Sunday, September 27, 2020
Home देश-समाज कॉन्ग्रेस का RSS ज्ञान 'किसी ने कहा है' से शुरू होकर लड़कियों के निकर...

कॉन्ग्रेस का RSS ज्ञान ‘किसी ने कहा है’ से शुरू होकर लड़कियों के निकर पर ख़त्म होता है

संघ ने देशभक्ति, अपने गौरवपूर्ण इतिहास को जानने की दिशा दी है और यह दिशा निरन्तर बनी रहे, इससे किसको आपत्ति हो सकती है। भारत का सत्य भारत ही है, इसके स्मारक, इसकी धरोहरें और बाहर से आए लुटेरे और उनका महाराणा प्रताप और शिवाजी जैसे वीरों द्वारा दमन ही इसकी वास्तविकता हैं।

कॉन्ग्रेस का RSS प्रेम आजकल फिर उफान पर आने लगा है। जैसे-जैसे आम चुनावों की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे गाँधी परिवार से लेकर कॉन्ग्रेस के परिवार-परस्त बड़े नेता भी RSS को केंद्र बनाकर अपनी स्वामीभक्ति साबित करने में जुट चुकी है। जमीन घोटालों में हर दूसरे दिन ED ऑफिस का चक्कर काट रहे रॉबर्ट वाड्रा के साले राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की फंडिंग के बारे में अपने विचार दिए हैं, जिसका वीडियो उनको हटाना भी पड़ा है।

वैसे तो किसी भी विषय पर राहुल गाँधी के ज्ञान का नमूना वो स्वयं ही समय-समय पर देते रहते हैं, लेकिन आज आरएसएस के बारे में उनका ज्ञान इस बात से शुरू हुआ है, “किसी ने कहा है कि उनके हजारों संस्थान हैं।” हवा में तीर चलाने में राहुल गाँधी अब पारंगत हो चुके हैं। आज के समय में कॉन्ग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी त्रासदी ये है कि उनके सबसे वरिष्ठ और ‘कद्दावर पार्टी अध्यक्ष’ का NDA सरकार को घेरने के लिए सबसे बड़े सबूत फोटोशॉप्ड तस्वीरें और ”किसी ने कहा है” होते हैं।

पहली बात यह है कि राफेल की तरह ही यह बात भी उन्हें ‘किसी से’ पता चली है, उसको खुद इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद भी ये चिरयुवा पार्टी अध्यक्ष अपना अमूल्य, गुप्त ज्ञान देने से रुकता नहीं है। पहला सवाल तो राहुल गाँधी से यही है कि उनकी RSS के बारे में जानकारी कितनी है? क्या उनकी जानकारी बस यहीं तक सीमित है कि आरएसएस में महिलाओं को कोई स्थान नही दिया जाता है, या फिर ये कि उन्होंने किसी लड़की को संघ की शाखा मे शॉर्ट्स पहने नहीं देखा? क्या ये जानकारी भी उनके जैसे ही किसी बुद्धिजीवी ने उन्हें दी है?

अनुभव के सामने आँकड़ों पर बात करना अतार्किक रहता है। मैं अपने अनुभव से कह सकती हूँ, जो मुझे कुछ समय आरएसएस की शाखा में जाने और शिशु मन्दिर, विद्या मन्दिर में अपने अध्ययन के समय प्राप्त हुआ। आरएसएस में मैंने कभी धर्म, जाति जैसे शब्द नहीं सुने, जैसा कि कॉन्ग्रेस नेता और कुछ प्रायोजित बुद्धिजीवी अक्सर कहते सुने जा सकते हैं। मैं और मेरे जैसी कई लड़कियाँ शाखा में समान रूप से गई हैं और हमें उन शाखाओं में कभी भी कुछ ऐसा सुनने या देखने को नहीं मिला जो साम्प्रदायिक सौहार्द से अलग हो।

- विज्ञापन -

राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के पास जो सूचनाएँ आती हैं वो शायद किसी दूसरी आकाशगंगा में बैठे फैक्ट चेक रिपोर्टर्स हैं, जो उन्हें बेहतर महसूस करवाने के लिए उन्हीं की भाषा में 2 शब्द एक्स्ट्रा जोड़कर उन्हें पेश करते हैं।अक्सर इन प्रायोजित सुचना के स्रोतों और मीडिया गिरोहों द्वारा आरएसएस पर धार्मिक प्रचार का आरोप लगाया जाता है, लेकिन इसके क्या आधार हैं ये उन्हें खुद मालुम नहीं है।

