Homeराजनीतिमहिला के साथ मारपीट: AAP विधायक मनोज कुमार को 7 दिन कैद की सजा

महिला के साथ मारपीट: AAP विधायक मनोज कुमार को 7 दिन कैद की सजा

फ़िलहाल अदालत ने मनोज कुमार को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर 30 दिनों के लिए जमानत दे दी है।

आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने 2014 में महिला के साथ मारपीट के जुर्म में 7 दिन कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा, “विधायक एक लोकसेवक हैं, इसलिए यह उनका दायित्व है कि वह उन लोगों से निष्पक्षता और विनम्रता से मिलें जो उनके पास समस्याएँ लेकर आते हैं।”

प्रोबेशन पर छोड़े जाने की अपील ठुकराते हुए अदालत ने कहा कि विधायक को पहले भी एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया है और 3 महीने की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसलिए, इस मामले में निवारण के लिए सजा देना जरूरी है। अदालत ने बताया कि मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 352 के तहत 7 दिनों की साधारण कैद और 500 रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

दोषी द्वारा सजा के खिलाफ अपील किए जाने की बात कहने के बाद अदालत ने मनोज कुमार को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर 30 दिनों के लिए जमानत दे दी।

गौरतलब है कि, 2014 में एक महिला AAP विधायक के पास जलभराव की शिकायत लेकर गई थी। महिला का आरोप था कि विधायक ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट भी की। इससे पहले कोंडली सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार को 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में दोषी पाया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -