Tuesday, April 13, 2021
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लता मंगेशकर को तो छोड़ दो कॉन्ग्रेसियों, सावरकर की तारीफ़ कर उन्होंने ऐसा क्या गुनाह कर दिया भाई!

"लता मंगेशकर को इतिहास नहीं पता है। लता मंगेश्कर को यह भी नहीं पता होगा कि सावरकर ने महात्मा गाँधी के 'भारत छोड़ो आन्दोलन' का विरोध किया था।"

हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायिका लता मंगेशकर ने वीर सावरकर की प्रशंसा की है, जिसके बाद वह कॉन्ग्रेस के निशाने पर आ गईं। आठ दशकों से हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिया लता मंगेशकर ने कहा कि वीर सावरकर की आलोचना करने वालों को राष्ट्रवाद की समझ नहीं है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि सावरकर राष्ट्र के विभाजन का विचार लेकर आने वाले पहले व्यक्ति थे, जिस पर जिन्ना ने अमल किया और परिणाम स्वरूप भारत दो हिस्सों में बँट गया। सावरकर की आलोचना से आहत लता ने उनकी जयंती पर मंगलवार (मई 29, 2019) को एक ट्वीट के माध्यम से लिखा:

“नमस्कार, आज स्वातंत्र्य वीर सावरकर की जयंती है। मैं इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व को, उनकी देशभक्ति को प्रणाम करती हूँ। आजकल कुछ लोग सावरकर जी के विरोध में बातें करते हैं। वे लोग यह नहीं जानते कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे।”

लता मंगेशकर के इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस ने उनका विरोध किया। मुंबई कॉन्ग्रेस के उपाध्यक्ष चरण सिंह सापरा ने कहा कि लता मंगेशकर को सावरकर के बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं है। पूर्व विधान पार्षद सापरा ने कहा कि लता मंगेश्कर को यह भी नहीं पता होगा कि सावरकर ने महात्मा गाँधी के ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ का विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि सावरकर ने हिन्दुओं को उस आन्दोलन में शामिल न होने के लिए एक ‘फतवा’ भी जारी किया था। कॉन्ग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट चरण ने आगे कहा कि लता मंगेशकर को इतिहास नहीं पता है। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से नाथूराम गोडसे और सावरकर की तुलना भी की। सपरा ने लिखा कि सावरकर उतने ही ‘देशभक्त’ थे, जितने नाथूराम गोडसे थे।

लता मंगेशकर ने एक विडियो शेयर किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सावरकर पर अपने विचार रख रहे हैं। भाजपा की जीत के बाद 23 मई को लता मंगेशकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अलग-अलग ट्वीट कर के बधाई भी दी थी।

वैसे यह पहली बार नहीं है जब मुंबई कॉन्ग्रेस के नेताओं द्वारा भारत रत्न से सम्मानित गायिका लता मंगेशकर को लेकर बुरा-भला कहा गया हो। इससे पहले जब नवम्बर 2013 में लता मंगेशकर ने नरेन्द्र मोदी का समर्थन किया था, तब जनार्दन चांदुरकर ने कहा था कि उनका भारत रत्न पुरस्कार छीन लेना चाहिए। उन्होंने लता मंगेशकर को देशहित में सोचने की सलाह दी थी। नरेन्द्र मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे और लता मंगेशकर ने कहा था कि वह नरेन्द्र मोदी को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। इस पर बौखलाए कॉन्ग्रेस नेता जनार्दन ने कहा था कि लताजी को ‘सांप्रदायिक व्यक्ति’ का समर्थन करना है तो पहले अपना सम्मान वापस करें।

लता मंगेशकर स्वास्थ्य और उम्र की वजह से अब गायिकी में सक्रिय नहीं रहती हैं लेकिन कुछ अवसरों पर ट्विटर के माध्यम से अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं। लता मंगेशकर बताती हैं कि वह इस उम्र (89 वर्ष) में रियाज करना नहीं भूलतीं और युवा गायकों को भी ऐसा करने की सलाह देती हैं। भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के अपने पुराने साथियों, जैसे किशोर कुमार, मोहम्मद रफ़ी इत्यादि के जन्मदिवस पर लता मंगेशकर उनसे जुड़ी यादें शेयर करती रहती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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