नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से मनोज तिवारी के ख़िलाफ़ शीला दीक्षित, कपिल सिब्बल का नाम ग़ायब

रविवार (अप्रैल 21, 2019) को ही भाजपा ने भी दिल्ली की 4 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया था। भाजपा की सूची में मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा, डॉक्टर हर्षवर्धन और रमेश बिधुरी को जगह मिली है। वहीं इंदौर से 8 बार लगातार जीत चुकीं सुमित्रा महाजन ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

कॉन्ग्रेस ने अपने लोकसभा उम्मीदवारों की नई सूची जारी की है। पार्टी ने दिल्ली की छह सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। जहाँ दिल्ली कॉन्ग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष शीला दीक्षित नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से चुनाव लड़ेंगी, वहीं पूर्व अध्यक्ष अजय माकन को नई दिल्ली से उतारा गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा नई दिल्ली से क्रिकेटर गौतम गंभीर को उतार सकती है। चाँदनी चौक से पिछली बार कॉन्ग्रेस की तरफ़ से कपिल सिब्बल ने चुनाव लड़ा था। पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे सिब्बल को डॉक्टर हर्षवर्धन से मात मिली थी। दूसरे स्थान पर रहे आम आदमी प्रत्याशी आशुतोष भी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे। अतः चाँदनी चौक से आप और कॉन्ग्रेस, दोनों के ही नए कैंडिडेट होंगे।

दिल्ली की 6 सीटों के लिए कॉन्ग्रेस प्रत्याशियों की सूची

चाँदनी चौक से सिब्बल की जगह जेपी अग्रवाल पर भरोसा जताया गया। जय प्रकाश अग्रवाल इससे पहले नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। 4 बार सांसद रह चुके अग्रवाल ने 1984 में अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता था। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से शीला दीक्षित के उतरने के बाद अब यहाँ का मुक़ाबला दिलचस्प हो गया है। ये दो राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों की लड़ाई होगी। दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों ही पूर्वांचल से आते हैं। इस सीट पर पूर्वांचलवासियों की अच्छी-ख़ासी तादाद को देखते हुए कॉन्ग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उपयुक्त चेहरे पर दाँव खेला है। दोनों में से किसी की भी हार होने उसकी पार्टी के लिए गँवारा नहीं होगा।

ईस्ट दिल्ली से अरविंदर सिंह लवली को उतारा गया है। दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे अरविंदर सिंह लवली शीला दीक्षित की कैबिनेट में कई अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं। बीच में उन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे लकिन अब वो फिर से अपनी पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस में लौटे हैं और इनामस्वरूप उन्हें लोकसभा टिकट थमाया गया है। वेस्ट दिल्ली से महाबल मिश्रा को टिकट दिया गया है। हाल ही में उनके समर्थकों ने कॉन्ग्रेस मुख्यालय पर धरना देते हुए उन्हें टिकट देने की माँग की थी। समर्थकों ने हंगामा मचाते हुए मिश्रा को पूर्वांचल का चेहरा बताया था। कॉन्ग्रेस ने समर्थकों को नाराज़ न करते हुए उन्हें टिकट दे दिया।

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महाबल मिश्रा का मुक़ाबला भाजपा के प्रवेश सिंह वर्मा से होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने पिछले आम चुनाव में रिकॉर्ड 2,68,586 वोटों से जीत दर्ज की थी। ये दिल्ली आम चुनाव में जीत का सबसे बड़ा अंतर था। प्रवेश ने इसका श्रेय अपने पिता द्वारा किए गए कार्यों और मोदी लहर को दिया था। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से कॉन्ग्रेस द्वारा राजेश लिलोठिया पर भरोसा जताया गया है। आम आदमी पार्टी से गठबंधन के विरोधी रहे लिलोठिया दिल्ली कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।

बता दें कि कल रविवार (अप्रैल 21, 2019) को ही भाजपा ने भी दिल्ली की 4 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया था। भाजपा की सूची में मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा, डॉक्टर हर्षवर्धन और रमेश बिधुरी को जगह मिली है। वहीं इंदौर से 8 बार लगातार जीत चुकीं सुमित्रा महाजन ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

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