Wednesday, July 28, 2021
Homeराजनीतिपटना दफ्तर में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में चले ताबड़तोड़ लात-घूँसे, पूर्व MP को टिकट न...

पटना दफ्तर में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में चले ताबड़तोड़ लात-घूँसे, पूर्व MP को टिकट न मिलने से थे नाराज

कार्यकर्ताओं में टिकट वितरण को लेकर विवाद हुआ था और बढ़ते-बढ़ते बात मारपीट तक आ गई। कुछ नेताओं द्वारा बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया गया। इस तरह से ये भी पता चल रहा है कि में कॉन्ग्रेस की मुश्किलें आसान होने नाम नहीं ले रही हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 की गहमा-गहमी के चलते पूरे देश में चहल-पहल का माहौल है। राजनीतिक बयानबाजी के साथ ही टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी उभरकर सामने आ रही है। कभी कोई अपनी नाराजगी सोशल मीडिया के जरिए व्यक्त कर रहा है, तो कुछ नेता हाथ छोड़कर अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त कर रहे हैं।

इसी तरह की एक निंदनीय घटना बिहार की राजधानी पटना से सामने आई है, जिसमें कॉन्ग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने अपनी नारजगी खुलकर व्यक्त करते हुए एक दूसरे पर जमकर लात-घूसे बरसाए दिए। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं में टिकट वितरण को लेकर विवाद हुआ था और बढ़ते-बढ़ते बात मारपीट तक आ गई। कुछ नेताओं द्वारा बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया गया। इस तरह से ये भी पता चल रहा है कि में कॉन्ग्रेस की मुश्किलें आसान होने नाम नहीं ले रही हैं।

हुआ यूँ कि बिहार की औरंगाबाद सीट से कॉन्ग्रेस सांसद निखिल कुमार ने टिकट की माँग की थी, लेकिन पार्टी ने महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के उपेंद्र प्रसाद को चुनावी मैदान में उतराने का फैसला लिया है। इसी बात को लेकर पटना कॉन्ग्रेस कार्यालय में बैठक के दौरान दोनों नेताओं के समर्थकों में बहस हो गई और बात मारपीट तक आ गई।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बद्रीनाथ नहीं, वो बदरुद्दीन शाह हैं…मुस्लिमों का तीर्थ स्थल’: देवबंदी मौलाना पर उत्तराखंड में FIR, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

मौलाना के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 153ए, 505, और आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत केस किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बयान से हिंदू भावनाएँ आहत हुईं।

बसवराज बोम्मई होंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री: पिता भी थे CM, राजीव गाँधी के जमाने में गवर्नर ने छीन ली थी कुर्सी

बसवराज बोम्मई के पिता एस आर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि बसवराज ने भाजपा 2008 में ज्वाइन की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,576FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe