Sunday, December 5, 2021
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‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते तो बिखर जाता देश’: अमित शाह ने दो दशक की उपलब्धियों की दिलाई याद

“1960 के दशक के बाद और 2014 तक लोगों को संदेह था कि क्या बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था सफल हो सकती है। लोग इस बात को लेकर आशंकित थे क्या सिस्टम फेल हो गया था। क्योंकि इससे फलदायी परिणाम नहीं मिले। बड़े धैर्य के साथ उन्होंने निर्णय लिया और पूर्ण बहुमत से पीएम मोदी को सत्ता दी।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (27 अक्टूबर 2021) को दिल्ली में नरेंद्र मोदी को देश का सबसे सफल प्रधानमंत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते तो भारत आज बिखर गया होता। शाह ने यह बयान रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के प्रमुख के रूप में ‘डिलीवरिंग डेमोक्रेसी: नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में दो दशकों की समीक्षा’ विषय पर बात करते हुए दी।

अमित शाह ने कहा कि जब भारत का संविधान लिखा गया था, तब यह तय हुआ था कि भारत एक बहुदलीय लोकतंत्र होगा। लेकिन साल 2014 तक लोगों को चिंता सताने लगी थी कि देश में बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था फेल हो गई है और देश में राम-राज के सपने चकनाचूर हो गए हैं। शाह ने कहा, “1960 के दशक के बाद और 2014 तक लोगों को संदेह था कि क्या बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था सफल हो सकती है। लोग इस बात को लेकर आशंकित थे क्या सिस्टम फेल हो गया था। क्योंकि इससे फलदायी परिणाम नहीं मिले। बड़े धैर्य के साथ उन्होंने निर्णय लिया और पूर्ण बहुमत से पीएम मोदी को सत्ता दी।”

उन्होंने कहा कि मोदी ऐसे समय में प्रधानमंत्री बने हैं जब पिछली सरकार में हर कैबिनेट मंत्री मनमोहन सिंह के पीएम होने के बावजूद खुद को पीएम मानते थे। उन्होंने कहा कि देश के लिए कोई नीति नहीं थी। किसी ने देश की सुरक्षा की बात नहीं की। हर दिन एक नया घोटाला सामने आया।

शाह ने कहा कि यूपीए की सरकार के दौरान नीतियों को पैरालिसिस हो गया था। ऐसा प्रतीत होता था कि किसी भी वक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था ढह जाएगी। उन्होंने 2014 से पहले नरेंद्र मोदी के पीएम उम्मीदवार चुने जाने के दौरान की बात करते हुए कहा, “12 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ था। शायद भारत के लिए सम्मान अपने सबसे निचले स्तर पर था। आंतरिक सुरक्षा पर सवाल थे। ऐसा लग रहा था कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था कभी भी ध्वस्त हो जाएगी। उस समय बीजेपी ने गुजरात के तत्कालीन सीएम को अपना पीएम उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था।”

जब पहली बार गुजरात के सीएम बने मोदी

मोदी के पहली बार गुजरात के सीएम बनने के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि जब बीजेपी ने 2001 में फैसला किया था कि नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम होंगे तो वह एक दुर्लभ क्षण था। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें तब तक प्रशासन चलाने का कोई वास्तविक अनुभव नहीं था। राज्य कच्छ भूकंप के परिणामों सहित विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा था। लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने विकास और पारदर्शिता से काम करते हुए बहुत सारे बदलाव किए।

गुजरात में 24 घंटे बिजली के मुद्दे पर बात करते हुए अमित शाह ने तब के सीएम मोदी का उदाहरण दिया। शाह ने बताया कि राज्य में 24 घंटे बिजली भी दी जा सकती है, लोग इसे असंभव समझ रहे थे, लेकिन कृषि के लिए फीडर लाइनों को घरेलू बिजली कनेक्शन और अन्य सुधारों से अलग करके गुजरात ने 24 घंटे बिजली की उपलब्धता हासिल कर ली थी, जिससे राज्य में व्यवसायों का विकास हुआ था।

इसी तरह राज्य में 67% स्कूल नामांकन थे और ड्रॉपआउट दर 37% थी। मोदी ने राज्य में लिंगानुपात और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम शुरू किया, जिससे अंततः 100% नामांकन दर हासिल की जा सकी। इससे ड्रॉपआउट दर को लगभग शून्य करने के लिए कदम उठाए गए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से गुजरात भारत का पहला राज्य था, जिसने यह सुनिश्चित किया कि आदिवासियों के लिए बजट आवंटन उनकी जनसंख्या के आकार के अनुसार हो। वनबंधु कल्याण योजना के तहत आदिवासियों के लिए ऐसा आनुपातिक बजट आवंटन किया गया था।

नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए सुधारों के बारे में बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि पहले कॉन्ग्रेस के पीएम राजीव गाँधी ने खुद कहा था कि लोक कल्याण पर खर्च किए गए प्रत्येक रुपये में से केवल 15 पैसे लाभार्थियों तक पहुँचे और बाकी 85 पैसे भ्रष्टाचार में चले गए। लेकिन पीएम मोदी ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का उपयोग करके सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को समाप्त किया।

इसी तरह सरकार द्वारा खरीद की प्रक्रिया को GEM पोर्टल के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने परियोजनाओं के पैमाने और आकार को भी बदल दिया। उदाहरण के लिए पहले भी तय हुआ था कि 10,000 लोगों को पक्के घर दिए जाएँगे। पीएम मोदी ने फैसला किया कि 2022 तक सभी को पक्के घर दिए जाएँगे। उन्होंने कहा कि 2 करोड़ लोगों को घर दिया गया है और 15 अगस्त 2022 तक देश के हर गरीब को घर दिया जाएगा।

इसके अलावा भी शाह ने मोदी सरकार द्वारा हर गाँव में बिजली, हर घर में शौचालय आदि परियोजनाओं का भी जिक्र किया।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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