Monday, April 15, 2024
Homeराजनीति1 नवंबर को शपथ ले सकते हैं फडणवीस, ​शिवसेना के सरकार में नहीं होने...

1 नवंबर को शपथ ले सकते हैं फडणवीस, ​शिवसेना के सरकार में नहीं होने के आसार

भाजपा नेताओं का कहना है कि सत्ता में बराबर की भागीदारी को लेकर बात हुई थी, लेकिन 50-50 को ग़लत अर्थ में लेते हुए शिवसेना मुख्यमंत्री पद की माँग कर रही है। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि 50-50 फॉर्मूला वाली उद्धव की माँग पर ख़ुद अमित शाह उनसे बातचीत कर सकते हैं।

महाराष्ट्र में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक आज (अक्टूबर 30, 2019) मुंबई में होगी। बैठक में औपचारिक तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधायक दल का नेता चुने जाने के आसार हैं। बैठक के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी उपध्याक्ष अविनाश राय खन्ना को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि फडणवीस शुक्रवार (नवंबर 1, 2019) को दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। भाजपा सदन में विश्वासमत हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। शिवसेना नेता पोस्टरों के माध्यम से आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बना कर पेश कर रहे हैं, ताकि भाजपा पर दबाव बनाया जा सके। फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की बात को नकारते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान किसी 50-50 फॉर्मूले पर बात नहीं हुई थी।

मुंबई मिरर के सूत्रों के अनुसार, शिवसेना के न मानने की स्थिति भाजपा महाराष्ट्र में अल्पमत की सरकार चला सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि 15 निर्दलीय विधायकों के साथ विधानसभा में फडणवीस के समर्थन में कुल संख्या 120 हो जाएगी। एनसीपी के वॉकआउट के बाद भाजपा विश्वासमत साबित कर देगी और अगले 6 महीने बाद फिर से फ्लोर टेस्ट पास करेगी।

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि 50-50 फॉर्मूला वाली उद्धव की माँग पर ख़ुद अमित शाह उनसे बातचीत कर सकते हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि सत्ता में बराबर की भागीदारी को लेकर बात हुई थी, लेकिन 50-50 को ग़लत अर्थ में लेते हुए शिवसेना मुख्यमंत्री पद की माँग कर रही है। भाजपा संसद संजय काकडे ने दावा किया था कि 45 शिवसेना विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और वो भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करना चाहते हैं। शरद पवार के विपक्ष में बैठे के ऐलान के साथ ही कॉन्ग्रेस द्वारा शिवसेना को साथ लेने की कोशिशों को भी झटका लगा है।

इससे पहले मंगलवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के साथ बैठक रद्द कर दी थी। गौरतलब है कि 288 सीट वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में भाजपा 105 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, वहीं शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी को 54 और कॉन्ग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। ऐसे में सत्ता पर काबिज होने के लिए पर्याप्त बहुमत किसी एक दल के पास नहीं है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केजरीवाल ने कहा- चुनाव प्रचार से रोकने के लिए किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब 29 अप्रैल को सुनेंगे आपकी: ED से माँगा...

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं AAP के नेता अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया।

वादे किए 300+, कैंडिडेट 300 भी नहीं मिले: इतिहास की सबसे कम सीटों पर चुनाव लड़ रही कॉन्ग्रेस, क्या पार्टी के सफाए के बाद...

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा करीब 100 लोकसभा सीटों से होकर गुजरी, इनमें से आधी से अधिक सीटों पर कॉन्ग्रेस का उम्मीदवार ही नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe