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हमारे हवाले करो पाकिस्तान में छिपे बैठे जिहादी, बेहतरी इसी में है: विदेश मंत्री जयशंकर

"रिश्ते कई सालों से मुश्किल मुख्यतः इसलिए हैं क्योंकि पाक ने एक महत्वपूर्ण जिहादी इन्डस्ट्री बना ली है और भारत में हमले करने के लिए दहशतगर्द भेजता रहता है। पाक खुद इस स्थति को नकारता नहीं यही।"

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के खिलाफ मोदी सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा है कि अगर पाक को भारत के साथ रिश्तों में बेहतरी की इतनी ही ज़रूरत है तो रिश्तों की बेहतरी के लिए उसे अपने पास छिपे बैठे जिहाद-आरोपित भारतीयों को हमारे हवाले कर देना चाहिए। उन्होंने यह बात फ्रेंच दैनिक समाचार पत्र ल मोंड के साथ विस्तार से बात करते हुए कही है।

“रिश्ते कई सालों से मुश्किल मुख्यतः इसलिए हैं क्योंकि पाक ने एक महत्वपूर्ण जिहादी इन्डस्ट्री बना ली है और भारत में हमले करने के लिए दहशतगर्द भेजता रहता है। पाक खुद इस स्थति को नकारता नहीं यही।” जयशंकर ने यह बात शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तानी विदेश मंत्री के उस बयान पर प्रतिक्रिया में कही जिसमें कहा गया था कि आज भारत और पाक के कूटनीतिक रिश्ते शून्य के करीब हैं।

“आप ये बताइए कौन सा देश ऐसे पड़ोसी से बातचीत और लेनदेन करना चाहेगा जो उसके खिलाफ आतंकी गतिविधियों में हो… हम कार्रवाई चाहते हैं जो सहयोग की असली इच्छा को प्रदर्शित करे।”

“उदाहरण के तौर पर, पाकिस्तान में ऐसे भारतीय रह रहे हैं जिनकी भारत को आतंकी गतिविधियों के मामले में तलाश है। हम पाकिस्तान से कह रहे हैं कि उन्हें हमारे हवाले कर दो।” उनका इशारा भारत के नंबर 1 वांछित दाऊद इब्राहिम की ओर था, जिसे भारत मुंबई में 1993 के बम धमाकों के मामले में वापिस लाकर सज़ा देना चाहता है।

भारत के राष्ट्रवाद के बारे में जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि भारत के राष्ट्रवाद को पाश्चात्य नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। “हर देश में राष्ट्रवाद की अलग समझ और एक अलग इतिहास होता है। अमेरिका में यह अलग-थलग पड़ने की वकालत का टोन लिए रहता है। एशिया में, कम से कम भारत में, राष्ट्रवाद एक सकारात्मक शब्द है।”

इसके अलावा राष्ट्रवाद और अल्पसंख्यकों के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता देश तय करता है, आस्था, जाति या भाषा नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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