नेहरू के पैर की धूल भी नहीं शिवराज, उन्हें शर्म आनी चाहिए: दिग्विजय सिंह

“मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, देखिए आज कश्मीर जल रहा है। मोदी ने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है।"

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस बयान का पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को अपराधी कहा था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जवाहरलाल नेहरू के पैर की धूल भी नहीं है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से बात करते हुए सोनिया गाँधी के अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के फ़ैसले को सही बताया।

दरअसल, दिग्विजय सिंह रविवार (11 अगस्त) को सीहोर ज़िले के दौरे पहुँचे, जहाँ उन्होंने अनुच्छेद-370 के बारे में बात करते हुए लोगों से कहा,

“मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील करता हूँ कि इस समस्या को जल्दी हल कराइए, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।”

बता दें कि कश्मीर का हवाला देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपराधी बताया। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मीडिया से बात करते हुए शिवराज ने इसकी दो वजहें बताईं। उन्होंने कहा, “जब भारतीय फौज कश्मीर से पाकिस्तानी कबाइलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी वक्त नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया। इस वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में रह गया। यदि कुछ दिन और सीजफायर की घोषणा नहीं होती, तो पूरा कश्मीर भारत का होता।” 

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इसके आगे उन्होंने कहा, “जवाहर लाल नेहरू का दूसरा अपराध अनुच्छेद 370 था। भला एक देश में कैसे दो निशान, दो विधान (संविधान) और दो प्रधान अस्तित्व में हो सकते हैं? यह केवल देश के साथ अन्याय नहीं बल्कि अपराध भी है।” इसी के पलटवार में दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की।

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