क्या आरएसएस को हर दिन निशाना बनाना और उसे साम्प्रदायिक संगठन सिर्फ इसलिए माना जाना चाहिए क्योंकि वह ‘नमस्ते सदावत्सले मातृभूमि’ के उद्घोष करता है? हैरानी की बात है कि आज ही उत्तर प्रदेश में एक सरकारी स्कूल को मदरसे में परिवर्तित किए जाने की सूचना आई है, कभी खबर आती है कि कोई शांतिदूत अध्यापक, जिसके नाम और करतबों में उसका मजहब नहीं ढूँढा जाना चाहिए, बच्चों को अपने धर्मविशेष के अनुसार व्यहार करने के लिए मजबूर करता है।

क्या कभी संघ द्वारा संचालित किसी स्कूल से जबरन धार्मिक आचरण व्यवहार में लाने या साम्प्रदायिक शिक्षा के बढ़ावे जैसी कोई शिकायत मिली हैं? संघ कभी भी, किसी को भी बाध्य नहीं करता है, और यह मैं इसलिए कह सकती हूँ क्योंकि मैंने अपने साथ ही मुस्लिम, सिख लोगों को देखा है, जो संघ के कार्यकर्ताओं के रूप मे अपनी धार्मिक मान्यताओं का अनुसरण करते हैं। मैंने कभी किसी मुस्लिम बच्चे को संघ द्वारा संचालित विद्यालयों में वन्देमातरम गाने के लिए बाध्य करते नहीं देखा है।

कॉन्ग्रेस पार्टी संघ की शिक्षा प्रणाली पर सवाल करती रही है कि वहाँ पर इतिहास को बदल कर पढ़ाया जाता है और BJP की सरकार बनने के बाद उसी शिक्षा को देश में फैलाया जा रहा है। मैं इस बात पर सहमत भी हूँ, इसलिए कि आरएसएस के विद्यालय इतिहास के योद्धाओं यानि शिवाजी, महाराणा प्रताप, विक्रमादित्य, छत्रसाल जैसे शूरवीरों को नायक मानकर इतिहास पड़ते हैं ना कि बर्बर आक्रांता, आतताई मुगलों की स्तुति करते इतिहास को, और कॉन्ग्रेस की आपत्ति शायद सिर्फ इसी एक बात से रही है।

संघ ने देशभक्ति, अपने गौरवपूर्ण इतिहास को जानने की दिशा दी है और यह दिशा निरन्तर बनी रहे, इससे किसको आपत्ति हो सकती है। भारत का सत्य भारत ही है, इसके स्मारक, इसकी धरोहरें और बाहर से आए लुटेरे और उनका महाराणा प्रताप और शिवाजी जैसे वीरों द्वारा दमन ही इसकी वास्तविकता हैं। लेकिन प्रश्न ये है कि कॉन्ग्रेस इस धरोहर पर गौरवान्वित क्यों नहीं महसूस करती है। कॉन्ग्रेस और इसके प्रायोजित बुद्दिजीवी क्यों नहीं सहयोग करते हैं आरएसएस के साथ मिलकर भारत को सामाजिक रूप से जाति, धर्म से रहित बनाने का?

लेकिन कॉन्ग्रेस ऐसा कभी नहीं करेगी। कारण हमेशा की ही तरह स्पष्ट है, कॉन्ग्रेस भारतीय लोकतंत्र के पंथनिरपेक्ष, समाजवादी समाज की समुदाय विशेष की पार्टी है जो इस समुदाय विशेष को वर्षों से अशिक्षित और साधनविहीन रखकर उसके वोट के बल पर सत्ता में बनी रही और अभी भी ऐसा ही चाहती है।

चुनाव का समय आते ही सभी पार्टियाँ अपनी अच्छाइयाँ और दूसरी पार्टी की बुराईयाँ, दोनों का हल्ल्ला काटने लगती हैं। हर पार्टी किसी भी तरह से सत्ता पाना चाहती है और उसके लिए कोशिश करती है। इस अभियान में हम वोटर के रूप में अपना फर्ज निभाते हुए ‘ये अच्छा, ये ज्यादा अच्छा’ के निर्णय में न चाहते हुए भी जुड़ जाते हैं।

बात जब प्रधानमंत्री पद की आती है तो वर्तमान परिदृश्य में दो मुख्य पार्टियों, कॉन्ग्रेस और भाजपा, के उम्मीदवारों पर आकर रुकती है। भाजपा के बारे में बात समझी जा सकती है लेकिन सबसे पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस के पास राहुल गाँधी के अतिरिक्त कोई चेहरा क्यों नही है क्या इस बात का जवाब भी उसे आरएसएस से पूछना चाहिए? ये सवाल इसलिए है कि वह भारत देश के बारे में पूछे जाने पर कहते हैं, “अभी समझने की कोशिश कर रहा हूँ।”

राहुल गाँधी जनसभाओं में कहते हैं, “15 मिनट बोलने दो।” और जब कहने की बारी होती है, तब वो अपनी सरकार की योजनाओं का नाम तक ठीक से नहीं ले पाते हैं। जिस राफेल डील का जिक्र वो बार-बार करते हैं , उसकी कीमत को वह हर जनसभा में लगभग ‘पिछत्तिस’ बार अलग-अलग बताते हैं। NRC पर वह रोहिंग्याओं का पक्ष लेते हैं, तो उनके अनुसार नक्सली ‘बुद्धिजीवी’ हो जाते हैं। डोकलाम पर सरकार को कोसते तो खूब हैं, पर जब पूछा जाता है कि चलिए आपकी इस पर क्या नीति रहेगी? तो जवाब होता है, “मुझे इस विषय की अधिक जानकारी नहीं है।”

पार्टी के युवराज राहुल गाँधी कुछ कह देते हैं, और पूरी पार्टी का नेतृत्व दिग्विजय सिंह से लेकर कपिल सिब्बल तक उनके बचाव में अपना सब समय और पूरी ऊर्जा झोंक देते हैं। आरएसएस पर कॉन्सपिरेसी गढ़ने और नरेंद्र मोदी को फ़ासिस्ट घोषित करने के बजाए कॉन्ग्रेस पार्टी क्यों नहीं इस बात के लिए समय निकालती है कि किसी ऐसे योग्य व्यक्ति को आगे किया जाए, जो सही मायनों में सबसे पुरानी पार्टी को आगे बढ़ाए? यदि परिवार की यह पार्टी और इसके भक्त लोग ‘गाँधी’ मोह को छोड़ सकें, तो अधिक उम्मीद है कि कॉन्ग्रेस वाकई कुछ बेहतर कर पाए। वरना कॉन्ग्रेस का मुद्दा सिर्फ बयानों पर बचाव तक ही सीमित हो जाएगा और संसद में बोलने का समय और कम होता जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अर्चना नौटियाल
शांत पहाड़न

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

युद्ध के हालात लेकिन चीन का प्रचार, आँकड़ों से खेल और फेक न्यूज… आखिर PTI पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा प्रसार भारती

ऐसा मुद्दा जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उस पर निर्णय लेने में देरी करना तर्क पूर्ण नहीं कहा जा सकता। जिस तरह के हालात बने, ऐसे में...

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

अर्जेंटीना: सांसद ने ऑनलाइन सत्र में गर्लफ्रेंड का स्तन चूमा, वीडियो वायरल होने पर दिया इस्तीफा

एक वीडियो वायरल होने के बाद अर्जेंटीना के 47 वर्षीय सांसद जुआन एमिलो एमिरी को संसद के निचले सदन से इस्तीफा देना पड़ा है।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

दिल्ली से बदायूँ लाकर आसिफ ने नेहा को गोली मार दी। फिर पुलिस को बताया कि नेहा को उसके भाई ने ही गोली मारी है, क्योंकि वह शादी से खुश नहीं था।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

केरल में यूट्यूबर विजय पी नायर पर महिला 'एक्टिविस्ट्स' ने हमला किया। उनके चेहरे पर मोटर ऑयल डाल दिया और थप्पड़ मारे।

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए...

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,071FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements