Tuesday, October 19, 2021
Homeराजनीतिसिर्फ 1 कब्रिस्तान में 96 शव, तो कुल मौतें 73 कैसे: दिल्ली सरकार के...

सिर्फ 1 कब्रिस्तान में 96 शव, तो कुल मौतें 73 कैसे: दिल्ली सरकार के आँकड़ों पर AajTak की रिपोर्ट से उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कब्रिस्तान के रिकॉर्ड बताते हैं कि वहाँ 5 बीघे की जिस जमीन को कोविड-19 के लिए रखा गया है, उसमें संक्रमितों को दफनाने की संख्या 95 हो गई है और जो बॉडी वीडियो में दिख रही है, वह 96वाँ शव है। इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार के डेटा और वास्तविक मौतों के आँकडों में एक बड़ा फर्क नजर आ रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ दिल्ली सरकार का कहना है कि वायरस के कारण मरने वाले 73 लोग हैं। जबकि आजतक की रिपोर्ट के अनुसार केवल आईटीओ स्थित कब्रिस्तान में कोरोना के कारण दफनाए जाने वालों की संख्या 96 गिनी गई है।

आजतक चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में स्वास्थ्य कर्मचारियों को कब्रिस्तान में प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए मृतक को दफनाते देखा जा सकता है।

हम देख सकते हैं कि कैसे सभी स्वास्थ्य कर्मचारी शव को दफनाते हुए हर प्रकार का एहतियात बरत रहे हैं और उन्होंने खुद को बाकायदा पीपीई से कवर भी किया हुआ। इसके अलावा वीडियो में जमीन को खोदने के लिए जेसीबी मशीन भी खड़ी देखी जा सकती है।

मिलन शर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कब्रिस्तान के रिकॉर्ड बताते हैं कि वहाँ 5 बीघे की जिस जमीन को कोविड-19 के लिए रखा गया है, उसमें संक्रमितों को दफनाने की संख्या 95 हो गई है और जो बॉडी वीडियो में दिख रही है, वह 96वाँ शव है। इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार के डेटा और वास्तविक मौतों के आँकडों में एक बड़ा फर्क नजर आ रहा है।

मिलन शर्मा की रिपोर्ट में हम देख सकते हैं कि वे इस बात पर सवाल उठा रही हैं कि जब एक ही कब्रिस्तान में कोविड-19 से मरने वालों का आँकड़ा 96 है। तो फिर पूरी दिल्ली में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 73 कैसे हो सकती है?

गौरतलब है कि इससे पहले दैनिक भास्कर ने भी दिल्ली सरकार के बताए आँकड़ों पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला था कि दिल्ली सरकार ने 2 मई तक कोरोना से मरने वालों की संख्या को 68 बताया। जबकि श्मशान और कब्रिस्तान में अभी तक 300 से अधिक डेडबॉडी पहुँच चुकी है।

इसके अलावा नॉर्थ एमसीडी की स्थायी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश जेपी ने भी दिल्ली सरकार पर राजनीति खेलने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं, अस्पताल में मौतों की संख्या भी इस ओर इशारा करती है कि दिल्ली सरकार जितनी मौतें बता रही है, वे वास्तविक मौतों के आँकड़ों से अलग है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सहिष्णुता और शांति का स्तर ऊँचा कीजिए’: हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर जिस कर्मचारी को Zomato ने निकाला था, उसे CEO ने फिर बहाल...

रेस्टॉरेंट एग्रीगेटर और फ़ूड डिलीवरी कंपनी Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने उस कर्मचारी को फिर से बहाल कर दिया है, जिसे कंपनी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर निकाल दिया था।

बांग्लादेश के हमलावर मुस्लिम हुए ‘अराजक तत्व’, हिंदुओं का प्रदर्शन ‘मुस्लिम रक्षा कवच’: कट्टरपंथियों के बचाव में प्रशांत भूषण

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के नरसंहार पर चुप्पी साधे रखने के कुछ दिनों बाद, अब प्रशांत भूषण ने हमलों को अंजाम देने वाले मुस्लिमों की भूमिका को नजरअंदाज करते हुए पूरे मामले में ही लीपापोती करने उतर आए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,963FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe