Thursday, May 30, 2024
Homeराजनीतिमहिला के साथ मारपीट: AAP विधायक मनोज कुमार को 7 दिन कैद की सजा

महिला के साथ मारपीट: AAP विधायक मनोज कुमार को 7 दिन कैद की सजा

फ़िलहाल अदालत ने मनोज कुमार को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर 30 दिनों के लिए जमानत दे दी है।

आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने 2014 में महिला के साथ मारपीट के जुर्म में 7 दिन कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा, “विधायक एक लोकसेवक हैं, इसलिए यह उनका दायित्व है कि वह उन लोगों से निष्पक्षता और विनम्रता से मिलें जो उनके पास समस्याएँ लेकर आते हैं।”

प्रोबेशन पर छोड़े जाने की अपील ठुकराते हुए अदालत ने कहा कि विधायक को पहले भी एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया है और 3 महीने की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसलिए, इस मामले में निवारण के लिए सजा देना जरूरी है। अदालत ने बताया कि मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 352 के तहत 7 दिनों की साधारण कैद और 500 रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई गई है

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

दोषी द्वारा सजा के खिलाफ अपील किए जाने की बात कहने के बाद अदालत ने मनोज कुमार को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर 30 दिनों के लिए जमानत दे दी।

गौरतलब है कि, 2014 में एक महिला AAP विधायक के पास जलभराव की शिकायत लेकर गई थी। महिला का आरोप था कि विधायक ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट भी की। इससे पहले कोंडली सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में दोषी पाया गया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

बाँटने की राजनीति, बाहरी ताकतों से हाथ मिला कर साजिश, प्रधान को तानाशाह बताना… क्या भारतीय राजनीति के ‘बनराकस’ हैं राहुल गाँधी?

पूरब-पश्चिम में गाँव को बाँटना, बाहरी ताकत से हाथ मिला कर प्रधान के खिलाफ साजिश, शांति समझौते का दिखावा और 'क्रांति' की बात कर अपने चमचों को फसलना - 'पंचायत' के भूषण उर्फ़ 'बनराकस' को देख कर आपको भारत के किस नेता की याद आती है?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -