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शशि थरूर का गेम सेट करने के लिए राहुल गाँधी तक गए कॉन्ग्रेसी, तिरुवनंतपुरम के MP ने कहा- चुनाव लड़ने से रोकना चाहते हैं कुछ नेता

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। 19 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। माना जा रहा है कि इन चुनावों में खड़गे को कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार का समर्थन हासिल है।

कॉन्ग्रेस में दो राजनीतिक तमाशे इन दिनों साथ-साथ चल रहे हैं। एक, राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)। दूसरा, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव (Congress presidential election)। अध्यक्ष बनने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और शशि थरूर (Shashi Tharoor) मुकाबिल हैं। थरूर के एक बयान ने कॉन्ग्रेस के भीतर आंतरिक लोकतंत्र की पोल खोल दी है। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर का कहना है कि कुछ पार्टी नेता नहीं चाहते कि वे चुनाव लड़ें। नामांकन वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाने के मकसद से ये नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) से भी मिले थे।

थरूर ने बताया है कि उनकी हाल में राहुल गॉंधी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने उनसे मिलकर कहा कि वे थरूर को नामांकन वापस लेने के लिए। तिरुवनंतपुरम सांसद के अुनसार राहुल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वे चाहते हैं कि थरूर चुनाव लड़ें।

रिपोर्ट्स के मुताबिक थरूर ने कहा कि राहुल गाँधी पिछले 10 साल से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव कराने के समर्थक हैं। उनका मानना है कि चुनाव से बना अध्यक्ष कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए अच्छा काम करेगा। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक थरूर ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पार्टी के बड़े लोग उनका साथ नहीं दे रहे हैं। उन्होंने खड़गे से वैचारिक मतभेद को खारिज करते हुए उन्हें भी अपनी तरह ही कॉन्ग्रेस की मूल सोच और विचारधारा वाला बताया है। लेकिन यह माना कि पार्टी को आगे बढ़ाने और 2024 में बीजेपी को चुनौती देने को लेकर दोनों की सोच में अंतर है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। 19 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। माना जा रहा है कि इन चुनावों में खड़गे को कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार का समर्थन हासिल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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