Thursday, July 29, 2021
Homeदेश-समाजAFSPA निरस्त करने का सुझाव नहीं दिया, मीडिया ने फैलाई अफवाह: सर्जिकल स्ट्राइक हीरो...

AFSPA निरस्त करने का सुझाव नहीं दिया, मीडिया ने फैलाई अफवाह: सर्जिकल स्ट्राइक हीरो जनरल हुड्डा

मीडिया के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने ही कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का विस्तृत विजन दस्तावेज कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को सौंपा था।

सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा कॉन्ग्रेस से नाराज हैं। डीएस हुड्डा की नाराजगी का कारण कॉन्ग्रेस द्वारा जारी किया गया चुनावी घोषणापत्र है। कॉन्ग्रेस द्वारा अपने घोषणापत्र में AFSPA में बदलाव करने और राष्ट्रद्रोह की धाराओं में संशोधन की बात कही है। मीडिया के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने ही कॉन्ग्रेस के मेनिफेस्टो के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का विस्तृत विजन दस्तावेज कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को सौंपा था।

कॉन्ग्रेस ने कहा था कि ‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की रणनीति’ पर दी गई लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा की इस रिपोर्ट के आधार पर ही कॉन्ग्रेस लोकसभा चुनाव में देश को राष्ट्रीय सुरक्षा का अपना ब्लू प्रिंट देगी। जबकि लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने इस दावे से इंकार किया है। मीडिया द्वारा यह अफवाह चलाई जा रही है कि हुड्डा की इस रिपोर्ट के आधार पर ही कॉन्ग्रेस ने अफ्स्पा हटाने की बात की थी।

जनरल हुड्डा ने कहा, “जहाँ तक मेरी रिपोर्ट का सवाल है, AFSPA का उसमें कोई उल्लेख नहीं है और न ही वहाँ (कश्मीर) घाटी में आवश्यक सैनिकों की संख्या का कोई जिक्र है, क्योंकि मुझे लगता है कि ये ऐसे निर्णय हैं, जो एक व्यापक रणनीति तैयार होने के बाद ही लिए जा सकते हैं।”

एक समाचार चैनल के साथ बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ एक दीर्घकालिक कूटनीतिक लक्ष्य द्वारा ही सफलतापूर्वक लड़ा जा सकता है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को रोक दे। इसलिए, मैंने हमेशा कहा है कि हमें दीर्घकालिक सुसंगत नीति की आवश्यकता है, जिसमें आर्थिक दबाव, राजनयिक के साथ राजनीतिक दबाव और जहाँ आवश्यक हो, सैन्य कार्रवाइयों को अपनाया जा सके।

देश में एक बार फिर आर्मड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) यानि सशस्त्र बल विशेष शक्तियाँ अधिनियम चर्चा में है। कॉन्ग्रेस द्वारा अपने घोषणापत्र में इसमें बदलाव करने और राष्ट्रद्रोह की धाराओं में संशोधन की बात को लेकर देश भर में बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस के इस घोषणापत्र में की गई हवाई बातों को देखते हुए इसे ढकोसलापत्र बताया है।

कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी AFSPA जैसे मामलों को लेकर अचरज में हैं और नाराज भी। उनका मानना है कि घाटी से आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट में बदलाव इतना आसान नहीं है। उनका कहना है कि ऐसा करने से वहाँ तैनात सैनिकों के हाथ बंध जाएँगे और इससे उनका मनोबल भी प्रभावित होगा। पूर्व सैन्य अधिकारीयों का मानना है कि कॉन्ग्रेस द्वारा जारी यह घोषणा केवल राजनीतिक है और वोटरों को लुभाने के लिए इस तरह की बात कही जा रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष एकजुटता पर बात करते हुए कहा, "हम 'सच्चे दिन' देखना चाहते हैं, 'अच्छे दिन' काफी देख लिए।"

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,743FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe