार गैंग के उद्देश्य सामने रखते हुए कॉन्ग्रेस से पूरे मामले पर अपना स्टैंड क्लियर करने को कहा था।

इसके बाद सोशल मीडिया पर भी देश की सबसे पुरानी पार्टी की देशभक्ति पर सवाल उठने लगे। अब कॉन्ग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में घोषणा की है कि पार्टी पीएजीडी (पीपुल्स असोसिएशन फॉर गुपकार डेक्लेरेशन) का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह देश की क्षेत्रीय अखंडता से कभी समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस न तो गुपकार गठबंधन का पार्ट है और न ही पीएजीडी का। क्या अमित शाह बता सकते हैं कि उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन में सरकार क्यों बनाई थी, जिस पर अब वह हमला कर रहे हैं।”

कॉन्ग्रेस ने जम्मू कश्मीर जेल से कुख्यात आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर जैसे आतंकियों की रिहाई को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधने की कोशिश की। जिनके बारे में विदित है कि साल 1999 में हाईजैक हुए इंडियन एयरलाइन्स के प्लेन (जिसमें 178 पैसेंजर थे) को छुड़ाने के लिए उन्हें अफगानिस्तान के कंधार ले जाकर रिहा किया गया था।

कॉन्ग्रेस का दावा किया कि कॉन्ग्रेस लोकतांत्रिक ढंग से बीजेपी का पर्दाफाश करने के लिए जम्मू कश्मीर में आगामी जिला विकास परिषद के चुनावों में भाग लेगी। 

महात्मा गाँधी, इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी का नाम शामिल करते हुए कॉन्ग्रेस ने कहा कि उन्हें ऐसी पार्टी से राष्ट्रवाद का ज्ञान लेने की जरूरत नहीं है, जो ब्रिटिश समय में दास या उनके समर्थक थे।

सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी सराकर को राष्ट्रवाद और देशभक्ति का पाठ पढ़ने की आवश्यकता है क्योंकि उनके मूल संगठन आरएसएस ने कभी 52 साल में तिरंगा नहीं फहराया।

गौरतलब है कि इससे पहले अमित शाह ने मंगलवार को अपने ट्विट्स में कहा था, “कॉन्ग्रेस और गुपकार गैंग जम्मू और कश्‍मीर को वापस आतंक के युग में ले जाना चाहते हैं।” 

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, “जम्‍मू और कश्‍मीर हमेशा से भारत का आतंरिक हिस्‍सा रहा है। भारत के लोग राष्‍ट्रहित के खिलाफ बने किसी अपवित्र ‘ग्‍लोबल गठबंधन’ को सहन नहीं करेंगे। या तो गुपकार गैंग देश के मूड के साथ चले नहीं तो लोग उसे डुबो देंगे।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी से इस राजनीतिक कदम पर स्पष्टता जारी करने को कहा था। गृहमंत्री ने लिखा था , “गुपकार गैंग जम्मू एवं कश्मीर में विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप चाहता है। गुपकर गैंग तिरंगे का अपमान करता है। क्या सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी गुपकार गैंग के ऐसे कदमों का समर्थन करते हैं? उन्हें देश की जनता के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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